Bareilly News: दिल्ली या मुंबई... कहीं भी मिले बदमाश, मगर खास जगह से गिरफ्तारी दिखाने का ढर्रा बरकरार
बरेली जिले के लगभग हर थाना क्षेत्र में कुछ चुनिंदा प्वाइंट ऐसे हैं, जहां से पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी दिखाती है।
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पुलिस विभाग ने अंग्रेजी शासनकाल की आईपीसी को त्यागकर बीएनएस की नई धाराओं को अपना लिया है। विभाग को अत्याधुनिक संसाधन मुहैया हो गए हैं और तकनीकी दक्ष नई भर्ती के पुलिसकर्मी कंप्यूटर पर फर्राटे से काम कर रहे हैं। बावजूद इसके थानों के मुंशी पुरानी रवायत के हिसाब से ही कामकाज चला रहे हैं। इसका नतीजा ये है कि पुलिस की पकड़ से भागे अपराधी चाहें किसी प्रदेश या शहर से पकड़े जाएं, उनकी गिरफ्तारी मुकदमे से संबंधित थाना क्षेत्र में एक या दो निश्चित जगह से ही होती है।
बरेली जिले के लगभग हर थाना क्षेत्र में कुछ चुनिंदा प्वाइंट ऐसे हैं जहां से पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी दिखाती है। बताया जा रहा है पहले की गिरफ्तारियों में इन खास स्थानों का जिक्र होता है, इसलिए मुंशी और दरोगा नई कहानी बनाने की जगह पुरानी कहानी को ही थोड़ा बहुत बदलकर गिरफ्तारी व बरामदगी दिखा देते हैं। इससे पुलिस के गुडवर्क पर प्रश्नचिह्न लगते हैं, वहीं अदालत में आरोपियों को फायदा मिलने का मौका बना रहता है।
सीसीटीवी के जमाने में गलत गिरफ्तारी दिखाने से नुकसान
शहर की लगभग हर कॉलोनी और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस आधुनिक दौर में भी गिरफ्तारी पुराने तरीके से दिखा रही है। आमतौर पर पुलिस आरोपी को अन्य जगह से गिरफ्तार कर लाती हैं और गिरफ्तारी अपने थाना क्षेत्र के खास स्थानों से दिखाती है। ऐसे में पुलिस गिरफ्तारी करते हुए सीसीटीवी में कैद हो जाती है। अदालत में विचारण के दौरान इस तरह के फुटेज पुलिस की कहानी पर भारी पड़ते हैं और आरोपियों को फायदा मिल जाता है।
इज्जतनगर पुलिस के लिए सहारा मैदान लकी
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में ऐसे कई स्थान हैं जो अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जाने जाते हैं। इनमें सहारा मैदान और विलयधाम चौराहा सबसे खास हैं। फरवरी में सहारा मैदान पर मुठभेड़ में तीन गोतस्कर पकड़े गए। मई में पुलिस की भिड़ंत सहारा मैदान पर लुटेरों से हुई। इसमें स्कूटी सवार दो बदमाश गिरफ्तार हुए। बदायूं निवासी लुटेरे हबीबुल को विलयधाम से गिरफ्तार किया गया।
कोतवाली पुलिस का अखाड़ा बना इस्लामियां मैदान
कोतवाली क्षेत्र स्थित इस्लामिया मैदान अक्सर पुलिस मुठभेड़ को लेकर चर्चा में रहता है। रिकॉर्ड के मुताबिक, जुलाई में तीन टप्पेबाजों से पुलिस की मुठभेड़ इस्लामिया मैदान में बने खंडहर में हुई थी। हालांकि इस्लामिया मैदान काफी व्यस्त रहता है लेकिन पुलिस अक्सर फर्द में लिखती है कि वहां चोरी की बाइक व अन्य सामान छुपा रखा था। इसके अलावा कोतवाली क्षेत्र में कुछ खास स्थान गिरफ्तारी के लिए प्रसिद्ध हैं। कोतवाली पुलिस तस्करों की गिरफ्तारी रेलवे स्टेशन के आसपास करती रही है। इसके अलावा जंक्शन से चौपुला रोड से भी गिरफ्तारी दिखाती है।
कुदेशिया पुल पर होता है प्रेमनगर पुलिस का गुडवर्क
प्रेमनगर पुलिस के गुडवर्क का पुल कुदेशिया पुल से बनता है। अक्सर कुदेशिया पुल के नीचे और पास स्थित आरपीएफ बैरक वाले इलाके से प्रेमनगर पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी दिखाती है। मई में भांग की दुकान की आड़ में अफीम बेचने वाले दो लोगों को आरपीएफ बैरक के पास से गिरफ्तार किया था। दिसंबर 2024 में प्रेमनगर पुलिस लुटेरों से आरपीएफ बैरक के पास मुठभेड़ कर चुकी है। रेलवे में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी भी कुदेशिया पुल से दिखाई थी।
बारादरी के गुडवर्क में 99 बीघा मैदान का रहता जिक्र
बारादरी क्षेत्र में सम्राट अशोकनगर रोड स्थित 99 बीघा मैदान से अक्सर गिरफ्तारी दिखाई जाती है। पुलिस कई तस्करों से इस स्थान पर मुठभेड़ कर चुकी है। पुलिस का बदमाशों से मुकाबला मुचैटा भरतौल हरुनगला रोड पर भी अक्सर होता है। निजी मेडिकल के पीछे वाले रास्ते पर भी पुलिस कई बदमाशों को पकड़ चुकी है। नागपंचमी मेला ग्राउंड और वनखंडीनाथ मंदिर रास्ते से भी बारादरी पुलिस गिरफ्तारी दिखाती है।