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डेलापीर प्रकरणः प्लॉटिंग कर फिर बेचने की थी तैयारी, कोर्ट की गंभीरता से टला मामला

Sat, 13 Feb 2021 12:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2021 12:04 AM IST
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Delapir Case: Preparation to sell again after plotting, court postponed seriously
डेमो - फोटो : डेमो

रामभरोसे धर्मार्थ ट्रस्ट ने भूमि बेचने के लिए एडीएम राजस्व की अदालत में दाखिल किया था प्रत्यावेन

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बरेली। डेलापीर तालाब की जमीन पर कब्जा करने के बाद रामभरोसे लाल धर्मार्थ ट्रस्ट ने वहां की जमीन बेचने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए एडीएम राजस्व की अदालत में प्रत्यावेदन लगाया तो नगर निगम की आपत्ति पर इसे रद्द कर दिया गया, जिससे जमीन की बिक्री रुक गई।
डेलापीर तालाब की जमीन के स्वामित्व को लेकर नगर निगम और रामभरोसे लाल धर्मार्थ ट्रस्ट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। कुछ साल पहले कोर्ट के एक निर्णय के जरिये ट्रस्ट को वहां की जमीन पर कब्जा मिला तो उन्होंने तालाब में प्लाट संख्या 143 डी बताकर चहारदीवारी खड़ी कर दी। इसके बाद वहां प्लॉट काटकर बिक्री की तैयारी कर ली। इसको लेकर ट्रस्ट की ओर से अपर जिलाधिकारी राजस्व की अदालत में प्रत्यावेदन दाखिल कर जमीन बेचने की अनुमति मांगी। इस पर नगर निगम के अधिवक्ता ने इसे गाटा संख्या 133 बताकर नगर निगम की जमीन होने की बात कही। इस संबंध में कोर्ट में दस्तावेज भी पेश किए गए। पिछल महीने पर इस मामले में सुनवाई के दौरान एडीएम राजस्व ने ट्रस्ट का प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि तालाब की सुरक्षित भूमि राज्य सरकार की संपत्ति है। इस पर स्वामित्व और संरक्षण राज्य सरकार का है इसलिए बिक्री की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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स्मार्ट सिटी की तरह ही अन्य निधि से होगा सौंदर्यीकरण

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने डेलापीर के सौंदर्यीरण के लिए 483.04 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया था। इसके तहत डेलापीर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रैफिक जंक्शन, सड़क चौड़ीकरण, नॉन मोटराइज ट्रैक और सौंदर्यीकरण बनाने की योजना थी। पहले चरण में 7.75 करोड़ रुपये से नॉन मोटराइज ट्रैक, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य होना था लेकिन डेलापीर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से बाहर हुआ तो यह प्रोजेक्ट भी लटक गया। कलक्ट्रेट अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस प्रोजेक्ट की काफी सराहना की थी। उन्होंने नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को निर्देश दिए कि डेलापीर तालाब पर कब्जा लेने के बाद किसी अन्य मद से स्मार्ट सिटी के तहत बनाए प्रोजेक्ट की तरह ही वहां का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
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