{"_id":"5e512c278ebc3ef3b3043b77","slug":"deepak-massacre-two-families-escaped-due-to-threat-of-murderers-bareilly-news-bly3968786104","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपक हत्याकांड: हत्यारोपियों की धमकी से सहमे दो परिवार कर गए पलायन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपक हत्याकांड: हत्यारोपियों की धमकी से सहमे दो परिवार कर गए पलायन
Sun, 23 Feb 2020 02:20 AM IST
बरेली ब्यूरो
बरेली, संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली, संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 02:20 AM IST
विज्ञापन
दबंगों से डरकर गांव छोड़कर जाता परिवार।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर के सारे सामान के साथ पशु भी ले गए साथ
विज्ञापन
सीओ बोले- अपनी मर्जी से गए हैं परिवार वाले
बिशारतगंज। साल भर पहले होली पर हुई गांव दसीपुर के दीपक की हत्या के आरोपियों की धमकी से सहमे दो परिवार शुक्रवार को अपने पशुओं समेत गांव से पलायन कर गए। आरोप लगाया कि जेल से जमानत पर छूटे आरोपी उन पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। पलायन की खबर पुलिस के अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। एसएसपी ने सीओ से जांच कराई। सीओ का कहना है कि परिवार वाले अपनी मर्जी से दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं।
गांव दसीपुर निवासी विक्रम सिंह यादव का 15 वर्षीय पुत्र दीपक यादव पिछले साल होली पर लापता हो गया था। अगले दिन विक्रम ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 23 मार्च को दीपक का शव गांव के पास खेत में मिला। पुलिस ने अज्ञात में हत्या का मामला दर्ज कर लिया। अगले दिन विक्रम ने पुलिस को गांव निवासी होमगार्ड नन्हे यादव के पुत्र कुलदीप और विजनेस के अलावा गांव के ही तेजपाल पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। 20 जून को पुलिस ने दीपक की हत्याकांड का खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग में हत्या होने वजह बताई। पुलिस ने होमगार्ड के बेटे कुलदीप और विजनेस को जेल भेज दिया। बाकी दो आरोपी नंदन और सत्यवीर 26 जून को कोर्ट में हाजिर हो गए। छह जुलाई को पुलिस ने नंदन और सत्यवीर को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अंगोछा बरामद कर लिया। नवंबर तक सभी आरोपी जमानत पर बाहर आ गए।
विज्ञापन
दीपक के पिता विक्रम ने आरोप लगाया कि जमानत पर छूटने के बाद से आरोपी पक्ष लगातार फैसले का दबाव बना रहा है। रास्ता घेरने के अलावा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को ही संरक्षण दे रही है, इसलिए वह और उनके परिवार के त्रिमल पत्नी-बच्चों के साथ गांव से पलायन कर रहे हैं। दोनों परिवारों के 22 सदस्य अपने पशुओं के अलावा घर का सारा सामान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीओ ने गांव में डेरा डाला, एसएसपी को दी रिपोर्ट
एसएसपी के निर्देश पर आंवला सीओ रामप्रकाश और प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने गांव में डेरा डाल दिया। पलायन करके गए विक्रम और त्रिमल यादव के गांव में रह गए कुनबे के बाकी लोगों और ग्रामीणों से पलायन के बारे में बात की। इसके बाद शुक्रवार शाम एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी। सीओ ने बताया कि बताया कि दीपक हत्याकांड में सभी चार आरोपियों को जेल भेजा गया था। नवंबर से वे लोग जमानत पर हैं। दीपक के पिता विक्रम गांव के स्थायी निवासी नहीं हैं। वह अलीगंज से यहां आकर बसे थे। घटना के बाद विक्रम ने बरेली में लाल फाटक के पास जमीन लेकर मकान बनवा लिया था। वह इच्छा से ही अपने नए मकान में गए हैं। वहीं, इनके परिवार के त्रिमल का अपने भाई उल्फत से जमीन का विवाद चल रहा है। झगड़े से बचने के लिए त्रिमल अपनी रिश्तेदारी में शिफ्ट होने का मन बनाया है।
दसीपुर से दो परिवारों के पलायन की सूचना मिली थी, जो जांच में गलत पाई गई है। एक परिवार स्वेच्छा से शहर में बनाए अपने नए घर में शिफ्ट हुआ है। दूसरे परिवार का भाई से जमीन के बंटवारे का विवाद है, वह परिवार अभी गांव में ही है। आरोपी जमानत पर छूटे हैं, लेकिन उनकी वजह से गांव में कोई समस्या नहीं है। उन पर पुलिस नजर भी रख रही है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
विज्ञापन
सीओ बोले- अपनी मर्जी से गए हैं परिवार वाले बिशारतगंज। साल भर पहले होली पर हुई गांव दसीपुर के दीपक की हत्या के आरोपियों की धमकी से सहमे दो परिवार शुक्रवार को अपने पशुओं समेत गांव से पलायन कर गए। आरोप लगाया कि जेल से जमानत पर छूटे आरोपी उन पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। पलायन की खबर पुलिस के अधिकारियों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। एसएसपी ने सीओ से जांच कराई। सीओ का कहना है कि परिवार वाले अपनी मर्जी से दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं।
गांव दसीपुर निवासी विक्रम सिंह यादव का 15 वर्षीय पुत्र दीपक यादव पिछले साल होली पर लापता हो गया था। अगले दिन विक्रम ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 23 मार्च को दीपक का शव गांव के पास खेत में मिला। पुलिस ने अज्ञात में हत्या का मामला दर्ज कर लिया। अगले दिन विक्रम ने पुलिस को गांव निवासी होमगार्ड नन्हे यादव के पुत्र कुलदीप और विजनेस के अलावा गांव के ही तेजपाल पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। 20 जून को पुलिस ने दीपक की हत्याकांड का खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग में हत्या होने वजह बताई। पुलिस ने होमगार्ड के बेटे कुलदीप और विजनेस को जेल भेज दिया। बाकी दो आरोपी नंदन और सत्यवीर 26 जून को कोर्ट में हाजिर हो गए। छह जुलाई को पुलिस ने नंदन और सत्यवीर को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त अंगोछा बरामद कर लिया। नवंबर तक सभी आरोपी जमानत पर बाहर आ गए।
विज्ञापन
दीपक के पिता विक्रम ने आरोप लगाया कि जमानत पर छूटने के बाद से आरोपी पक्ष लगातार फैसले का दबाव बना रहा है। रास्ता घेरने के अलावा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों को ही संरक्षण दे रही है, इसलिए वह और उनके परिवार के त्रिमल पत्नी-बच्चों के साथ गांव से पलायन कर रहे हैं। दोनों परिवारों के 22 सदस्य अपने पशुओं के अलावा घर का सारा सामान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर ले गए।
विज्ञापन
सीओ ने गांव में डेरा डाला, एसएसपी को दी रिपोर्ट
एसएसपी के निर्देश पर आंवला सीओ रामप्रकाश और प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने गांव में डेरा डाल दिया। पलायन करके गए विक्रम और त्रिमल यादव के गांव में रह गए कुनबे के बाकी लोगों और ग्रामीणों से पलायन के बारे में बात की। इसके बाद शुक्रवार शाम एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी। सीओ ने बताया कि बताया कि दीपक हत्याकांड में सभी चार आरोपियों को जेल भेजा गया था। नवंबर से वे लोग जमानत पर हैं। दीपक के पिता विक्रम गांव के स्थायी निवासी नहीं हैं। वह अलीगंज से यहां आकर बसे थे। घटना के बाद विक्रम ने बरेली में लाल फाटक के पास जमीन लेकर मकान बनवा लिया था। वह इच्छा से ही अपने नए मकान में गए हैं। वहीं, इनके परिवार के त्रिमल का अपने भाई उल्फत से जमीन का विवाद चल रहा है। झगड़े से बचने के लिए त्रिमल अपनी रिश्तेदारी में शिफ्ट होने का मन बनाया है।दसीपुर से दो परिवारों के पलायन की सूचना मिली थी, जो जांच में गलत पाई गई है। एक परिवार स्वेच्छा से शहर में बनाए अपने नए घर में शिफ्ट हुआ है। दूसरे परिवार का भाई से जमीन के बंटवारे का विवाद है, वह परिवार अभी गांव में ही है। आरोपी जमानत पर छूटे हैं, लेकिन उनकी वजह से गांव में कोई समस्या नहीं है। उन पर पुलिस नजर भी रख रही है। - शैलेश पांडेय, एसएसपी