बेटी की शादी से पहले पिता ने दी जान: मई में बिटिया की आएगी बरात, नहीं हो पाया था रुपयों का इंतजाम
शाहजहांपुर के कांट क्षेत्र में मंगलवार को एक किसान का शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक मई में बेटी की शादी है। इसके लिए रुपयों का इंतजाम नहीं हो पाने से किसान परेशान था। उस पर बैंक का कर्ज भी था।
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शाहजहांपुर के कांट क्षेत्र में गांव कमलनैनपुर निवासी रामआसरे (56) ने फंदे से लटककर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक, मई में होने वाली बेटी की शादी के लिए धन की व्यवस्था न होने से वह परेशान थे। उन पर बैंक का कर्ज भी था।
रामआसरे के पास पांच बीघा जमीन थी। वह खेती करने के साथ ही ऑटो चलाते थे। सोमवार शाम परिवार के लोग खेत पर चले गए, तब वह घर से निकल गए। रातभर घर नहीं लौटे। सुबह करीब सात बजे उनका शव गांव के बाहर आम के पेड़ में रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। सीओ सदर अमित चौरसिया व थाना प्रभारी दयाशंकर ने मौका-मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए।
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परिजनों ने बताया कि रामआसरे ने अपनी बेटी की शादी जलालाबाद में तय की थी। मई में शादी होनी थी। रुपयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था। बैंक से लिए एक लाख 40 हजार रुपये के फसली ऋण की किस्त अदा नहीं करने के चलते नोटिस भी आ चुका था।
सामूहिक विवाह योजना में नहीं आया था नाम
परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था। उसमें नाम नहीं आ सका था। हालांकि, नाम न आने का कारण उन्हें नहीं पता। रामआसरे अपने पीछे बेटी मोना, महिमा, संजना और काव्या व एक बेटा शिवांशु को छोड़ गए हैं।
सीओ सदर अमित चौरसिया ने बताया कि रामआसरे पर बैंक का कर्ज होने की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया।