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Bareilly News: 12 घंटे बाद मिला दूसरे ग्रामीण का शव, मूर्ति विसर्जन के दौरान रामगंगा में डूब गए थे दो लोग
Wed, 11 Sep 2024 03:56 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 11 Sep 2024 03:56 PM IST
सार
बरेली के रामगंगा के चौबारी घाट पर मंगलवार को पांच लोग नदी में बह गए थे। इनमें से तीन लोगों को बचा लिया गया। दो की मौत हो गई। एक युवक का शव मंगलवार को ही निकाल लिया गया था। दूसरे ग्रामीण का शव बुधवार को नदी में उतराता मिला।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार को रामगंगा के चौबारी घाट पर भोजीपुरा के पीपलसाना चौधरी के पांच लोग डूब गए थे। इनमें से दो की मौत हो गई। दूसरे ग्रामीण का शव बुधवार सुबह दस बजे नदी में उतराता मिल गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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भोजीपुरा के पीपलसाना चौधरी गांव से 200 लोगों का जत्था गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए रामगंगा के चौबारी घाट पर पहुंचा था। विसर्जन के दौरान पांच लोग गहरे पानी में चले गए। इनमें पीपलसाना चौधरी गांव के दुर्गा मंदिर के पुजारी विनोद पांडेय के बेटे रत्नेश पांडेय व शत्रुघ्न पांडेय के अलावा मुनीश, रामस्वरूप व शिवा (22) बह गए।
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इसमें रत्नेश, शत्रुघ्न व मुनीश को समय रहते निकाल लिया गया। शिवा की डूबने से मौत हो गई, उसे थोड़ी देर बाद निकाला जा सका। वही गांव निवासी 48 वर्षीय रामेश्वर दयाल उर्फ गुड्डू रामगंगा में डूबने के बाद से लापता हो गए थे। बुधवार सुबह से फिर गोताखोर उसकी तलाश में जुट गए थे। उसका शव रामगंगा में उतराता हुआ मिल गया।
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पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
गोताखोरों को शव दिखाई दिया तो उन्होंने उसे बाहर निकालने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को निकाले गए तीनों युवकों का इलाज बदायूं रोड स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। रामस्वरूप की पत्नी सरोज का रो रोकर बुरा हाल है। उसके तीन बच्चे हैं। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।
गोताखोरों को शव दिखाई दिया तो उन्होंने उसे बाहर निकालने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को निकाले गए तीनों युवकों का इलाज बदायूं रोड स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। रामस्वरूप की पत्नी सरोज का रो रोकर बुरा हाल है। उसके तीन बच्चे हैं। वह खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।