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पोस्टमार्टम को रखे रहे शव, नहीं पहुंचे डॉक्टर, तीन को नोटिस
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बदायूं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार रात काफी देर तक फंसा रहा। दरअसल, इनके पोस्टमार्टम के लिए द्वितीय सलाहकार की जरूरत थी, लेकिन बार-बार कॉल करने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे डॉक्टर को बुलाया गया।
स्वास्थ्य विभाग में पोस्टमार्टम जैसी अति आकस्मिक चिकित्सा सेवा के मद्देनजर डॉक्टरों की ड्यूटी पहले से ही तय कर दी जाती है। इन डॉक्टरों को 24 घंटे मोबाइल चालू रखने के भी निर्देश होते हैं। सोमवार रात राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता के शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। द्वितीय सलाहकार डॉक्टर के रूप में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. जीके गुप्ता, ककराला के चिकित्साधिकारी डॉ. भुवनेश कुमार और उझानी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार को कई बार कॉल की, लेकिन यह लोग पोस्टमार्टम के लिए नहीं आए।
किसी ने कॉल रिसीव नहीं की या फिर मोबाइल ऑफ कर लिए। ऐसे में दूसरे सलाहकार के रूप में अन्य डॉक्टर की सेवा लेकर रात में ही पोस्टमार्टम कराए गए। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने तीनों डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। यह भी चेतावनी दी है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि पोस्टमार्टम जैसी अति आकस्मिक ड्यूटी में लापरवाही के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग में पोस्टमार्टम जैसी अति आकस्मिक चिकित्सा सेवा के मद्देनजर डॉक्टरों की ड्यूटी पहले से ही तय कर दी जाती है। इन डॉक्टरों को 24 घंटे मोबाइल चालू रखने के भी निर्देश होते हैं। सोमवार रात राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और पत्नी शारदा गुप्ता के शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। द्वितीय सलाहकार डॉक्टर के रूप में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. जीके गुप्ता, ककराला के चिकित्साधिकारी डॉ. भुवनेश कुमार और उझानी के चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार को कई बार कॉल की, लेकिन यह लोग पोस्टमार्टम के लिए नहीं आए।
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किसी ने कॉल रिसीव नहीं की या फिर मोबाइल ऑफ कर लिए। ऐसे में दूसरे सलाहकार के रूप में अन्य डॉक्टर की सेवा लेकर रात में ही पोस्टमार्टम कराए गए। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने तीनों डॉक्टरों को नोटिस जारी करते हुए दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। यह भी चेतावनी दी है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि पोस्टमार्टम जैसी अति आकस्मिक ड्यूटी में लापरवाही के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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