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डीसीएम की टक्कर से दो भाइयों की मौत
बरेली
Updated Thu, 03 Dec 2015 01:50 AM IST
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आंवला। बाइक की सर्विस कराके नगर से अपने गांव मऊचंदपुर लौट रहे दो भाइयों की डीसीएम की टक्कर से मौत हो गई। बाइक डीसीएम के बंपर में फंस कर काफी दूर तक घिसटती चली गई। सड़क पर रगड़ने से उसमें आग लग गई। हादसे से घर में कोहराम मचा है।
गांव मऊचंदपुर निवासी 28 वर्षीय शिवकुमार वर्मा 25 वर्षीय अपने छोटे भाई सतीश के साथ बाइक की सर्विस कराकर शाम करीब छह बजे घर लौट रहे थे। गांव फुंदननगर के पास पीछे से आ रही डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक डीसीएम के बंपर में फंस गई और दूर तक घिसटती चली गई। सड़क पर रगड़ने से उसमें आग लग गई। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक में आग लगने से पीठे बैठे सतीश बुरी तरह धझुलस भी गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शिवकुमार ने इलाज के लिए बरेली ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। शिवकुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। सतीश की शादी एक साल पहले ही हुई थी। हादसे के बाद ड्राइवर डीसीएम लेकर भाग गया।
बेटे की सलामती की दुआ मांगता रहा पिता
हादसे में एक बेटे की मौत और दूसरे के घायल होने की खबर मिली तो उम्रदराज इंद्रपाल बेसुध हो गए। होश आया तो वह अपने घायल बेटे की सलामती की दुआ करने लगे। फोन पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी हादसे की खबर देते हुए यही बता रहे थे कि बड़ा बेटा घायल है लेकिन बच जाएगा। उन्हें क्या पता था कि वह भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देगा। इंद्रपाल वर्मा के पांच बेटों में सबसे बड़े शिवकुमार फर्रुखाबाद के कायमगंज इलाके में फेरी लगाकर साड़ी बेचते थे। काम अच्छा चल निकला तो उन्होंने छोटे भाई को सतीश को भी अपने पास बुलाकर धंधे में लगा लिया था। दीपावली पर दोनों घर आए थे। खेतों में गेहूं की बुवाई कराने की वजह से रुक गए थे।
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गांव मऊचंदपुर निवासी 28 वर्षीय शिवकुमार वर्मा 25 वर्षीय अपने छोटे भाई सतीश के साथ बाइक की सर्विस कराकर शाम करीब छह बजे घर लौट रहे थे। गांव फुंदननगर के पास पीछे से आ रही डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक डीसीएम के बंपर में फंस गई और दूर तक घिसटती चली गई। सड़क पर रगड़ने से उसमें आग लग गई। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक में आग लगने से पीठे बैठे सतीश बुरी तरह धझुलस भी गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शिवकुमार ने इलाज के लिए बरेली ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। शिवकुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। सतीश की शादी एक साल पहले ही हुई थी। हादसे के बाद ड्राइवर डीसीएम लेकर भाग गया।
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बेटे की सलामती की दुआ मांगता रहा पिता
हादसे में एक बेटे की मौत और दूसरे के घायल होने की खबर मिली तो उम्रदराज इंद्रपाल बेसुध हो गए। होश आया तो वह अपने घायल बेटे की सलामती की दुआ करने लगे। फोन पर अपने परिचितों और रिश्तेदारों को भी हादसे की खबर देते हुए यही बता रहे थे कि बड़ा बेटा घायल है लेकिन बच जाएगा। उन्हें क्या पता था कि वह भी अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देगा। इंद्रपाल वर्मा के पांच बेटों में सबसे बड़े शिवकुमार फर्रुखाबाद के कायमगंज इलाके में फेरी लगाकर साड़ी बेचते थे। काम अच्छा चल निकला तो उन्होंने छोटे भाई को सतीश को भी अपने पास बुलाकर धंधे में लगा लिया था। दीपावली पर दोनों घर आए थे। खेतों में गेहूं की बुवाई कराने की वजह से रुक गए थे।
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