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Bareilly News: लंपी का खतरा बरकरार, 2.34 लाख पशु, वैक्सीनेशन सिर्फ 52 हजार

Wed, 13 Sep 2023 01:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 01:57 AM IST
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Danger of Lumpi continues, 2.34 lakh animals, vaccination only 52 thousand
बरेली। पशुओं पर लंपी वायरस का खतरा मंडरा रहा है। जिले के लिए तीन लाख वैक्सीन चाहिए, लेकिन मिलीं सिर्फ 52 हजार। इसमें से 50 हजार डोज लगा दी गईं। अब वैक्सीन का संकट है। रिजर्व में सिर्फ दो हजार डोज शेष हैं। गनीमत है कि इस साल अभी तक लंपी का एक भी केस रिकाॅर्ड नहीं हुआ है। यदि वायरस का हमला हुआ तो पशुओं की जान खतरे में पड़ जाएगी। जुलाई 2022 में 523 पशु लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से पीड़ित पाए गए थे। छह पशुओं की मौत भी हो गई थी। जिले में 2.34 लाख गोवंशीय पशु हैं। सभी को गोट पॉक्स वैक्सीन लगाई जानी है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मेघ श्याम ने वैक्सीन की 1.80 लाख डोज के लिए निदेशक पशुपालन को पत्र भेजा है।
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कोट
गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित 10 हजार गोवंशीय पशुओं को वैक्सीन लगा दी गई है। 40 हजार डोज अन्य गोवंशीय पशुओं को लगाई गई है। दो हजार डोज रिजर्व में रखी गई हैं। किसी गांव में लंपी का केस सामने आता है तो पांच किमी के दायरे में गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण कराया जाएगा। - डॉ. मेघश्याम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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एलएसडी के लक्षण

एलएसडी विषाणुजनित रोग है। पीड़ित पशु को तेज बुखार आता है। आंख-नाक से पानी निकलने लगता है। शरीर में गांठें बनने लगती हैं। गांठों में अल्सर हो जाता है और आसपास जो स्वस्थ पशु होते हैं उनमें संक्रमण का खतरा पैदा हो जाता है। कई मामलों में पशु की मौत भी हो जाती है।
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बचाव के उपाय
लंपी पीड़ित पशु दिखे तो निकटतम पशु चिकित्साधिकारी को सूचित करें। पीड़ित पशु को स्वस्थ पशुओं से दूर रखें। उसे इधर-उधर घूमने न दें। पशुशालाओं में फिनायल का छिड़काव कराएं। अगर ऐसे किसी पशु का दूध लेते हैं तो उबालकर पीएं।
पशुओं की जांच के बाद ही गोशाला में प्रवेश
लंपी बीमारी से बचाव के लिए कान्हा गोशाला में व्यवस्थाएं और बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के सीवीओ डॉ. आदित्य तिवारी ने बताया कि कान्हा गोशाला में आने वाले पशुओं की जांच के बाद ही उन्हें गोशाला में लिया जा रहा है ताकि बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखा जा सके।


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घर बैठे करें गो सेवा, चारे के लिए दें योगदान
फोटो
पशुधन मंत्री की पहल, आंवला में घूमकर जुटाए 7.20 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोवंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए पहल की है। मंगलवार को उन्होंने सांसद धर्मेंद्र कश्यप के साथ आंवला क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर लोगों को गो-आश्रय स्थलों में रहने वाली गायों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया। एक गाय को गोद लेने पर एक साल तक उसके चारे की व्यवस्था के लिए 12 हजार रुपये जमा कराने होंगे। उनकी पहल पर 60 लोग आगे आए। योजना के तहत 7.20 लाख रुपये एकत्र कर मुख्य विकास अधिकारी जगप्रवेश को सौंपे गए। यह राशि गो-आश्रय स्थलों पर खर्च की जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मेघश्याम ने बताया कि जिला स्तर पर डीएम और सीवीओ के संयुक्त हस्ताक्षर से खाता खोला गया है। इसमें 24 लाख रुपये पहले से जमा हैं। अब 7.20 लाख रुपये और जुड़ गए हैं। गो-आश्रय स्थलों में जरूरी व्यवस्था कराने और पशुओं के भरण-पोषण के लिए इस राशि को व्यय किया जाएगा।
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