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Bareilly News: कोहरे में खतरा...सड़क पर मशीनें खड़ी कर निर्माण सामग्री डाली, रेडियमयुक्त संकेतक गायब
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बरेली। जिले की निर्माणदायी संस्थाओं के जिम्मेदार कोहरे में सड़क पर हादसों को न्योता दे रहे हैं। विभिन्न मार्गों पर निर्माण कार्यों के लिए खतरे भरे गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन निर्माण स्थलों पर हादसे रोकने के लिए रेडियमयुक्त संकेतक नहीं लगाए गए। ऐसे में हादसों का लगातार डर बना हुआ है।
बुधवार की रात कोहरे के दौरान अमर उजाला की टीम ने 10:30 से 11:20 बजे तक प्रमुख मार्गों का दौरा किया तो ये हकीकत सामने आई। सड़क सुरक्षा का कई जगह मखौल उड़ते मिला। पांच स्थानों पर जल निगम ने नगरीय सीवर लाइन की खोदाई कराई है। यहां खोदाई के स्थलों पर निर्माण सामग्री सड़क पर बिखरी थी। मशीनें खड़ी थीं और चौतरफा अंधेरा था। आसपास रोशनी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। स्थिति ये है कि अगर आप खुद संभलकर न चल रहे हों तो हादसे का शिकार हो सकते हैं।
श्यामगंज से सेटेलाइट मार्ग पर ईसाइयों की पुलिया पर जल निगम की नगरीय शाखा सीवर लाइन की नई लाइन को पुरानी लाइन से कनेक्ट करने के लिए तीन दिन पहले खोदाई कर चुकी है। मुख्य मार्ग पर एक मशीन के साथ निर्माण सामग्री पड़ी है। पाइप और लोहे के एंगिल भी सड़क पर पड़े हैं। कोहरे में हालत यह है कि पांच फुट दूरी से भी पाइप और एंगिल नजर नहीं आते। राहगीर गिरकर चोट खा रहे हैं।
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गांधी उद्यान चौराहा से बरेली क्लब मार्ग पर कोने में जल निगम 15 दिन से खोदाई करा रहा है। बेरिकेडिंग की गई है। एक बोर्ड भी लगा है जिसमें सावधान रहने का संदेश है, लेकिन रेडियमयुक्त संकेतक नहीं है। इसकी वजह से सावधान करने वाला बोर्ड कोहरे में दूरी से भी नजर नहीं आता। अगर आप सड़क को ठीक समझकर पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं तो बोर्ड से टकराकर गड्ढे में गिर सकते हैं। इसलिए जब तक अफसर नहीं चेत रहे तब तक आप खुद सतर्क होकर चलिए।
चौकी चौराहे पर 24 घंटे वाहन गुजरते हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर मुख्य मार्ग पर एक हिस्से में जल निगम ने खोदाई कराई है लेकिन बेरिकेडिंग पूरी नहीं है। हादसे रोकने के लिए एहतियाती उपाय नहीं है। सड़क चौड़ी है, इसलिए लोग बगल से निकल जाते हैं लेकिन अगर वाहन अधिक हों और स्ट्रीट लाइट किसी वजह से गुल हो जाए तो हादसा हो सकता है।
चौपुला चौराहे पर 20 दिन से जल निगम काम करा रहा है लेकिन कोहरे के दौरान हादसे रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। पुल के ठीक नीचे सड़क पर क्रेन खड़ी है, जो अंधेरे में दूर से दिखती नहीं है। करीब आने पर कई वाहन टकराने से बचे हैं। वहीं पर खोदाई हो रही है। उसमें भी आधी अधूरी बेरिकेडिंग है।
चौपुला से जिला पंंचायत की ओर गए मार्ग पर कोने में आठ फुट गहरा गड्ढा है। बेरिकेडिंग अधूरी है। कोई भी वाहन गिर सकता है लेकिन आसपास दुकानों की रोशनी का फिलहाल सहारा है। निर्माण कर रही फर्म ने कोई उपाय नहीं किया। पास में ही एक गड्ढे को बंद करने के स्थान कोई लकड़ी रख दी गई है जबकि किसी भी गड्ढे के चारों ओर ऐसी बेरिकेडिंग होनी चाहिए जिससे कोई चोट न खाने पाए।
गांधी उद्यान, चौपुला चौराहा के नीचे, चौकी चौराहा और ईसाइयों की पुलिया पर जल निगम की ओर से सीवर लाइन का कार्य कराया जा रहा है। बेरिकेडिंग तो कराई गई है लेकिन अगर कहीं पर ठेकेदार ने बेरिकेडिंग अधूरी कराई है और सड़क सुरक्षा के उपायों को नहीं अपनाया है तो हम चेक कराएंगे। रेडियम युक्त साइन बोर्ड लगवाएंगे ताकि कोई हादसा न होने पाए।-अरुण प्रताप सिंह, अभियंता, जल निगम
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बुधवार की रात कोहरे के दौरान अमर उजाला की टीम ने 10:30 से 11:20 बजे तक प्रमुख मार्गों का दौरा किया तो ये हकीकत सामने आई। सड़क सुरक्षा का कई जगह मखौल उड़ते मिला। पांच स्थानों पर जल निगम ने नगरीय सीवर लाइन की खोदाई कराई है। यहां खोदाई के स्थलों पर निर्माण सामग्री सड़क पर बिखरी थी। मशीनें खड़ी थीं और चौतरफा अंधेरा था। आसपास रोशनी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। स्थिति ये है कि अगर आप खुद संभलकर न चल रहे हों तो हादसे का शिकार हो सकते हैं।
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श्यामगंज से सेटेलाइट मार्ग पर ईसाइयों की पुलिया पर जल निगम की नगरीय शाखा सीवर लाइन की नई लाइन को पुरानी लाइन से कनेक्ट करने के लिए तीन दिन पहले खोदाई कर चुकी है। मुख्य मार्ग पर एक मशीन के साथ निर्माण सामग्री पड़ी है। पाइप और लोहे के एंगिल भी सड़क पर पड़े हैं। कोहरे में हालत यह है कि पांच फुट दूरी से भी पाइप और एंगिल नजर नहीं आते। राहगीर गिरकर चोट खा रहे हैं।
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गांधी उद्यान चौराहा से बरेली क्लब मार्ग पर कोने में जल निगम 15 दिन से खोदाई करा रहा है। बेरिकेडिंग की गई है। एक बोर्ड भी लगा है जिसमें सावधान रहने का संदेश है, लेकिन रेडियमयुक्त संकेतक नहीं है। इसकी वजह से सावधान करने वाला बोर्ड कोहरे में दूरी से भी नजर नहीं आता। अगर आप सड़क को ठीक समझकर पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं तो बोर्ड से टकराकर गड्ढे में गिर सकते हैं। इसलिए जब तक अफसर नहीं चेत रहे तब तक आप खुद सतर्क होकर चलिए।
चौकी चौराहे पर 24 घंटे वाहन गुजरते हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर मुख्य मार्ग पर एक हिस्से में जल निगम ने खोदाई कराई है लेकिन बेरिकेडिंग पूरी नहीं है। हादसे रोकने के लिए एहतियाती उपाय नहीं है। सड़क चौड़ी है, इसलिए लोग बगल से निकल जाते हैं लेकिन अगर वाहन अधिक हों और स्ट्रीट लाइट किसी वजह से गुल हो जाए तो हादसा हो सकता है।
चौपुला चौराहे पर 20 दिन से जल निगम काम करा रहा है लेकिन कोहरे के दौरान हादसे रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। पुल के ठीक नीचे सड़क पर क्रेन खड़ी है, जो अंधेरे में दूर से दिखती नहीं है। करीब आने पर कई वाहन टकराने से बचे हैं। वहीं पर खोदाई हो रही है। उसमें भी आधी अधूरी बेरिकेडिंग है।
चौपुला से जिला पंंचायत की ओर गए मार्ग पर कोने में आठ फुट गहरा गड्ढा है। बेरिकेडिंग अधूरी है। कोई भी वाहन गिर सकता है लेकिन आसपास दुकानों की रोशनी का फिलहाल सहारा है। निर्माण कर रही फर्म ने कोई उपाय नहीं किया। पास में ही एक गड्ढे को बंद करने के स्थान कोई लकड़ी रख दी गई है जबकि किसी भी गड्ढे के चारों ओर ऐसी बेरिकेडिंग होनी चाहिए जिससे कोई चोट न खाने पाए।
गांधी उद्यान, चौपुला चौराहा के नीचे, चौकी चौराहा और ईसाइयों की पुलिया पर जल निगम की ओर से सीवर लाइन का कार्य कराया जा रहा है। बेरिकेडिंग तो कराई गई है लेकिन अगर कहीं पर ठेकेदार ने बेरिकेडिंग अधूरी कराई है और सड़क सुरक्षा के उपायों को नहीं अपनाया है तो हम चेक कराएंगे। रेडियम युक्त साइन बोर्ड लगवाएंगे ताकि कोई हादसा न होने पाए।-अरुण प्रताप सिंह, अभियंता, जल निगम