ठगी का खेल: साइबर ठगों ने लालच देकर उद्यमी को फंसाया, 15 दिन में ठग लिए 48.93 लाख रुपये
साइबर ठगों ने बरेली के एक उद्यमी को अपने जाल में फंसा लिया। ठगों ने टास्क पूरा करने पर कई बार में उनका कुछ रकम लौटाई। इसके बाद वह ठगों के जाल में फंसते चले गए और करीब 49 लाख रुपये गंवा दिए।
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बरेली के एक उद्यमी से साइबर ठगों ने 48.93 लाख रुपये ठग लिए। 16 से 30 मई तक ठग उद्यमी से ऑनलाइन रेटिंग कराते रहे। टास्क पूरा करने पर कुछ रकम लौटाते भी रहे। झांसे में आकर उद्यमी रकम लगाते रहे। जब रकम ज्यादा हो गई तो साइबर ठगों ने उद्यमी से किनारा कर लिया। पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राजेंद्रनगर निवासी उद्यमी ने बताया कि 16 मई को अज्ञात ठग ने उनके नंबर को व्हाट्सएप ग्रुप (ओपेन डिजाइन इंडिया) से जोड़ दिया। इस पर दिए टास्क पूरे करने पर कुछ धनराशि मिलनी थी। टास्क देने से पहले ठग कुछ रुपये जमा कराते थे। ठगों ने बाद में उद्यमी को टेलीग्राम पर ग्रुपों से जोड़ दिया। उद्यमी टास्क पूरे करते रहे और बदले में उन्हें रुपये मिलते रहे।
धीरे-धीरे उद्यमी रकम बढ़ाते रहे। 16 मई से शुरू हुआ यह खेल 30 मई तक चला। इस दौरान उनके 48.93 लाख रुपये फंस गए। जब ग्रुपों पर प्रतिक्रिया आनी बंद हो गई तो उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। शिकायत पर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब टेलीग्राम पर बने उन ग्रुपों और संबंधित खातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
लालच में फंस गया
उद्यमी का कहना है कि वह ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर काफी जागरूक हैं। किसी को खाते में रुपये भेजने होते हैं तो पहले एक-दो रुपये डालकर चेक कर लेते हैं। साइबर ठगों ने लालच देकर उन्हें फंसा लिया। उन्हें अंदाजा ही नहीं हुआ कि वह ठगों के जाल में फंस चुके हैं।
सेवानिवृत्त बीमाकर्मी से 1.08 लाख रुपये की ठगी
बिजली का बिल जमा करने के नाम पर सेवानिवृत्त बीमाकर्मी से 1.08 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रेमनगर निवासी राजीव सक्सेना सेवानिवृत्त बीमाकर्मी हैं। बृहस्पतिवार को उनके व्हाट्सएप पर मेसेज आया। इसमें ऊर्जा निगम की वेबसाइट के साथ एक मोबाइल नंबर देकर उनसे कहा गया है कि अगर बकाया बिल जमा नहीं किया तो उनकी बिजली काट दी जाएगी।
राजीव सक्सेना ने दिए गए नंबर पर कॉल कर बताया कि उनका बिल जमा है। उधर से कहा गया कि बिल अपडेट नहीं है। अपडेट करने के लिए उनको कुछ ब्योरा देना होगा। इसके बाद उन्होंने वेबसाइट पर बताए गए कॉलम भर दिए। कॉलर ने उनसे कहा कि बिल जमा है, लेकिन इसके लिए सब्सक्राइब कराना होगा जिसके लिए तीन रुपये जमा होंगे।
कॉलर ने उनसे यह भी पूछा कि क्या वह बिल ऑनलाइन जमा करते हैं। उनके हां कहने पर कॉलर ने बैंक और बैंक कार्ड की डिटेल भी दर्ज करा ली। कुछ ही मिनट में उनके खाते से 45,800 रुपये कट गए। इसके बाद छह अन्य ट्रांजेक्शन में खाते से 1.08 लाख रुपये साफ हो गए। राजीव ने बैंक पहुंचकर अपना खाता फ्रीज कराया। टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। अब साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।