{"_id":"60db70ab8ebc3ebb4e4ec0a2","slug":"cyber-thug-who-took-money-from-kerala-priest-s-account-arrested-from-delhi-bareilly-news-bly4514219137","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल के पादरी के खाते से रुपये उड़ाने वाला साइबर ठग दिल्ली से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केरल के पादरी के खाते से रुपये उड़ाने वाला साइबर ठग दिल्ली से गिरफ्तार
विज्ञापन
रुपये
- फोटो : demo photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंवला थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा, बदायूं के संग्रामपुर का है तौहीद
विज्ञापन
पुलिस जांच में आरोपी की तीन यूपीआई आईडी आईं सामने, जांच जारी
बरेली/बदायूं। केरल के पादरी जुम्मन मनाल के खाते से 3.57 लाख रुपये उड़ाने के मामले में आंवला पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बदायूं के गांव संग्रामपुर निवासी साइबर ठग तौहीद को दिल्ली से पकड़ा है। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि वह तीन यूपीआई आईडी के जरिये ऑनलाइन लेनदेन कर रहा था। अब पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
पिछले साल केरल के पादरी जुम्मन मनाल के खाते से 3.57 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ब्रिटेन में रहने वाली उनकी परिचित रेजीना हेंडरसन के नाम से मदद मांगकर यह रकम उड़ाई गई थी। बाद में पता लगा कि रकम आंवला स्थित बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पादरी ने इस सिलसिले में बरेली आईजी और एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की तो आंवला कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। छानबीन के दौरान पता लगा कि जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर की गई वह बिसौली इलाके के संग्रामपुर निवासी आकिल नवी का है। पुलिस ने आकिल नवी को केस में नामजद करके विवेचना शुरू कर दी। आंवला पुलिस ने तफ्तीश की तो सामने आया कि आकिल तो बेहद गरीब है। उसने बताया कि गांव का तौहीद उसकी आईडी और फोटो कोई काम बताकर ले गया था। इसके बाद पुलिस की जांच में सामने आया कि तौहीद इस इलाके में ठगी के रुपये इधर-उधर करने का मास्टरमाइंड है। उसने कई अन्य प्रदेशों में में भी ठगी की घटनाएं की हैं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद रविवार को पुलिस ने उसे दिल्ली से पकड़ लिया। उसके दो और साथियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया हैं। इनसे आंवला कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
नाइजीरियन की रकम भी हड़प चुका है तौहीद
साइबर ठगी के मामले में नाइजीरियन दुनिया भर में चर्चित हैं, लेकिन शातिर तौहीद ने एक नाइजीरियन को भी चूना लगा दिया। तौहीद साइबर ठगी के रुपये खातों में इधर-उधर करने का काम करता था। इस दौरान जब उसके खाते में ज्यादा रकम आ गई तो उसने नाइजीरियन से संपर्क तोड़ दिया। तब वर्ष 2016 में दो नाइजीरियन और एक नेपाली महिला उसके घर आई थी। जब तौहीद नहीं मिला, तो उन्हें लौटना पड़ा। हालांकि पुलिस को भी इसकी भनक लग गई थी लेकिन नाइजीरियन और नेपाली महिला उससे पहले ही निकल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरे प्रदेशों में बैठकर चलाता है धंधा
संग्रामपुर का साइबर ठग तौहीद अक्सर दूसरे प्रदेशों में रहता है। वह अपने गांव में रहकर इस धंधे को अंजाम नहीं देता। बताते हैं कि वह जो मोबाइल चलाता है, उसका नंबर परिवार के सीमित लोगों के पास ही होता है। इसके अलावा वह किसी को नंबर नहीं देता। इस नंबर के सिम को वह कभी संग्रामपुर लेकर नहीं आता। इससे पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। अब उसकी तीन यूपीआई आईडी सामने आई हैं। साइबर सेल की मदद से आंवला पुलिस उनकी जांच पड़ताल कर रही है।
संग्रामपुर के एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके कुछ अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी तलाश कराई जा रही है। मामले की जांच के लिए साइबर सेल को भी इसमें शामिल किया गया है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात
विज्ञापन
पुलिस जांच में आरोपी की तीन यूपीआई आईडी आईं सामने, जांच जारी बरेली/बदायूं। केरल के पादरी जुम्मन मनाल के खाते से 3.57 लाख रुपये उड़ाने के मामले में आंवला पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बदायूं के गांव संग्रामपुर निवासी साइबर ठग तौहीद को दिल्ली से पकड़ा है। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि वह तीन यूपीआई आईडी के जरिये ऑनलाइन लेनदेन कर रहा था। अब पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
पिछले साल केरल के पादरी जुम्मन मनाल के खाते से 3.57 लाख रुपये की ठगी की गई थी। ब्रिटेन में रहने वाली उनकी परिचित रेजीना हेंडरसन के नाम से मदद मांगकर यह रकम उड़ाई गई थी। बाद में पता लगा कि रकम आंवला स्थित बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। पादरी ने इस सिलसिले में बरेली आईजी और एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की तो आंवला कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई। छानबीन के दौरान पता लगा कि जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर की गई वह बिसौली इलाके के संग्रामपुर निवासी आकिल नवी का है। पुलिस ने आकिल नवी को केस में नामजद करके विवेचना शुरू कर दी। आंवला पुलिस ने तफ्तीश की तो सामने आया कि आकिल तो बेहद गरीब है। उसने बताया कि गांव का तौहीद उसकी आईडी और फोटो कोई काम बताकर ले गया था। इसके बाद पुलिस की जांच में सामने आया कि तौहीद इस इलाके में ठगी के रुपये इधर-उधर करने का मास्टरमाइंड है। उसने कई अन्य प्रदेशों में में भी ठगी की घटनाएं की हैं। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद रविवार को पुलिस ने उसे दिल्ली से पकड़ लिया। उसके दो और साथियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया हैं। इनसे आंवला कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
नाइजीरियन की रकम भी हड़प चुका है तौहीद
साइबर ठगी के मामले में नाइजीरियन दुनिया भर में चर्चित हैं, लेकिन शातिर तौहीद ने एक नाइजीरियन को भी चूना लगा दिया। तौहीद साइबर ठगी के रुपये खातों में इधर-उधर करने का काम करता था। इस दौरान जब उसके खाते में ज्यादा रकम आ गई तो उसने नाइजीरियन से संपर्क तोड़ दिया। तब वर्ष 2016 में दो नाइजीरियन और एक नेपाली महिला उसके घर आई थी। जब तौहीद नहीं मिला, तो उन्हें लौटना पड़ा। हालांकि पुलिस को भी इसकी भनक लग गई थी लेकिन नाइजीरियन और नेपाली महिला उससे पहले ही निकल गई।
विज्ञापन
दूसरे प्रदेशों में बैठकर चलाता है धंधा
संग्रामपुर का साइबर ठग तौहीद अक्सर दूसरे प्रदेशों में रहता है। वह अपने गांव में रहकर इस धंधे को अंजाम नहीं देता। बताते हैं कि वह जो मोबाइल चलाता है, उसका नंबर परिवार के सीमित लोगों के पास ही होता है। इसके अलावा वह किसी को नंबर नहीं देता। इस नंबर के सिम को वह कभी संग्रामपुर लेकर नहीं आता। इससे पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। अब उसकी तीन यूपीआई आईडी सामने आई हैं। साइबर सेल की मदद से आंवला पुलिस उनकी जांच पड़ताल कर रही है।संग्रामपुर के एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके कुछ अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं। उनकी तलाश कराई जा रही है। मामले की जांच के लिए साइबर सेल को भी इसमें शामिल किया गया है। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात