Cyber Crime: कंबोडिया में बैठकर की साइबर ठगी, दुबई के एटीएम से निकाली गई रकम; जांच में हुआ खुलासा
बरेली में दर्ज हुए साइबर ठगी के मामलों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 70 फीसदी मामलों में ठगी कंबोडिया में बैठे शातिरों ने की है। इन शातिरों ने भारत के बैंक खातों का इस्तेमाल किया और दुबई के एटीएम से रकम निकाली गई।
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बरेली में शेयर और गोल्ड ट्रेडिंग के साथ ही घर बैठे रोजगार देने के बहाने साइबर ठगी के 25 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनकी विवेचना में पता चला है कि 70 फीसदी मामलों में ठगी कंबोडिया में बैठे शातिरों ने की है। आधे से ज्यादा आईपी एड्रेस कंबोडिया के मिले हैं। जबकि, ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले सर्वाधिक खाते राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र के हैं।
विदेश में बैठे शातिर इन खातों में ठगी की रकम डलवाकर दुबई के एटीएम से निकाल रहे हैं। डिजिटल मार्केटिंग और शेयर मार्केट में निवेश करने वाले लोग इन शातिरों के निशाने पर हैं। इनसे ठगी गई रकम भी 20 लाख रुपये या इससे ज्यादा है। पिछले साल मार्च से टेलीग्राम एप के जरिये शुरू हुआ ठगी का सिलसिला फिलहाल थोड़ा धीमा पड़ा है।
आर्किटेक्ट दंपती के 26 लाख उड़ा दिए
प्रेमनगर क्षेत्र में आर्किटेक्ट दंपती को व्हाट्सएप पर लिंक भेजा गया था कि इंस्टाग्राम व फेसबुक पर पेज लाइक करने पर अच्छी फीस मिलेगी। दोनों ने लैपटॉप से काम शुरू किया। व्हाट्सएप पर ही इन्हें टेलीग्राम लिंक से जोड़ा गया। दिखाया गया कि उनके वॉलेट में कई लाख रुपये आ गए हैं। इन रुपयों को लेने के लिए कई तरह के बहानों से 26 लाख रुपये की रकम ठग ली गई।
गोल्ड ट्रेडिंग के बहाने डॉक्टर से की थी ठगी
एक डॉक्टर का मुकदमा भी प्रेमनगर थाने से ट्रांसफर होकर साइबर थाने आया है। उनसे 21.40 लाख रुपये ठगे हैं। उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया कि गोल्ड ट्रेडिंग करने पर उन्हें मोटा मुनाफा मिलेगा। उन्हें मुनाफा दिखाया भी गया। वॉलेट में जो रुपये बढ़ते दिखाए जाते रहे, उन्हें लेने के नाम पर इतनी रकम ठग ली गई।
विदेश में भारतीय डेबिट कार्ड और सिम ले जाकर हो रहा धंधा
पहले ठग भारतीय खातों में आई रकम को इंटरनेट के जरिये क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेशी खातों में डालते थे। फिर रकम निकाल लेते थे। अब हवाई यात्रा से ठग संबंधित डेबिट कार्ड विदेश ले जा रहे हैं। अधिकतर रकम दुबई से निकल रही है। भारतीय वीजा व मास्टर डेबिट कार्ड का प्रयोग कर वहां के एटीएम से निकासी कर हैं। भारतीय सिम भी विदेश ले जाकर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। दूसरे व्यक्ति का पासपोर्ट मिलने पर ही कार्रवाई हो पाती है, जिससे आरोपी साफ बच जाते हैं।
- नौकरी के नाम पर बेरोजगारों का सैलरी अकाउंट खुलवा रहे हैं ठग।
- विभिन्न योजनाओं व कार्रवाई में सत्यापन के नाम पर आधार व पैनकार्ड लेकर खुलवा देते हैं खाता।
- लोन देने के नाम पर भी खुलवा रहे लोगों का खाता।
- गरीबों व मजदूरों को मामूली रकम और बाद में बड़ी रकम का झांसा देकर भी खुलवाते हैं खाते।
बरेली रेंज के आईजी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर, सरकारी योजनाओं के लाभ, पार्ट टाइम जॉब, शेयर मार्केट में आकर्षक निवेश का झांसा देकर ठगी की शिकायतें बढ़ी हैं। पुलिस कार्रवाई कर रही है पर सावधानी बेहतर विकल्प है। किसी को अपनी निजी जानकारी न दें।