लॉकडाउन में ईएमआई की राहत न मिलने से ग्राहक परेशान
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आर्थिक तंगी के बावजूद कई बैंकों ने होम व कार लोन की काट ली रकम
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बैंक अफसरों का कहना- कस्टमर को भेजे गए थे एसएमएस, बैंकों को सूचना देना था जरूरी
बरेली। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी को देखते हुए सरकार ने भले ही होम और कार लोन की ईएमआई तीन महीने तक जमा न करने की छूट ग्राहकों को दी है, लेकिन कई बैंकें निर्धारित तिथि पर खाते से रकम काट रही हैं। इससे परेशान कस्टमर बैंक अफसरों से शिकायत कर रहे हैं। दिक्कत यह आ रही है कि कुछ बैंकों ने यह व्यवस्था बनाई है कि वे लोन की मासिक किस्त खुद नहीं काट रहे है, जबकि कुछ बैंकों में ग्राहकों को इस सुविधा के लिए फार्म भरकर जमा करना जरूरी है। अधिकांश बैंकों में सही से सूचना न दिए जाने पर गाहकों इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि बैंक अफसरों का कहना है कि उन्होंने ग्राहकों को एसएमएस के जरिये इसकी सूचना भेजी थी।
अनुमान के मुताबिक, एसबीआई, पीएनबी सहित अन्य तमाम बैंकों से करीब पांच लाख लोगों ने होम और कार लोन लिया है। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी को देखते हुए सरकार ने अप्रैल, मई व जून की लोन की किस्तें न जमा करने की छूट ग्राहकों को दी है। जबकि तमाम बैंक इसका अनुपालन नहीं कर रही है। लालफाटक के पास कांधरपुर में रहने वाले रिटायर कर्मी चिंताराम टम्टा के एसबीआई एकाउंट से होम लोन की किस्त कटती है। अप्रैल में भी उनके खाते से यह रकम कट गई तो उन्होंने अफसरों से इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। बैंक अफसरों का कहना था कि अगर उन्हें किस्त नहीं जमा करनी थी तो उन्हें इसकी निर्धारित प्रारूप पर सूचना देनी चाहिए थे, लेकिन खाताधारक का कहना था कि बैंक की ओर से न तो कोई सूचना दी गई और न ही ब्रांच में ही ऐसा कोई नोटिस सार्वजनिक किया गया है। अधिकांश ग्राहकों का कहना है कि बैंक से सूचना न मिलने से फार्म नहीं जमा कर पा रहे। बाद में कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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लेटर, मैसेज या मेल से दे सकते हैं सूचना
एसबीआई के डिप्टी जनरल मैनेजर प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक की तरफ से सभी ग्राहकों को ईएमआई से संबंधित एसएमएस भेजा गया था। हो सकता है कि कुछ लोगों को यह मैसेज न मिला हो या वे इसे पढ़ नहीं सके है। ऐसे लोग फार्म जमा करते है तो रकम को वापस कर दिया जाएगा। अब जो ग्राहक ईएमआई अभी नहीं भरना चाहते, वे बैंक के भेजे एसएमएस को फारवर्ड कर सकते हैं। या फिर लेटर या मेल से भी संबंधित शाखा को अवगत करा सकते हैं।
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‘ईएमआई के संबंध में सभी बैंकों को ग्राहकों को समय से सूचना देने के साथ ही स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न झेलनी पड़े।’
- ओपी बढ़ेरा, लीड बैंक मैनेजर
बैंक अफसरों का कहना- कस्टमर को भेजे गए थे एसएमएस, बैंकों को सूचना देना था जरूरी बरेली। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी को देखते हुए सरकार ने भले ही होम और कार लोन की ईएमआई तीन महीने तक जमा न करने की छूट ग्राहकों को दी है, लेकिन कई बैंकें निर्धारित तिथि पर खाते से रकम काट रही हैं। इससे परेशान कस्टमर बैंक अफसरों से शिकायत कर रहे हैं। दिक्कत यह आ रही है कि कुछ बैंकों ने यह व्यवस्था बनाई है कि वे लोन की मासिक किस्त खुद नहीं काट रहे है, जबकि कुछ बैंकों में ग्राहकों को इस सुविधा के लिए फार्म भरकर जमा करना जरूरी है। अधिकांश बैंकों में सही से सूचना न दिए जाने पर गाहकों इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि बैंक अफसरों का कहना है कि उन्होंने ग्राहकों को एसएमएस के जरिये इसकी सूचना भेजी थी।
अनुमान के मुताबिक, एसबीआई, पीएनबी सहित अन्य तमाम बैंकों से करीब पांच लाख लोगों ने होम और कार लोन लिया है। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी को देखते हुए सरकार ने अप्रैल, मई व जून की लोन की किस्तें न जमा करने की छूट ग्राहकों को दी है। जबकि तमाम बैंक इसका अनुपालन नहीं कर रही है। लालफाटक के पास कांधरपुर में रहने वाले रिटायर कर्मी चिंताराम टम्टा के एसबीआई एकाउंट से होम लोन की किस्त कटती है। अप्रैल में भी उनके खाते से यह रकम कट गई तो उन्होंने अफसरों से इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। बैंक अफसरों का कहना था कि अगर उन्हें किस्त नहीं जमा करनी थी तो उन्हें इसकी निर्धारित प्रारूप पर सूचना देनी चाहिए थे, लेकिन खाताधारक का कहना था कि बैंक की ओर से न तो कोई सूचना दी गई और न ही ब्रांच में ही ऐसा कोई नोटिस सार्वजनिक किया गया है। अधिकांश ग्राहकों का कहना है कि बैंक से सूचना न मिलने से फार्म नहीं जमा कर पा रहे। बाद में कोई सुनवाई नहीं हो रही।
लेटर, मैसेज या मेल से दे सकते हैं सूचना
एसबीआई के डिप्टी जनरल मैनेजर प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बैंक की तरफ से सभी ग्राहकों को ईएमआई से संबंधित एसएमएस भेजा गया था। हो सकता है कि कुछ लोगों को यह मैसेज न मिला हो या वे इसे पढ़ नहीं सके है। ऐसे लोग फार्म जमा करते है तो रकम को वापस कर दिया जाएगा। अब जो ग्राहक ईएमआई अभी नहीं भरना चाहते, वे बैंक के भेजे एसएमएस को फारवर्ड कर सकते हैं। या फिर लेटर या मेल से भी संबंधित शाखा को अवगत करा सकते हैं।‘ईएमआई के संबंध में सभी बैंकों को ग्राहकों को समय से सूचना देने के साथ ही स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए, ताकि ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न झेलनी पड़े।’
- ओपी बढ़ेरा, लीड बैंक मैनेजर