Bareilly News: गांव में 15 दिन से थी मगरमच्छ की दहशत, चार लड़कों ने एक 'झटके' में पकड़ लिया
बरेली के गांव म्यूड़ी रानी मेवाकुंवर के तालाब में 15 दिन पहले मगरमच्छ देखा गया। इससे ग्रामीणों में दहशत थी। सूचना पर वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बृहस्पतिवार को मगरमच्छ जाल के पास पहुंचा तो गांव के चार लड़कों ने हिम्मत दिखाते हुए एक झटके में जाल खींच लिया। जिससे मगरमच्छ उसमें फंस गया।
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बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव म्यूड़ी रानी मेवाकुंवर में दहशत का पर्याय बने मगरमच्छ को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए तालाब में जाल लगाया था। बुधवार को मगरमच्छ ऊपर आया। यह देख गांव के कुछ लड़कों ने सतर्कता दिखाते हुए जाल को खींच लिया, जिससे मगरमच्छ उसमें फंस गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने बताया कि मगरमच्छ को नदी में छोड़ दिया जाएगा।
15 दिन पहले तालाब में दिखे थे दो मगरमच्छ
ग्रामीणों के अनुसार गांव म्यूड़ी रानी मेवाकुंवर में तीन माह पूर्व बहगुल नदी में आई बाढ़ में दो मगरमच्छ आबादी के बीच तालाब में पहुंच गए। 15 दिन पहले ग्रामीणों ने मगरमच्छ को तालाब के बाहर देखा तो दहशत में आ गए। इसकी सूचना पुलिस एवं वन विभाग को दी गई। मगरमच्छों को पकड़ने के लिए तालाब के पास जाल बिछाया गया। लेकिन मगरमच्छ उसमें नहीं फंसे। वन दरोगा योगिता कौशल, वन रक्षक दीपक भारद्वाज गांव में निगरानी कर थे।
गांव के लड़कों ने खींचा जाल
बुधवार को दोनों वन कर्मियों की ड्यूटी दूसरे स्थान पर लगी थी। इसी दौरान एक मगरमच्छ जाल के ऊपर आकर बैठ गया। तालाब के पड़ोस में रहने वाली विमला देवी की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने तुरंत बच्चों को बताया। प्रधान शैलेंद्र प्रताप सिंह को भी सूचना दी गई। गांव के ही दीपांशु पटेल, गौरव पटेल, राहुल पटेल, अमित पटेल ने हिम्मत दिखाते हुए जाल की रस्सियां खींच लीं। जिससे मगरमच्छ जाल में फंस गया।
मगरमच्छ के जाल में फंसने की सूचना वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचीं वन दरोगा योगिता कौशल, वन रक्षक दीपक भारद्वाज ने उसे कब्जे में लिया। विभाग के अधिकारियों के आदेश पर मगरमच्छ को कैलाश नदी में छोड़ दिया गया। हालांकि अभी भी गांव के लोगों के मन में भय व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरा मगरमच्छ अभी भी तालाब में हैं।
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