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पुस्तक विक्रेताआें पर वाणिज्य कर छापा
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:08 AM IST
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एडमिशन सीजन में किताब, कॉपी और स्टेशनरी के नाम पर अभिभावकाें से मनमानी कीमतें वसूलने वाले पुस्तक विक्रेताओं पर बुधवार को वाणिज्य कर विभाग की नजरें टेढ़ी हो ही गईं। दल बल के साथ 24 अधिकारियों के नेतृत्व में 12 टीमें कोतवाली के सामने सुभाष मार्केट स्थित चार पुस्तक केंद्रों पर पहुंच गईं। प्रारंभिक पड़ताल में यहां करीब पांच करोड़ रुपये की टैक्स चोरी बतायी जा रही है। टीम ने तमाम दस्तावेजों को जब्त कर लिए हैं।
इंग्लिश मीडियम स्कूल में बच्चे को पढ़ाने के लिए अभिभावक तीन से लेकर सात हजार रुपये तक की स्कूल सामग्री खरीद रहे हैं। शहर में गिने चुने बुक सेलरों के हाथ में इसकी कमान है। बुक सेलर तीस करोड़ से अधिक का कारोबार केवल एडमिशन के सीजन में करते हैं। टैक्स के नाम पर बमुश्किल पांच लाख रुपये ही जमा हो रहा है। इसकी जानकारी वाणिज्य कर विभाग को मिली तो छापा मारा गया। सहायक आयुक्त अशोक चौधरी, प्रशांत कुमार सिंह, शिवकुमार और गोवर्धन लाल के नेतृत्व में पहुंची टीमों ने सरस्वती सदन, गुरुज, साहित्य निकेतन और चिल्ड्रन बुक भंडार पर घेरा डाल लिया। दिन भर चली चेकिंग में भारी तादात में अवैध खरीद फरोख्त के दस्तावेज बरामद हुए।
अमर उजाला ने चलाया था अभियान
‘अमर उजाला’ ने कापी, वर्क बुक, बैग, स्टेशनरी आदि पर वसूली जा रही मनमानी कीमतों का मामला उजागर किया था। इसके बाद अभिभावक संघ ने वाणिज्य कर विभाग से मुलाकात कर बेलगाम पुस्तक विक्रेताआें पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। बुधवार जोनल एडिशनल कमिश्नर सीके पटेल ने कार्ययोजना बनवाई। एडिशनल कमिश्नर बीपी सिंह ने 12 टीमें गठित कर 24 अफसर लगाए। टीम में पुलिस फोर्स भी रही। छापे के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ।
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महिला अफसरों ने पकड़े ज्यादा अवैध बिल
पहली बार सार्वजनिक स्थान पर हुई छापा कार्रवाई में महिला अफसराें को शामिल किया। सहायक आयुक्त सुषमा उपाध्याय, रेनू कुमार, श्वेता सिंह, प्रतिमा निगम ने तेजी दिखाई। उनके हाथ भारी तादात में अवैध बिल लगे जो गड़बड़ थे।
5 करोड़ की हेराफेरी
चेकिंग में सादे और बगैर नंबर के बिल मिले हैं। माल कहां से खरीदा और किसे बेचा इसका सबूत नहीं था। अफसराें ने बताया कि करीब पांच करोड़ रुपये की टैक्स हेराफे री मिली है। प्रतिष्ठानों से मिले संदिग्ध दस्तावेजों की जांच हो रही है। दुकानदाराें को नोटिस भी जारी किए जाएंगे।
स्कूल भी लपेटे में
वाणिज्य क र की कार्रवाई में भारी तादात में 15 बड़े स्कूलों की स्लिप मिली हैं। इन स्कूलों की सांठगांठ से बुक सेलर टैक्स चोरी करके मालामाल हो रहे हैं। संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। अफसरों ने बताया कि बुक सेलरों की आड़ में अवैध कमाई करने वाले स्कूलों से जानकारी मांगी जाएगी कि उनके संस्थान में कितने बच्चे अध्ययनरत हैं, इसकी क्रास चेकिंग शिक्षा विभाग से भी कराई जाएगी। इसी आधार पर टैक्स वसूली होगी।
- ये मिलीं गड़बड़ियां
अभिभावकाें को कैश मेमो सादे कागज पर दिए जा रहे थे
दुकानों पर कक्षावार पैकेट बने रखे थे
पैकेट पर स्कूलों की अलग- अलग स्लिप लगी थी
स्कूलों से सांठ गांठ कर टैक्स चोरी के भी प्रमाण हाथ लगे हैं
सादे और बगैर नंबर के बिल मिले
माल खरीदने और बेचने का सबूत नहीं मिला
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इंग्लिश मीडियम स्कूल में बच्चे को पढ़ाने के लिए अभिभावक तीन से लेकर सात हजार रुपये तक की स्कूल सामग्री खरीद रहे हैं। शहर में गिने चुने बुक सेलरों के हाथ में इसकी कमान है। बुक सेलर तीस करोड़ से अधिक का कारोबार केवल एडमिशन के सीजन में करते हैं। टैक्स के नाम पर बमुश्किल पांच लाख रुपये ही जमा हो रहा है। इसकी जानकारी वाणिज्य कर विभाग को मिली तो छापा मारा गया। सहायक आयुक्त अशोक चौधरी, प्रशांत कुमार सिंह, शिवकुमार और गोवर्धन लाल के नेतृत्व में पहुंची टीमों ने सरस्वती सदन, गुरुज, साहित्य निकेतन और चिल्ड्रन बुक भंडार पर घेरा डाल लिया। दिन भर चली चेकिंग में भारी तादात में अवैध खरीद फरोख्त के दस्तावेज बरामद हुए।
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अमर उजाला ने चलाया था अभियान
‘अमर उजाला’ ने कापी, वर्क बुक, बैग, स्टेशनरी आदि पर वसूली जा रही मनमानी कीमतों का मामला उजागर किया था। इसके बाद अभिभावक संघ ने वाणिज्य कर विभाग से मुलाकात कर बेलगाम पुस्तक विक्रेताआें पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई की गुहार लगाई थी। बुधवार जोनल एडिशनल कमिश्नर सीके पटेल ने कार्ययोजना बनवाई। एडिशनल कमिश्नर बीपी सिंह ने 12 टीमें गठित कर 24 अफसर लगाए। टीम में पुलिस फोर्स भी रही। छापे के दौरान कोई विरोध नहीं हुआ।
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महिला अफसरों ने पकड़े ज्यादा अवैध बिल
पहली बार सार्वजनिक स्थान पर हुई छापा कार्रवाई में महिला अफसराें को शामिल किया। सहायक आयुक्त सुषमा उपाध्याय, रेनू कुमार, श्वेता सिंह, प्रतिमा निगम ने तेजी दिखाई। उनके हाथ भारी तादात में अवैध बिल लगे जो गड़बड़ थे।
5 करोड़ की हेराफेरी
चेकिंग में सादे और बगैर नंबर के बिल मिले हैं। माल कहां से खरीदा और किसे बेचा इसका सबूत नहीं था। अफसराें ने बताया कि करीब पांच करोड़ रुपये की टैक्स हेराफे री मिली है। प्रतिष्ठानों से मिले संदिग्ध दस्तावेजों की जांच हो रही है। दुकानदाराें को नोटिस भी जारी किए जाएंगे।
स्कूल भी लपेटे में
वाणिज्य क र की कार्रवाई में भारी तादात में 15 बड़े स्कूलों की स्लिप मिली हैं। इन स्कूलों की सांठगांठ से बुक सेलर टैक्स चोरी करके मालामाल हो रहे हैं। संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। अफसरों ने बताया कि बुक सेलरों की आड़ में अवैध कमाई करने वाले स्कूलों से जानकारी मांगी जाएगी कि उनके संस्थान में कितने बच्चे अध्ययनरत हैं, इसकी क्रास चेकिंग शिक्षा विभाग से भी कराई जाएगी। इसी आधार पर टैक्स वसूली होगी।
- ये मिलीं गड़बड़ियां
अभिभावकाें को कैश मेमो सादे कागज पर दिए जा रहे थे
दुकानों पर कक्षावार पैकेट बने रखे थे
पैकेट पर स्कूलों की अलग- अलग स्लिप लगी थी
स्कूलों से सांठ गांठ कर टैक्स चोरी के भी प्रमाण हाथ लगे हैं
सादे और बगैर नंबर के बिल मिले
माल खरीदने और बेचने का सबूत नहीं मिला