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ढांग गिरने से दो सगी बहनों की मौत
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sun, 29 May 2016 02:03 AM IST
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बैकर शाहपुर से सटी श्मशान भूमि के पास पीली मिट्टी खोदने गई दो सगी बहनों की ढांग गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे से उनके आसपास मिट्टी खोद रही महिलाओं में भगदड़ मच गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
थाना देवरनिया के गांव बैकरनन्दा गांव निवासी जगतपाल की 35 वर्षीय पत्नी सूरजवती और इन्द्रदेव की पत्नी ममता (27 वर्ष) शनिवार पूर्वाह्न ग्यारह बजे गांव से एक किमी दूर गांव बैकर शाहपुर से सटी शमशाम भूमि के पास नदी किनारे तालाब में पीला मिट्टी खोद रही थीं। इसी दौरान उन पर अचानक मिट्टी की भारी ढांग गिर गई और दोनों बहनें मलबे में दब गईं। यह देख तालाब में मिट्टी खोद रहीं अन्य महिलाओं में भगदड़ मच गई। गांव पहुंचकर महिलाओं ने हादसे का शिकार बहनों के परिवार वालों को सूचना दी। सूचना पर परिवार वालों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाकर निकाला तो दोनों बहनों की मौत हो चुकी थी। इसी बीच प्रधानपति वीरेंद्र सिंह और देवरनिया पुलिस मौके पर पहुंच गई। दो महिलाओं की मौत से पूरे गांव में मातम सा छा गया। भोजीपुरा के गांव वीरमपुरा का इंद्रदेव पांच वर्ष पहले पत्नी और बच्चों के साथ बैकरनन्दा गांव आकर बस गया था। सूरजवती अपने पीछे चार बच्चे कमला वीर, अखिलेश, सचिन, राधिका को छोड़ गई है। छोटी बहन ममता अपने बच्चे पुष्पेंद्र, खुशबू, आशीष को रोता छोड़ गई। प्रभारी निरीक्षक सोनकर बाबू ने बताया कि दोनों बहनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
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थाना देवरनिया के गांव बैकरनन्दा गांव निवासी जगतपाल की 35 वर्षीय पत्नी सूरजवती और इन्द्रदेव की पत्नी ममता (27 वर्ष) शनिवार पूर्वाह्न ग्यारह बजे गांव से एक किमी दूर गांव बैकर शाहपुर से सटी शमशाम भूमि के पास नदी किनारे तालाब में पीला मिट्टी खोद रही थीं। इसी दौरान उन पर अचानक मिट्टी की भारी ढांग गिर गई और दोनों बहनें मलबे में दब गईं। यह देख तालाब में मिट्टी खोद रहीं अन्य महिलाओं में भगदड़ मच गई। गांव पहुंचकर महिलाओं ने हादसे का शिकार बहनों के परिवार वालों को सूचना दी। सूचना पर परिवार वालों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाकर निकाला तो दोनों बहनों की मौत हो चुकी थी। इसी बीच प्रधानपति वीरेंद्र सिंह और देवरनिया पुलिस मौके पर पहुंच गई। दो महिलाओं की मौत से पूरे गांव में मातम सा छा गया। भोजीपुरा के गांव वीरमपुरा का इंद्रदेव पांच वर्ष पहले पत्नी और बच्चों के साथ बैकरनन्दा गांव आकर बस गया था। सूरजवती अपने पीछे चार बच्चे कमला वीर, अखिलेश, सचिन, राधिका को छोड़ गई है। छोटी बहन ममता अपने बच्चे पुष्पेंद्र, खुशबू, आशीष को रोता छोड़ गई। प्रभारी निरीक्षक सोनकर बाबू ने बताया कि दोनों बहनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
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