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तीन दिन पहले शादी हुई थी, ट्रेन से कट गया
बरेली।
Updated Mon, 06 Mar 2017 01:00 AM IST
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तीन दिन पहले शादी हुई थी, ट्रेन से कट गया
- फोटो : Three days ago, got married, got cut by train
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तीन दिन पहले ही शादी के बंधन में बंधने वाले युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। उसका शव हरेली रेलवे क्रासिंग के पास पड़ा मिला। आधार कार्ड के आधार पर उसकी शिनाख्त हुई तो घर में कोहराम मच गया। उसने खुदकुशी की या पैर फिसलने से ट्रेन से गिर गया इसका पता चल पाया है।
रविवार सुबह आठ बजे पेट्रोलिंग को निकले रेलवे के की मैन अनीश ने क्रासिंग के पास ट्रैक के बाहर शव पड़े होने की सूचना स्टेशन अधीक्षक विलपुर एचआर मीना को दी। रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी शिनाख्त निवाड़िया गांव के कल्याण के 25 वर्षीय बेटे राजेश कुमार के रूप में हुई। सिर से खून बह रहा था। राजेश की जेब से शाहजहांपुर से बरेली तक का रेल टिकट बरामद हुआ है जिसमें शनिवार की शाम साढे़ आठ बजे का समय प्रिंट था। पर्स में रुपये नहीं थे सिर्फ नेपाली नोट मिले। सूचना पर रेलवे में गार्ड उसके भाई रामऔतार और अन्य परिवार वाले पहुंच गए। रामऔतार ने बताया कि राजेश कुमार उसके साथ रेलवे कालोनी बरेली में रहता था। उसकी शादी दो मार्च को तिलहर (शाहजहांपुर) के जोगीनवादा गांव के राजपाल की बेटी लक्ष्मी देवी से हुई थी। बीमार रहने के कारण उसका फतहेगंज पश्चिमी में एक प्राइवेट डॉक्टर के वहां इलाज चल रहा था। शनिवार को सिर में दर्द की शिकायत पर वह डॉक्टर को दिखाने फतेहगंज पूर्वी गया था। देर शाम फोन पर उसने शाहजहांपुर से बरेली जाने वाली ट्रेन में बैठ जाने की बात कही थी। उसके बाद उससे बात नहीं हो पाई। चूंकि उसका कमरा अलग था इसलिए रात में घर आ पहुंचने का अहसास होकर उसे फोन नहीं किया गया।
मेहंदी भी नहीं सूख पाई, उजड़ गया सुहाग
फतेहगंज पूर्वी। राजेश की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी लक्ष्मी बदहवास हो गई। अभी मेहंदी का रंग सूख भी नहीं पाया था कि उसे सुहाग के उजड़ जाने का खबर मिल गई। ससुराल और मायके वाले उसे धीरज बंधा रहे थे मगर वह बार-बार अपनी किस्मत को कोस रही थी। राजेश चार भाइयों मे सबसे छोटा था। मां ओमवती भी बार-बार बेहोश हो रही थी।
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एक साल पहले बच गई थी जान
पिछले साल हाईवे के निवरिया गांव के मोड़ पर हुए हादसे में राजेश बाल-बाल बचा था। तब वह अपने चचेरे भाई सोनू के साथ बाइक से जा रहा था, ट्रक ने बाइक को टक्क्र मार दी थी। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए तो बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी लेकिन राजेश को डॉक्टरों ने बचा लिया था।
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रविवार सुबह आठ बजे पेट्रोलिंग को निकले रेलवे के की मैन अनीश ने क्रासिंग के पास ट्रैक के बाहर शव पड़े होने की सूचना स्टेशन अधीक्षक विलपुर एचआर मीना को दी। रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची तो उसकी शिनाख्त निवाड़िया गांव के कल्याण के 25 वर्षीय बेटे राजेश कुमार के रूप में हुई। सिर से खून बह रहा था। राजेश की जेब से शाहजहांपुर से बरेली तक का रेल टिकट बरामद हुआ है जिसमें शनिवार की शाम साढे़ आठ बजे का समय प्रिंट था। पर्स में रुपये नहीं थे सिर्फ नेपाली नोट मिले। सूचना पर रेलवे में गार्ड उसके भाई रामऔतार और अन्य परिवार वाले पहुंच गए। रामऔतार ने बताया कि राजेश कुमार उसके साथ रेलवे कालोनी बरेली में रहता था। उसकी शादी दो मार्च को तिलहर (शाहजहांपुर) के जोगीनवादा गांव के राजपाल की बेटी लक्ष्मी देवी से हुई थी। बीमार रहने के कारण उसका फतहेगंज पश्चिमी में एक प्राइवेट डॉक्टर के वहां इलाज चल रहा था। शनिवार को सिर में दर्द की शिकायत पर वह डॉक्टर को दिखाने फतेहगंज पूर्वी गया था। देर शाम फोन पर उसने शाहजहांपुर से बरेली जाने वाली ट्रेन में बैठ जाने की बात कही थी। उसके बाद उससे बात नहीं हो पाई। चूंकि उसका कमरा अलग था इसलिए रात में घर आ पहुंचने का अहसास होकर उसे फोन नहीं किया गया।
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मेहंदी भी नहीं सूख पाई, उजड़ गया सुहाग
फतेहगंज पूर्वी। राजेश की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी लक्ष्मी बदहवास हो गई। अभी मेहंदी का रंग सूख भी नहीं पाया था कि उसे सुहाग के उजड़ जाने का खबर मिल गई। ससुराल और मायके वाले उसे धीरज बंधा रहे थे मगर वह बार-बार अपनी किस्मत को कोस रही थी। राजेश चार भाइयों मे सबसे छोटा था। मां ओमवती भी बार-बार बेहोश हो रही थी।
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एक साल पहले बच गई थी जान
पिछले साल हाईवे के निवरिया गांव के मोड़ पर हुए हादसे में राजेश बाल-बाल बचा था। तब वह अपने चचेरे भाई सोनू के साथ बाइक से जा रहा था, ट्रक ने बाइक को टक्क्र मार दी थी। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए तो बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी लेकिन राजेश को डॉक्टरों ने बचा लिया था।