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छतों से होगी कांवड़ियों की निगहबानी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:49 AM IST
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कानून व्यवस्था के लिहाज से सावन का अंतिम सोमवार पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती भरा होगा। इसकी तैयारी पहले से कर ली है। शहर को चार जोन और 25 सेक्टर में बांटा गया है। जोन प्रभारी सीओ और एसआई सेक्टर प्रभारी होंगे। शहर के प्रमुख शिवालय अलखनाथ मंदिर, टीबरीनाथ, धोपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ, पशुपति नाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ मंदिर, उनके आसपास और कांवड़ियों की खुफिया निगहबानी की जाएगी।
सावन के आखिरी सोमवार को शहर में नौ बड़े जुलूस होंगे, जो सातों शिवालयों की परिक्रमा करेंगे। कांवड़ियों की जबरदस्त भीड़ होगी। इसको ध्यान में रखते हुए सुरक्षा खाका तैयार किया गया है। रविवार से ही सभी जोन और सेक्टर प्रभारी अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहेंगे। हर थाने में दो-दो अतिरिक्त मोबाइल टीमें रहेंगे। 40 चीता मोबाइल होंगी। क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों पर थाना प्रभारी खुद निगरानी रखेंगे। एक कंपनी आरआरएफ, तीन कंपनी पीएसी, 70 इंस्पेक्टर और दरोगा, 500 सिपाही और पांच सौ होमगार्ड बाहर से बुलाए गए हैं। सातों शिवालय, उनके आसपास, कांवड़ियों के मुख्य रास्तों और संवेदनशील इलाकों में घरों की छतों पर पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहेंगे, जिनके पास शस्त्रों के अलावा वीडियो कैमरा होगा। इससे लोगों की गतिविधियों को कैद किया जा सकेगा। धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी रहेंगे। कुछ पब्लिक के लोगों को भी अलर्ट किया गया है, जो जरूरत पर अपने कैमरे या मोबाइल से वीडियो बनाएंगे।
संवेदनशील इलाकों के संदिग्ध लोगों का चिह्नीकरण कर लिया गया है। उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। कुछ पुलिस कर्मियों को सादा कपड़ों में लगाया गया है, जो धार्मिक स्थलों के आसपास और कांवड़ियों के साथ रहेंगे। पुलिस मित्र और सिविल डिफेंस वाले भी मुस्तैद रहेंगे।
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सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए की गई है। मंदिरों में श्रद्धालु आराम से जलाभिषेक और दर्शन करें। पुलिस सभी का सहयोग करेगी। मगर किसी की शरारत बर्दास्त नहीं की जाएगी। - समीर सौरभ, एसपी सिटी
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सावन के आखिरी सोमवार को शहर में नौ बड़े जुलूस होंगे, जो सातों शिवालयों की परिक्रमा करेंगे। कांवड़ियों की जबरदस्त भीड़ होगी। इसको ध्यान में रखते हुए सुरक्षा खाका तैयार किया गया है। रविवार से ही सभी जोन और सेक्टर प्रभारी अपने क्षेत्र में भ्रमण करते रहेंगे। हर थाने में दो-दो अतिरिक्त मोबाइल टीमें रहेंगे। 40 चीता मोबाइल होंगी। क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों पर थाना प्रभारी खुद निगरानी रखेंगे। एक कंपनी आरआरएफ, तीन कंपनी पीएसी, 70 इंस्पेक्टर और दरोगा, 500 सिपाही और पांच सौ होमगार्ड बाहर से बुलाए गए हैं। सातों शिवालय, उनके आसपास, कांवड़ियों के मुख्य रास्तों और संवेदनशील इलाकों में घरों की छतों पर पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहेंगे, जिनके पास शस्त्रों के अलावा वीडियो कैमरा होगा। इससे लोगों की गतिविधियों को कैद किया जा सकेगा। धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी रहेंगे। कुछ पब्लिक के लोगों को भी अलर्ट किया गया है, जो जरूरत पर अपने कैमरे या मोबाइल से वीडियो बनाएंगे।
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संवेदनशील इलाकों के संदिग्ध लोगों का चिह्नीकरण कर लिया गया है। उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। कुछ पुलिस कर्मियों को सादा कपड़ों में लगाया गया है, जो धार्मिक स्थलों के आसपास और कांवड़ियों के साथ रहेंगे। पुलिस मित्र और सिविल डिफेंस वाले भी मुस्तैद रहेंगे।
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सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए की गई है। मंदिरों में श्रद्धालु आराम से जलाभिषेक और दर्शन करें। पुलिस सभी का सहयोग करेगी। मगर किसी की शरारत बर्दास्त नहीं की जाएगी। - समीर सौरभ, एसपी सिटी