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अपहरण के 24 घंटे बाद बोरे में बंद पड़ी मिला बच्चे का शव
बरेली।
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:16 AM IST
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माोहम्ममद अयान
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जगतपुर इलाके में मोहन तालाब के पास रहने वाले राजमिस्त्री रईस मियां के 11 वर्षीय बेटे मोहम्मद अयान का रविवार दोपहर घर के पास से अपहरण कर लिया गया। सोमवार शाम चार बजे रईस के घर 10 लाख की फिरौती का पत्र पहुंचा। इसके दो घंटे बाद ही डोहरा मोड़ के पास बोरे में बंद अयान की लाश मिली। उसे हाथ-पैर बांधकर बोरे में बंद किया गया था। गले में रस्सी बंधी थी। पुलिस के मुताबिक, अयान की गला घोंटकर हत्या की गई है। घरवालों ने वारदात में किसी नजदीकी के शामिल होने की आशंका जताई है।
मोहन तालाब के पास रहने वाले रईस मियां राजमिस्त्री हैं। परिवार में पत्नी आसमां के अलावा छह बच्चों में 11 साल का अयान सबसे छोटा था। रईस के चार छोटे भाइयों में नाजिम पानी की टंकी के पास रहते हैं, जबकि बाकी तीन भाई फईम, अनवर और शब्बू अपने परिवारों के संग रईस के साथ ही रहते हैं। आसमां के मुताबिक रविवार दोपहर 2:30 बजे वह अयान के साथ बाजार गई थीं। लौटते वक्त घर के पास फर्नीचर की एक दुकान पर अयान लकड़ी का खिलौना लेने की जिद करने लगा। इस पर वह अयान को दुकान पर छोड़कर घर आ गईं, लेकिन अयान देर शाम तक घर नहीं लौटा। आसपास खोजने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो बारादरी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।
चार बजे घर पहुंची फिरौती की चिट्ठी
सोमवार शाम चार बजे रईस को घर के दरवाजे पर एक पत्र पड़ा मिला। इसमें अयान के चाचा अनवर को धमकी देते हुए लिखा था- ‘तुम्हारे भतीजे को जिंदा छोड़ने की कीमत दस लाख है।’ चिट्ठी मिलने के बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया। उन्हें उसी वक्त अनहोनी की आशंका सताने लगी। घरवालों ने ने तुरंत ही थाना बारादरी पुलिस को फिरौती का लेटर मिलने की जानकारी दी। पुलिस फिरौती के पत्र की छानबीन कर पाती उससे पहले ही शाम करीब छह बजे यूपी-100 पुलिस को डोहरा मोड़ के पास बच्चे की लाश मिलने की सूचना मिल गई। रईस ने परिवार के साथ डोहरा मोड़ पहुंचकर बच्चे की अपने बेटेे अयान के रूप में शिनाख्त की।
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रईस का परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं लगती। 10 लाख रुपये की फिरौती का लेटर पुलिस को गुमराह करने के लिए लिखा गया होगा। घरवाले नजदीकी रिश्तेदारों पर ही शक जता रहा है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी
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मोहन तालाब के पास रहने वाले रईस मियां राजमिस्त्री हैं। परिवार में पत्नी आसमां के अलावा छह बच्चों में 11 साल का अयान सबसे छोटा था। रईस के चार छोटे भाइयों में नाजिम पानी की टंकी के पास रहते हैं, जबकि बाकी तीन भाई फईम, अनवर और शब्बू अपने परिवारों के संग रईस के साथ ही रहते हैं। आसमां के मुताबिक रविवार दोपहर 2:30 बजे वह अयान के साथ बाजार गई थीं। लौटते वक्त घर के पास फर्नीचर की एक दुकान पर अयान लकड़ी का खिलौना लेने की जिद करने लगा। इस पर वह अयान को दुकान पर छोड़कर घर आ गईं, लेकिन अयान देर शाम तक घर नहीं लौटा। आसपास खोजने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो बारादरी थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।
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चार बजे घर पहुंची फिरौती की चिट्ठी
सोमवार शाम चार बजे रईस को घर के दरवाजे पर एक पत्र पड़ा मिला। इसमें अयान के चाचा अनवर को धमकी देते हुए लिखा था- ‘तुम्हारे भतीजे को जिंदा छोड़ने की कीमत दस लाख है।’ चिट्ठी मिलने के बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया। उन्हें उसी वक्त अनहोनी की आशंका सताने लगी। घरवालों ने ने तुरंत ही थाना बारादरी पुलिस को फिरौती का लेटर मिलने की जानकारी दी। पुलिस फिरौती के पत्र की छानबीन कर पाती उससे पहले ही शाम करीब छह बजे यूपी-100 पुलिस को डोहरा मोड़ के पास बच्चे की लाश मिलने की सूचना मिल गई। रईस ने परिवार के साथ डोहरा मोड़ पहुंचकर बच्चे की अपने बेटेे अयान के रूप में शिनाख्त की।
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रईस का परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं लगती। 10 लाख रुपये की फिरौती का लेटर पुलिस को गुमराह करने के लिए लिखा गया होगा। घरवाले नजदीकी रिश्तेदारों पर ही शक जता रहा है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी।
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी