फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The husband was not treated, the child broke Jchcha- own

पति ने इलाज नहीं कराया, जच्चा- बच्चा ने तोड़ दिया दम

Tue, 10 Jan 2017 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Tue, 10 Jan 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
The husband was not treated, the child broke Jchcha- own
The husband was not treated, the child broke Jchcha- own - फोटो : बरेली, अमर उजाला
गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच में पता चला कि गर्भ में पानी की कमी है। गर्भवती को इलाज की जरूरत है, लेकिन पति अंजान बना रहा। अस्पताल नहीं लाया। ऐन वक्त पर छह जनवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तब तक देर हो चुकी थी। यहां सात जनवरी को मरे बच्चे ने जन्म लिया और प्रसूता दो दिन बाद दुनिया छोड़ गई। 
विज्ञापन

तमाम जागरूकता अभियान और सरकार द्वारा प्रोत्साहन दिए जाने के बाद भी लोग अनभिज्ञ हैं। फतेहगंज पश्चिमी सोहरा गांव के सलीम की पत्नी नाजिया (25) गर्भवती थी। पति सलीम स्टेशन रोड पर ही एक होटल में काम करता है। छह दिसंबर को उसने अपनी पत्नी को महिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुरानी जांचे मांगी गई तो 20 दिसंबर 2016 को प्राइवेट अस्पताल द्वारा कराए अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाई। इसमें गर्भ में पानी की कमी बताया गया है। डॉक्टराें ने तुरंत भर्ती कर अल्ट्रासाउंड समेत खून व अन्य जांच कराई। बच्चे की धड़कन कम मिली। खतरे को देखते हुए सात जनवरी को दोपहर 12:50 पर नाजिया का आपरेशन किया गया। मरा बच्चा पैदा हुआ। इसके बाद नाजिया की हालत ठीक नहीं थी। सोमवार को सुबह 10 बजे उसने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टराें के मुताबिक नाजिया की कार्डिएक अटैक से मौत की संभावना है। नाजिया का यह पहला बच्चा था। 
विज्ञापन


गर्भ में पानी कम, बच्चे के लिए खतरा
डॉ. सीमा ने बताया कि अगर नाजिया के पति ने अल्ट्रासाउंड कराया होगा तो डॉक्टरों ने स्थिति देखने के बाद ही आपरेशन की सलाह दी होगी। लेकिन वह जिला अस्पताल लाए, जबकि पिछले नौ माह में एक बार भी नाजिया हमारे अस्पताल नहीं आई। बच्चे ने गंदा पानी गर्भ में ही पी लिया जो उसके फेफड़े तक पहुंच चुका था। गर्भ में पानी कम होने पर तीन से चार दिन में बच्चे की मौत हो सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रसूता की मौत को लेकर राज 
डॉक्टराें का कहना है कि आपरेशन के बाद दो दिन नाजिया ठीक थी। इसका हीमोग्लोबिन भी 9 ग्राम था। उसने खाना पीना भी शुरू कर दिया था। सोमवार को अटैक से उसकी मौत हुई है। जबकि परिवार के लोगाें का आरोप है कि स्ट्रेचर से गिरने से नाजिया की मौत हुई है। पति ने इस बारे में कुछ नहीं बताया। उसने पुलिस में एफआईआर और पोस्टमार्टम से भी मना कर दिया। 


अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में ही संकेत मिल गया था कि बच्चे को खतरा है, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। उसी समय अस्पताल लाते तो जान बच सकती थी। बच्चे की मौत गंदा पानी पेट में पीने से हुई है, जबकि प्रसूता को अटैक पड़ा है। सभी चिकित्सक वहां मौजूद थे। 
डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed