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बच्चे बेचने के लिए चार से की थी डील, गिरफ्तार
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Fri, 13 May 2016 01:24 AM IST
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बच्चचा चाोर
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जिला महिला अस्पताल में बच्चा चुराने का गैंग सक्रिय है। एक महिला ने चार अन्य महिलाओं के साथ बच्चों को बेचने की डील की थी। उनसे पैसे ले लिए थे और जिला महिला अस्पताल में गुरुवार को बच्चा देने को कहा था। चारों महिलाएं बच्चे लेने पहुंच गई थीं। शक होने पर वार्ड के बाहर स्टाफ की पूछताछ में महिला की अचानक पोल खुल गई। अन्य महिलाआें ने पकड़कर उसकी पिटाई भी कर दी। सीएमओ डॉ. विजय यादव को सूचना दी गई तो उन्होंने पुलिस भेजी। सभी महिलाओं को पुलिस कोतवाली ले गई। देर शाम तक उनसे पूछताछ हुई। आरोपी मीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
भोजीपुरा की रहने वाली मीना ने सलमा, शशि चंद्रा, हेमलता और गुड़िया से डील की थी कि वह उन्हें बच्चे लाकर देगी। सलमा ने दस हजार रुपये, शशि चंद्रा ने 50 हजार रुपये, हेमलता ने 28 हजार और गुड़िया ने 20 हजार रुपये में सौदा किया था। इनको जानकारी दी गई थी कि जिला महिला अस्पताल से एक एंबुलेंस निकलेगी, जिसमें तीन बच्चे होंगे। ये बच्चे महिला बंदियों के हैं.. यही उन्हें दे दिए जाएंगे। इसमें मीना के साथ बिहारीपुर की रहने वाली सोनिया भी शामिल है। मीना महिला अस्पताल में वार्ड के बाहर सोनिया के साथ खड़ी ही थी कि बच्चा चाहने वाली चारों महिलाएं भी महिला अस्पताल पहुंच गईं। महिलाएं मीना के पास गईं तो वह वार्ड में घुसने की कोशिश करने लगी। कई महिलाओं को देखकर स्टाफ को शक हुआ तो पूछताछ करने लगे। बच्चे लेने आई महिलाओं को मामला उलझता दिखा तो मीना से वहीं पैसे मांगने लगीं तब माजरा खुलकर सामने आया। मीना को जमकर स्टाफ ने पीटा और पुलिस बुला ली गई। पुलिस उन्हें लेकर कोतवाली पहुंची और धोखाधड़ी में मीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अन्य महिलाओं को छोड़ दिया।
- .... आखिर मीना ने कैसे कर ली डील
मीना ने बताया कि बिहारीपुर की सोनिया ने बताया कि जेल की तीन कैदी महिला अस्पताल में भर्ती हुई हैं। इनका बच्चा स्टाफ की मिलीभगत से मिल जाएगा। इसके लिए स्टाफ से भी बातचीत हो चुकी है।
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किनको चाहिए था बच्चा
1- हेमलता और उसके पति प्रियदेवल को मीना से हेमलता की जेठानी सोनी देवल ने मिलवाया था। हेमलता और प्रिय की शादी को नौ साल हो गए उनको बच्चा नहीं हैं। प्रिय फड़ लगाता है। उसने 28 हजार में डील की थी।
2- सलमा को भी बच्चा नहीं था। उसे लड़का चाहिए था। सलमा ने बताया कि अपने कुंडल बेंचकर 10 हजार रुपये दे दिए थे। आज का टाइम दिया था।
3- मलूकपुर की गुड़िया की नंद ने बच्चे के लिए मीना से संपर्क किया था। मीना गुड़िया की नंद की सम्धन से संपर्क में आई थी। इनसे 20 हजार में डील हुई थी। 4- मठ की चौकी पर रहने वाली शशि चंद्रा की दो बहुएं हैं। इन दोनों को बच्चा नहीं है। इन्हें लड़का चाहिए था। शशि चंद्रा से मीना और सोनिया ने 50 हजार में डील की थी।
पहले भी हुए हैं बच्चे चोरी, तब लगे सीसीटीवी कैमरे
6 मार्च 2012 को बिहारीपुर के कैलाश शर्मा का नवजात चोरी हुआ
27 मार्च 2012 को आंवला के हरपाल की नवजात दो बेटियां चोरी हुई
21 मई 2012 को सीबीगंज के सुशील चौरसिया का डेढ़ साल के बेटे को गोद से छीन ले गए
13 अप्रैल 2013 को मोहनपुर ठिरिया के मो. अली का बच्चा बदला गया
इस मामले पर 25 मई 2012 को एडवोकेट मुहम्मद खालिद जिलानी ने बाल संरक्षण आयोग में मामला दर्ज कराया था। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग ने झूठ बोला। आयोग की फटकार के बाद 1 लाख 98 हजार के नौ कैमरे 3 सितंबर 2015 को लगाए गए। खालिद जिलानी का कहना है कि वे इस मामले में आयोग को फिर शिकायत भेजेंगे।
- मीना पर 420 का मुकदमा
बच्चा देने के लिए पैसे देने वाले प्रिय देवल और सलमा ने ठगी का मुकदमा मीना पर दर्ज कराया है। शशि चंद्रा और गुड़िया ने कोई शिकायत नहीं की। इनसे 30 हजार रुपये मीना ने लिए थे।
वर्जन--
‘सूचना के बाद तुरंत पुलिस को भेजा गया और शक के आधार पर सभी को पूछताछ के लिए पुलिस अपने साथ ले गई है। यह गंभीर मामला है। अस्पताल में गार्ड और स्टॉफ के साथ परिजनाें को भी अलर्ट किया गया है। सभी के पास टोकन है।’
डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल
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भोजीपुरा की रहने वाली मीना ने सलमा, शशि चंद्रा, हेमलता और गुड़िया से डील की थी कि वह उन्हें बच्चे लाकर देगी। सलमा ने दस हजार रुपये, शशि चंद्रा ने 50 हजार रुपये, हेमलता ने 28 हजार और गुड़िया ने 20 हजार रुपये में सौदा किया था। इनको जानकारी दी गई थी कि जिला महिला अस्पताल से एक एंबुलेंस निकलेगी, जिसमें तीन बच्चे होंगे। ये बच्चे महिला बंदियों के हैं.. यही उन्हें दे दिए जाएंगे। इसमें मीना के साथ बिहारीपुर की रहने वाली सोनिया भी शामिल है। मीना महिला अस्पताल में वार्ड के बाहर सोनिया के साथ खड़ी ही थी कि बच्चा चाहने वाली चारों महिलाएं भी महिला अस्पताल पहुंच गईं। महिलाएं मीना के पास गईं तो वह वार्ड में घुसने की कोशिश करने लगी। कई महिलाओं को देखकर स्टाफ को शक हुआ तो पूछताछ करने लगे। बच्चे लेने आई महिलाओं को मामला उलझता दिखा तो मीना से वहीं पैसे मांगने लगीं तब माजरा खुलकर सामने आया। मीना को जमकर स्टाफ ने पीटा और पुलिस बुला ली गई। पुलिस उन्हें लेकर कोतवाली पहुंची और धोखाधड़ी में मीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अन्य महिलाओं को छोड़ दिया।
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- .... आखिर मीना ने कैसे कर ली डील
मीना ने बताया कि बिहारीपुर की सोनिया ने बताया कि जेल की तीन कैदी महिला अस्पताल में भर्ती हुई हैं। इनका बच्चा स्टाफ की मिलीभगत से मिल जाएगा। इसके लिए स्टाफ से भी बातचीत हो चुकी है।
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किनको चाहिए था बच्चा
1- हेमलता और उसके पति प्रियदेवल को मीना से हेमलता की जेठानी सोनी देवल ने मिलवाया था। हेमलता और प्रिय की शादी को नौ साल हो गए उनको बच्चा नहीं हैं। प्रिय फड़ लगाता है। उसने 28 हजार में डील की थी।
2- सलमा को भी बच्चा नहीं था। उसे लड़का चाहिए था। सलमा ने बताया कि अपने कुंडल बेंचकर 10 हजार रुपये दे दिए थे। आज का टाइम दिया था।
3- मलूकपुर की गुड़िया की नंद ने बच्चे के लिए मीना से संपर्क किया था। मीना गुड़िया की नंद की सम्धन से संपर्क में आई थी। इनसे 20 हजार में डील हुई थी। 4- मठ की चौकी पर रहने वाली शशि चंद्रा की दो बहुएं हैं। इन दोनों को बच्चा नहीं है। इन्हें लड़का चाहिए था। शशि चंद्रा से मीना और सोनिया ने 50 हजार में डील की थी।
पहले भी हुए हैं बच्चे चोरी, तब लगे सीसीटीवी कैमरे
6 मार्च 2012 को बिहारीपुर के कैलाश शर्मा का नवजात चोरी हुआ
27 मार्च 2012 को आंवला के हरपाल की नवजात दो बेटियां चोरी हुई
21 मई 2012 को सीबीगंज के सुशील चौरसिया का डेढ़ साल के बेटे को गोद से छीन ले गए
13 अप्रैल 2013 को मोहनपुर ठिरिया के मो. अली का बच्चा बदला गया
इस मामले पर 25 मई 2012 को एडवोकेट मुहम्मद खालिद जिलानी ने बाल संरक्षण आयोग में मामला दर्ज कराया था। जिला अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग ने झूठ बोला। आयोग की फटकार के बाद 1 लाख 98 हजार के नौ कैमरे 3 सितंबर 2015 को लगाए गए। खालिद जिलानी का कहना है कि वे इस मामले में आयोग को फिर शिकायत भेजेंगे।
- मीना पर 420 का मुकदमा
बच्चा देने के लिए पैसे देने वाले प्रिय देवल और सलमा ने ठगी का मुकदमा मीना पर दर्ज कराया है। शशि चंद्रा और गुड़िया ने कोई शिकायत नहीं की। इनसे 30 हजार रुपये मीना ने लिए थे।
वर्जन--
‘सूचना के बाद तुरंत पुलिस को भेजा गया और शक के आधार पर सभी को पूछताछ के लिए पुलिस अपने साथ ले गई है। यह गंभीर मामला है। अस्पताल में गार्ड और स्टॉफ के साथ परिजनाें को भी अलर्ट किया गया है। सभी के पास टोकन है।’
डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल