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हास्टल में मिली मिल मैनेजर की लाश
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 25 May 2016 02:12 AM IST
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डीएसएम शुगर मील के सहायक प्रबंधक (गन्ना) प्रदीप कुमार सिंह की सोमवार रात संदिग्ध हालात में हास्टल के कमरे के अंदर ही मौत हो गई। उनका शव बेड के नीचे फर्श पर पड़ा था और सिर से खून बह रहा था। मिल प्रबंधन का कहना है कि हार्टअटैक पड़ने से प्रदीप बेड से गिरे और उनकी मौत हो गई। पुलिस के साथ ही फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
बिजनौर के रघुनाथपुर नहटौर निवासी 44 वर्षीय प्रदीप धामपुर शुगर मिल्स की मीरगंज यूनिट में कार्यरत थे। उनकी पत्नी और दो बच्चे धामपुर में ही रहते हैं। 18 वर्षीय बेटी बारहवीं और 12 साल का बेटा छठी में पढ़ता है। प्रदीप दो अन्य साथियों के साथ फैक्ट्री के बैचलर्स हास्टल के रूम नंबर छह में रह रहे थे। सोमवार को उनके दोनों साथी छुट्टी लेकर घर गए थे। प्रदीप कुछ दिन से ऑडिट के काम में लगे थे। सोमवार रात खाना खाकर वह कमरे में जाकर सो गए। मंगलवार सुबह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चाय लेकर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने अफसरों को सूचना दी। दरवाजे की जाली तोड़कर देखा गया तो प्रदीप बेड के नीचे पड़े थे। चोट लगने के कारण सिर से खून बह रहा था। सूचना पर सीओ मीरगंज नरेश कुमार और एसओ बच्चू सिंह यादव भी पहुंच गए। फील्ड यूनिट टीम ने फिंगर प्रिंट्स भी लिए। फैक्ट्री यूनिट हेड एके दीक्षित ने बताया कि प्रदीप हार्ट के मरीज थे। दस साल पहले उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और आसपास कोई न होने से वह बेड के नीचे फर्श पर गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस भी प्रथम दृष्ट्या दिल के दौरे को ही मौत की वजह बता रही है।
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बिजनौर के रघुनाथपुर नहटौर निवासी 44 वर्षीय प्रदीप धामपुर शुगर मिल्स की मीरगंज यूनिट में कार्यरत थे। उनकी पत्नी और दो बच्चे धामपुर में ही रहते हैं। 18 वर्षीय बेटी बारहवीं और 12 साल का बेटा छठी में पढ़ता है। प्रदीप दो अन्य साथियों के साथ फैक्ट्री के बैचलर्स हास्टल के रूम नंबर छह में रह रहे थे। सोमवार को उनके दोनों साथी छुट्टी लेकर घर गए थे। प्रदीप कुछ दिन से ऑडिट के काम में लगे थे। सोमवार रात खाना खाकर वह कमरे में जाकर सो गए। मंगलवार सुबह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चाय लेकर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसने अफसरों को सूचना दी। दरवाजे की जाली तोड़कर देखा गया तो प्रदीप बेड के नीचे पड़े थे। चोट लगने के कारण सिर से खून बह रहा था। सूचना पर सीओ मीरगंज नरेश कुमार और एसओ बच्चू सिंह यादव भी पहुंच गए। फील्ड यूनिट टीम ने फिंगर प्रिंट्स भी लिए। फैक्ट्री यूनिट हेड एके दीक्षित ने बताया कि प्रदीप हार्ट के मरीज थे। दस साल पहले उनकी बाईपास सर्जरी भी हो चुकी थी। अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा और आसपास कोई न होने से वह बेड के नीचे फर्श पर गए और उनकी मौत हो गई। पुलिस भी प्रथम दृष्ट्या दिल के दौरे को ही मौत की वजह बता रही है।
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