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आरोपी एसओ को ही सौंप दी जांच
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 26 Apr 2016 01:36 AM IST
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एसएसपी आरके भारद्वाज ने एसओ पर अभद्रता का आरोप लगा तो उसी को जांच सौंप दी। हाईकोर्ट के वकील ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय जाकर हाफिजगंज एसओ पर खुद से अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर एसएसपी ने एसओ को ही मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंप दी।
हाफिजगंज थाना के रिछौला गांव निवासी रामचरन लाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि वह गांव आए हुए हैं, जहां 23 मार्च को उनके पिता ताराचंद्र का अपने ही गांव के विनय कुमार गंगवार से रुपए लौटाने को लेकर विवाद हो गया। अधिवक्ता रामचरन का कहना है कि आरोपी विनय ने उनके पिता को पीटा और जान से मारने की धमकी दी। अधिवक्ता के अनुसार, उनक पिता ताराचंद्र थाने तहरीर देने गए पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद अधिवक्ता अपने पिता संग 24 मार्च को सुबह दस बजे थाने गया। आरोप है कि एसओ धर्मेंद्र कुमार व दो अन्य पुलिस वालों ने उनसे अभद्रता, मारपीट कर जमीन पर गिरा दिया। एसओ हाफिजगंज ने घटना से इंकार करते हुए कहा कि अधिवक्ता का आरोप झूठा है क्योंकि वह उस समय एसपीआरए की प्रेस कांफ्रेंस में व्यस्त थे।
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हाफिजगंज थाना के रिछौला गांव निवासी रामचरन लाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि वह गांव आए हुए हैं, जहां 23 मार्च को उनके पिता ताराचंद्र का अपने ही गांव के विनय कुमार गंगवार से रुपए लौटाने को लेकर विवाद हो गया। अधिवक्ता रामचरन का कहना है कि आरोपी विनय ने उनके पिता को पीटा और जान से मारने की धमकी दी। अधिवक्ता के अनुसार, उनक पिता ताराचंद्र थाने तहरीर देने गए पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद अधिवक्ता अपने पिता संग 24 मार्च को सुबह दस बजे थाने गया। आरोप है कि एसओ धर्मेंद्र कुमार व दो अन्य पुलिस वालों ने उनसे अभद्रता, मारपीट कर जमीन पर गिरा दिया। एसओ हाफिजगंज ने घटना से इंकार करते हुए कहा कि अधिवक्ता का आरोप झूठा है क्योंकि वह उस समय एसपीआरए की प्रेस कांफ्रेंस में व्यस्त थे।
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