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मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी का शक, हंगामा
बरेली
Updated Wed, 13 Jan 2016 02:11 AM IST
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बरेली। आठवीं से लेकर स्नातक तक बेरोजगारों को मर्चेंट नेवी में डैक आफिसर, सीमैन, जीपी रेटिंग, इलेक्ट्रीशियन, कुक और फिटर की नौकरी दिलाने वाली एक कंपनी पर ठगी करने का आरोप लगाते हुए कुछ युवकों ने मंगलवार को इज्जतनगर थाने में हंगामा किया। कंपनी ने दो सौ बेरोजगारों से आवेदन लिये थे। तीन जनवरी को परीक्षा हुई और मंगलवार को मेडिकल के लिए बुलाया था लेकिन मेडिकल हुआ नहीं । युवकों का आरोप है कि कंपनी अब उन्हें टरका रही है। पुलिस ने हंगामे के बाद कंपनी के तीन कर्मचारियों को उठा लिया था लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया।
फतेहगंज पश्चिमी के गांव पनवड़िया निवासी दीपक ने बताया कि वह बीए सेकेंड ईयर का छात्र है। उसके कॉलेज गेट के बाहर एक पर्चा चस्पा था। जिसमें नौवहन समुद्री सेवा में नौकरी के लिए अक्तूबर 2015 में आवेदन मांगे गए थे। पर्चे पर मैनेजिंग डायरेक्टर सी लाइट शिपिंग सर्विस 319/1 मठ कमललेनपुर इज्जतनगर लिखा था। दीपक ने बताया कि उसने यहां संपर्क किया तो उसका फार्म भरवाया गया। 1500 रुपये जमा कराए और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। एडमिट कार्ड घर भेजा गया। तीन जनवरी 2016 को परीक्षा हुई। मंगलवार को उसे मेडिकल के लिए भी बुलाया गया। जहां उसे रवि कुमार पुत्र त्रिभुवन निवासी बागन थाना गलफरवारी, धनबाद, बप्पी कुमार पुत्र अंकित सिंह निवासी पनडनिय थाना मार्गोमुन्डा, देवघर (झारखंड) और देवदत्त निवासी टियरखेड़ा थाना फतेहगंज पश्चिमी, बरेली मिले। उन्होंने कहा कि अगर मेडिकल में पास हो जाएंगे तो उन्हें लखनऊ में जहाज में काम करने की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। कर्मचारियों की बात को बेरोजगारों ने टरकाना माना और थाने में ठगी का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और कर्मचारियों को पकड़ लाई और कमललेनपुर स्थित कंपनी का आफिस बंद करा दिया। कर्मचारियों को बाद में मुचलके पर छोड़ दिया गया। कंपनी की असलियत परखने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
पटियाला में है हेड आफिस
हिरासत में लिए गए कर्मचारी ने बताया कि वह कंपनी में अकाउंटेंट है। उसकी कंपनी का हेड आफिस सी लाइट शिपिंग सर्विस राजपुरा रोड, सेकेंड फ्लोर पटियाला में है। यह कंपनी प्राइवेट नौकरी दिलाती है। अभ्यर्थी से जो 1500 सौ रुपये लिए जाते हैं, उसमें परीक्षा, मेडिकल आदि की व्यवस्था में होने वाले खर्च में चला जाता है और कुछ कमीशन एजेंसी को मिलता है।
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कंपनी के डायरेक्टर के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। छानबीन की जा रही है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद मुचलके पर छोड़ दिया गया। उन्हें नोटिस दिया गया कि जब भी जांच के दौरान उनकी जरूरत पड़ेगी तो वे थाने पर हाजिर होंगे। तीन दिन में वह कंपनी का ब्यौरा पेश नहीं करते तो उनकी फिर से गिरफ्तारी की जाएगी।
- सतेंद्र सिंह यादव, एसओ इज्जतनगर
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फतेहगंज पश्चिमी के गांव पनवड़िया निवासी दीपक ने बताया कि वह बीए सेकेंड ईयर का छात्र है। उसके कॉलेज गेट के बाहर एक पर्चा चस्पा था। जिसमें नौवहन समुद्री सेवा में नौकरी के लिए अक्तूबर 2015 में आवेदन मांगे गए थे। पर्चे पर मैनेजिंग डायरेक्टर सी लाइट शिपिंग सर्विस 319/1 मठ कमललेनपुर इज्जतनगर लिखा था। दीपक ने बताया कि उसने यहां संपर्क किया तो उसका फार्म भरवाया गया। 1500 रुपये जमा कराए और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। एडमिट कार्ड घर भेजा गया। तीन जनवरी 2016 को परीक्षा हुई। मंगलवार को उसे मेडिकल के लिए भी बुलाया गया। जहां उसे रवि कुमार पुत्र त्रिभुवन निवासी बागन थाना गलफरवारी, धनबाद, बप्पी कुमार पुत्र अंकित सिंह निवासी पनडनिय थाना मार्गोमुन्डा, देवघर (झारखंड) और देवदत्त निवासी टियरखेड़ा थाना फतेहगंज पश्चिमी, बरेली मिले। उन्होंने कहा कि अगर मेडिकल में पास हो जाएंगे तो उन्हें लखनऊ में जहाज में काम करने की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। कर्मचारियों की बात को बेरोजगारों ने टरकाना माना और थाने में ठगी का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और कर्मचारियों को पकड़ लाई और कमललेनपुर स्थित कंपनी का आफिस बंद करा दिया। कर्मचारियों को बाद में मुचलके पर छोड़ दिया गया। कंपनी की असलियत परखने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
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पटियाला में है हेड आफिस
हिरासत में लिए गए कर्मचारी ने बताया कि वह कंपनी में अकाउंटेंट है। उसकी कंपनी का हेड आफिस सी लाइट शिपिंग सर्विस राजपुरा रोड, सेकेंड फ्लोर पटियाला में है। यह कंपनी प्राइवेट नौकरी दिलाती है। अभ्यर्थी से जो 1500 सौ रुपये लिए जाते हैं, उसमें परीक्षा, मेडिकल आदि की व्यवस्था में होने वाले खर्च में चला जाता है और कुछ कमीशन एजेंसी को मिलता है।
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कंपनी के डायरेक्टर के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। छानबीन की जा रही है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद मुचलके पर छोड़ दिया गया। उन्हें नोटिस दिया गया कि जब भी जांच के दौरान उनकी जरूरत पड़ेगी तो वे थाने पर हाजिर होंगे। तीन दिन में वह कंपनी का ब्यौरा पेश नहीं करते तो उनकी फिर से गिरफ्तारी की जाएगी।
- सतेंद्र सिंह यादव, एसओ इज्जतनगर