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सेंट्रल जेल में कैदियों की हड़ताल खत्म
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:48 AM IST
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14 साल की सजा काट चुके उम्रकैदियों की रिहाई की मांग को लेकर बरेली सेंट्रल जेल में पिछले चार दिनों से चल रही भूख हड़ताल सोमवार की शाम खत्म हो गई। जेल अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद सभी कैदियों ने शाम का भोजन किया। स्थानीय स्तर की समस्याएं जेल प्रशासन खुद दूर करेगा। कैदियों का दिया मांगपत्र शासन को भेजा जाएगा।
बरेली सेंट्रल जेल में भूख हड़ताल की शुरुआत दो सितंबर से हुई थी। पहले दिन छह कैदी हड़ताल पर रहे थे। दूसरे दिन शनिवार को बीमार कैदियों को छोड़कर लगभग सभी 1900 कैदियों ने भूख हड़ताल की थी। तीसर दिन रविवार को जेल प्रशासन की मेहनत रंग लाई और छह सौ कैदियों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी। मगर 1300 कैदी हड़ताल करने की जिद पर अड़े रहे। जेल अधीक्षक पीएन पांडेय सोमवार सुबह से ही कैदियों को समझाने की कोशिश में जुट गए। उन्होंने हर बैरक में जाकर कैदियों की समस्याएं सुनी। कैदियों की मांग पर मिलाई, खाना और इलाज संबंधी समस्याएं स्थानीय स्तर पर निपटाने का भरोसा दिया। कहा कि रिहाई के संबंधी फैसला शासन पर होना है, जिसके लिए मांग पत्र भेज दिया जाएगा। इसका असर यह हुआ कि सोमवार दोपहर तक करीब एक हजार कैदी हड़ताल से दूर हो गए। उन्होंने दोपहर को खाना भी खाया। आपसी एकता टूटने से बाकी बचे तीन सौ कैदियों का मनोबल भी टूट गया। शाम को उन्होंने जेल अधीक्षक को ज्ञापन दिया और हड़ताल खत्म करने का एलान कर दिया। सोमवार की शाम सभी कैदियों ने आम दिनों की तरह खाना खाया।
कैदियों को उनकी मांगें शासन को भेजने का वादा किया। कानूनी समस्याएं भी बताई गईं। छोटी मोटी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी। यह समझाने पर ज्यादातर कैदियों ने दोपहर को ही हड़ताल खत्म कर दी थी। बाकी बचे तीन सौ कैदी शाम तक मान गए। इस तरह कैदियों की भूख हड़ताल पूरी तरह खत्म हो गई है। -पीएन पांडेय, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल, बरेली।
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जिला जेल के कैदियों को भड़काने की कोशिश
बरेली। पिछले कई दिनों से यहां सेंट्रल जेल में कैदी भूख हड़ताल कर रहे थे। सोमवार को कुछ दबंग बंदियों जिला जेल में बंद सजायाफ्ता कैदियों को भड़काने की कोशिश की। मामला बिगड़ता इससे पहले जेल प्रशासन सक्रिय हो गया और कैदियों को समझा लिया गया। यहां जिला जेल में करीब तीन सौ सजायाफ्ता कैदी हैं, जिनमें 60 उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह सेंट्रल जेल का हवाला देकर जिला जेल के दबंग बंदियों ने रिहाई का लालच देकर उम्रकैदियों को भड़का दिया। इसका असर यह हुआ कि जिला जेल के कुछ कैदियों ने सुबह का नाश्ता लेने से मना कर दिया और अपनी बैरक में अनशन पर बैठ गए। इसकी जानकारी जिला जेल अफसरों को मिली तो खलबली मच गई। जेल अधीक्षक ने खुद बैरक में जाकर कैदियों को समझाने के साथ हकीकत से अवगत कराया। इससे कैदी मान गए। इसके बाद नाश्ता किया और खाना भी खाया। जिला जेल अधीक्षक ददीराम मौर्या ने बताया कि सुबह कुछ कैदी बहकावे में आ गए थे, लेकिन समझाने पर मान गए। सोमवार सुबह-शाम सभी कैदियों ने खाना खाया।
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बरेली सेंट्रल जेल में भूख हड़ताल की शुरुआत दो सितंबर से हुई थी। पहले दिन छह कैदी हड़ताल पर रहे थे। दूसरे दिन शनिवार को बीमार कैदियों को छोड़कर लगभग सभी 1900 कैदियों ने भूख हड़ताल की थी। तीसर दिन रविवार को जेल प्रशासन की मेहनत रंग लाई और छह सौ कैदियों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी थी। मगर 1300 कैदी हड़ताल करने की जिद पर अड़े रहे। जेल अधीक्षक पीएन पांडेय सोमवार सुबह से ही कैदियों को समझाने की कोशिश में जुट गए। उन्होंने हर बैरक में जाकर कैदियों की समस्याएं सुनी। कैदियों की मांग पर मिलाई, खाना और इलाज संबंधी समस्याएं स्थानीय स्तर पर निपटाने का भरोसा दिया। कहा कि रिहाई के संबंधी फैसला शासन पर होना है, जिसके लिए मांग पत्र भेज दिया जाएगा। इसका असर यह हुआ कि सोमवार दोपहर तक करीब एक हजार कैदी हड़ताल से दूर हो गए। उन्होंने दोपहर को खाना भी खाया। आपसी एकता टूटने से बाकी बचे तीन सौ कैदियों का मनोबल भी टूट गया। शाम को उन्होंने जेल अधीक्षक को ज्ञापन दिया और हड़ताल खत्म करने का एलान कर दिया। सोमवार की शाम सभी कैदियों ने आम दिनों की तरह खाना खाया।
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कैदियों को उनकी मांगें शासन को भेजने का वादा किया। कानूनी समस्याएं भी बताई गईं। छोटी मोटी समस्याएं दूर कर दी जाएंगी। यह समझाने पर ज्यादातर कैदियों ने दोपहर को ही हड़ताल खत्म कर दी थी। बाकी बचे तीन सौ कैदी शाम तक मान गए। इस तरह कैदियों की भूख हड़ताल पूरी तरह खत्म हो गई है। -पीएन पांडेय, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल, बरेली।
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जिला जेल के कैदियों को भड़काने की कोशिश
बरेली। पिछले कई दिनों से यहां सेंट्रल जेल में कैदी भूख हड़ताल कर रहे थे। सोमवार को कुछ दबंग बंदियों जिला जेल में बंद सजायाफ्ता कैदियों को भड़काने की कोशिश की। मामला बिगड़ता इससे पहले जेल प्रशासन सक्रिय हो गया और कैदियों को समझा लिया गया। यहां जिला जेल में करीब तीन सौ सजायाफ्ता कैदी हैं, जिनमें 60 उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार सुबह सेंट्रल जेल का हवाला देकर जिला जेल के दबंग बंदियों ने रिहाई का लालच देकर उम्रकैदियों को भड़का दिया। इसका असर यह हुआ कि जिला जेल के कुछ कैदियों ने सुबह का नाश्ता लेने से मना कर दिया और अपनी बैरक में अनशन पर बैठ गए। इसकी जानकारी जिला जेल अफसरों को मिली तो खलबली मच गई। जेल अधीक्षक ने खुद बैरक में जाकर कैदियों को समझाने के साथ हकीकत से अवगत कराया। इससे कैदी मान गए। इसके बाद नाश्ता किया और खाना भी खाया। जिला जेल अधीक्षक ददीराम मौर्या ने बताया कि सुबह कुछ कैदी बहकावे में आ गए थे, लेकिन समझाने पर मान गए। सोमवार सुबह-शाम सभी कैदियों ने खाना खाया।