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लड़कियां बोलीं-अगवा किया पुलिस बोली मर्जी से गई
बरेली, ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:37 AM IST
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हाफिजगंज से लापता लड़कियों की बरामदगी के मामले में पुलिस और लड़कियों की कहानी अलग-अलग है। शुक्रवार को पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में बरामदगी की उलझी सी कहानी सुना कर बताया कि छोटी बहन की आटो चालक से दोस्ती थी। दोनों बहनें अपनी मर्जी से आटो चालक और उसके दोस्त के साथ गई थीं। इधर लड़कियों का कहना है कि उन्हें अगवा किया गया था। उन्हें रिश्ते की चाची ने 80 हजार रुपये में बेचा था। बहरहाल पुलिस ने पुराने मुकदमे के आधार पर आटो चालक और उसके साथी समेत पांच लोगों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल तो भेज दिया है लेकिन इनकी रिहाई की भी भूमिका तैयार कर ली है।
पीड़ित लड़कियों में छोटी बहन नवाबगंज स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। प्रेस कांफ्रेंस में एसपीआरए यमुना प्रसाद ने बताया कि स्कूल आने जाने के दौरान किशोरी की मुलाकात थाना नवाबगंज क्षेत्र के जरेली गांव का राजा उर्फ गालिब हो गई थी। वह करीब दो महीने तक किशोरी को दोस्ती के जाल में फंसाए रहा। योजना के मुताबिक 15 नवंबर 2015 को सत्संग से लौटते समय लड़कियों को रिठौरा में राजा मिल गया। वहां से टेंपो में तीनों सैटेलाइट बस अड्डा गए। जहां राजा का साथी थाना हाफिजगंज के फैजुल्लापुर गांव का धर्मपाल मिला। सैटेलाइट से चारों ऑटो में रेलवे स्टेशन गए और वहां से ट्रेन में मुरादाबाद जा पहुंचे। मुरादाबाद में चारों ने खाना खाया और फिर रोडवेज बस में बैठकर दिल्ली के आनंद बिहार बस अड्डे जा पहुंचे। गाजियाबाद के खोड़ा में धर्मपाल की चचेरी बहन और बहनोई नेमचंद छोटे रहता था। छोटे हाफिजगंज इलाके के फैजल्लापुर का रहने वाला है। उस रात चारों छोटे के घर रुके। जहां उन्हें छोटे का दोस्त अलीगढ़ के थाना दादो क्षेत्र के गांव हीरानंगला निवासी वीरेंद्र भी मिला था। अगले दिन वहीं राजा व धर्मपाल ने किराए पर कमरा लेकर लड़कियों को रख दिया। वहीं राजा ने किशोरी से रेप किया। राजा ने बताया कि दो दिन बाद उनकी गैर मौजूदगी में उनके कमरे पर वीरेंद्र पहुंचा और दोनों बहनों को बहला फुसलाकर अपने साथ अलीगढ़ ले गया। इसका पता लगने पर राजा ने फोन पर वीरेंद्र से बात की थी, लेकिन वह धमकाने लगा। वीरेंद्र ने रुपये लेकर अपने परिवार के दो लड़कों से उनकी शादी करवा दी। बड़ी बहन की शादी प्रेमवीर और छोटी की हेमेंद्र से हुई।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि वीरेंद्र ने लड़कियों को सात हजार रुपये में बेचा था। सर्विलांस की मदद से लापता लड़कियों के बुलंदशहर में होने का पता चला। वहां दोनों बहनों को दूसरी बार बेचा जाना था। पुलिस व एसटीएफ ने दबिश देकर लड़कियों को बरामद करने के साथ राजा उर्फ गालिब, धर्मपाल, नेमचंद उर्फ छोटे, वीरेंद्र और हेमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। बरामद लड़कियों में एक की उम्र 17 और दूसरी की 19 साल है। नवाबगंज सीओ इंदु प्रभा ने बताया कि नवाबगंज थाने में लड़कियों के अपहरण की धारा 363 का मुकदमा दर्ज था। गिरफ्तार हुए लोगों पर लड़कियों को अगवा कर खरीद फरोख्त करने और शारीरिक शोषण का आरोप है। इसके तहत पांचों को जेल भेज दिया गया।
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चाची पर 80 हजार में बेचने का आरोप
दोनों बहनों ने बताया कि वे अपनी चाची रीता और रिश्ते की चाची सीमा के साथ सत्संग में गई थीं। रीता इज्जतनगर थाना क्षेत्र के छोटी विहार में रहती है। सत्संग के बाद रिठौरा से रीता टेंपो में बैठकर अपने घर चली गईं। रिठौरा अड्डे पर सीमा ने दोनों बहनों को चाट खिलाने के बाद सिथरा अड्डा जाने का बहाना करके राजा के टेंपो में बैठा दिया। कुछ देर बाद दोनों बहनें बेसुध हो गईं। आंख खुली तो खुद को छोटे के घर पाया। किशोरी का आरोप है कि वहां राजा ने रेप किया। विरोध करने पर किशोरी व उसकी बहन को पीटा। दिन में उन्हें कमरे में बंद करके रखा गया। मौका पाकर वे खिड़की से बाहर निकलीं। वह छोटे के घर गईं तो वहां से वीरेंद्र उन्हें अपने साथ ले गया। दोनों बहनों का आरोप है कि सीमा ने उन्हें 80 हजार रुपये में सीमा के हाथ बेचा था। एसपी देहात ने बताया कि अभी सीमा को क्लीनचिट नहीं दी जा सकती। उसकी तलाश जारी है।
पतियों के साथ ही रहेंगी
बरामद लड़कियों ने बताया कि उन्होंने प्रेमवीर और हेमेंद्र से अपनी मर्जी से शादी की थी। वे पिता के घर आने को कहती थीं। मगर दोनों के पति एक साल बाद ले जाने को कह देते थे। इसके लिए बहाना लड़कियों के पिता का नाराज होने का किया। वे मायके आतीं इससे पहले पुलिस पहुंच गई। लड़कियों का कहना है कि अभी वे पिता के साथ जाएंगी। मगर रहेंगी अपने पतियों के संग।
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पीड़ित लड़कियों में छोटी बहन नवाबगंज स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती थी। प्रेस कांफ्रेंस में एसपीआरए यमुना प्रसाद ने बताया कि स्कूल आने जाने के दौरान किशोरी की मुलाकात थाना नवाबगंज क्षेत्र के जरेली गांव का राजा उर्फ गालिब हो गई थी। वह करीब दो महीने तक किशोरी को दोस्ती के जाल में फंसाए रहा। योजना के मुताबिक 15 नवंबर 2015 को सत्संग से लौटते समय लड़कियों को रिठौरा में राजा मिल गया। वहां से टेंपो में तीनों सैटेलाइट बस अड्डा गए। जहां राजा का साथी थाना हाफिजगंज के फैजुल्लापुर गांव का धर्मपाल मिला। सैटेलाइट से चारों ऑटो में रेलवे स्टेशन गए और वहां से ट्रेन में मुरादाबाद जा पहुंचे। मुरादाबाद में चारों ने खाना खाया और फिर रोडवेज बस में बैठकर दिल्ली के आनंद बिहार बस अड्डे जा पहुंचे। गाजियाबाद के खोड़ा में धर्मपाल की चचेरी बहन और बहनोई नेमचंद छोटे रहता था। छोटे हाफिजगंज इलाके के फैजल्लापुर का रहने वाला है। उस रात चारों छोटे के घर रुके। जहां उन्हें छोटे का दोस्त अलीगढ़ के थाना दादो क्षेत्र के गांव हीरानंगला निवासी वीरेंद्र भी मिला था। अगले दिन वहीं राजा व धर्मपाल ने किराए पर कमरा लेकर लड़कियों को रख दिया। वहीं राजा ने किशोरी से रेप किया। राजा ने बताया कि दो दिन बाद उनकी गैर मौजूदगी में उनके कमरे पर वीरेंद्र पहुंचा और दोनों बहनों को बहला फुसलाकर अपने साथ अलीगढ़ ले गया। इसका पता लगने पर राजा ने फोन पर वीरेंद्र से बात की थी, लेकिन वह धमकाने लगा। वीरेंद्र ने रुपये लेकर अपने परिवार के दो लड़कों से उनकी शादी करवा दी। बड़ी बहन की शादी प्रेमवीर और छोटी की हेमेंद्र से हुई।
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एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि वीरेंद्र ने लड़कियों को सात हजार रुपये में बेचा था। सर्विलांस की मदद से लापता लड़कियों के बुलंदशहर में होने का पता चला। वहां दोनों बहनों को दूसरी बार बेचा जाना था। पुलिस व एसटीएफ ने दबिश देकर लड़कियों को बरामद करने के साथ राजा उर्फ गालिब, धर्मपाल, नेमचंद उर्फ छोटे, वीरेंद्र और हेमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। बरामद लड़कियों में एक की उम्र 17 और दूसरी की 19 साल है। नवाबगंज सीओ इंदु प्रभा ने बताया कि नवाबगंज थाने में लड़कियों के अपहरण की धारा 363 का मुकदमा दर्ज था। गिरफ्तार हुए लोगों पर लड़कियों को अगवा कर खरीद फरोख्त करने और शारीरिक शोषण का आरोप है। इसके तहत पांचों को जेल भेज दिया गया।
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चाची पर 80 हजार में बेचने का आरोप
दोनों बहनों ने बताया कि वे अपनी चाची रीता और रिश्ते की चाची सीमा के साथ सत्संग में गई थीं। रीता इज्जतनगर थाना क्षेत्र के छोटी विहार में रहती है। सत्संग के बाद रिठौरा से रीता टेंपो में बैठकर अपने घर चली गईं। रिठौरा अड्डे पर सीमा ने दोनों बहनों को चाट खिलाने के बाद सिथरा अड्डा जाने का बहाना करके राजा के टेंपो में बैठा दिया। कुछ देर बाद दोनों बहनें बेसुध हो गईं। आंख खुली तो खुद को छोटे के घर पाया। किशोरी का आरोप है कि वहां राजा ने रेप किया। विरोध करने पर किशोरी व उसकी बहन को पीटा। दिन में उन्हें कमरे में बंद करके रखा गया। मौका पाकर वे खिड़की से बाहर निकलीं। वह छोटे के घर गईं तो वहां से वीरेंद्र उन्हें अपने साथ ले गया। दोनों बहनों का आरोप है कि सीमा ने उन्हें 80 हजार रुपये में सीमा के हाथ बेचा था। एसपी देहात ने बताया कि अभी सीमा को क्लीनचिट नहीं दी जा सकती। उसकी तलाश जारी है।
पतियों के साथ ही रहेंगी
बरामद लड़कियों ने बताया कि उन्होंने प्रेमवीर और हेमेंद्र से अपनी मर्जी से शादी की थी। वे पिता के घर आने को कहती थीं। मगर दोनों के पति एक साल बाद ले जाने को कह देते थे। इसके लिए बहाना लड़कियों के पिता का नाराज होने का किया। वे मायके आतीं इससे पहले पुलिस पहुंच गई। लड़कियों का कहना है कि अभी वे पिता के साथ जाएंगी। मगर रहेंगी अपने पतियों के संग।