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मां की मौत से टूटी बेटी, लगा मारपीट का इल्जाम
बरेली।
Updated Tue, 14 Feb 2017 01:02 AM IST
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Roto por la muerte de la madre, la hija, fue acusado de asalto
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
जिला अस्पताल में मां की मौत ने 26 साल की बेटी को तोड़कर रख दिया। उस पर आरोप लगा कि वह गुस्से में संविदा नर्स से भिड़ गई। गलत इंजेक्शन लगाने की बात कहकर वह उग्र हो गई। अस्पताल कर्मियों ने उसे एक कमरे में बंद कर पुलिस को बुला लिया। हालांकि, लड़की ने इससे इंकार करते हुए कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने पहले ही उसे कमरे में बंद कर दिया था और मां से मिलने तक नहीं दिया गया।
सिरौली के कटारिया ठकरान में रहने वाले हवलदार सिंह की 45 वर्षीय पत्नी मीना देवी को सांस की दिक्कत थी। सोमवार दोपहर पौने एक बजे उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। यहां भर्ती होेते ही डॉ. वीके धस्माना को बुलाया गया। बताया गया कि डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए पहले ही तीमारदारों को जानकारी दे दी थी। इसके बाद इमरजेंसी में तैनात टीएनएम एजेंसी की संविदा नर्स उमा रानी ने मरीज को इंजेक्शन लगाया तो उनकी हालत बिगड़ गई। कुछ देर बात मीना देवी ने दम तोड़ दिया। मां की मौत ने बेटी सुमन को तोड़कर रख दिया। वह आपा खो बैठीं और चिल्लाने लगीं। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने नर्स से मारपीट की। कर्मचारियों को धक्का भी दिया। कर्मचारियों ने लड़की को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और नर्स उमारानी का मेडिकल कराया गया। स्टाफ नर्स और तमाम कर्मचारी भी इमरजेंसी पहुंच गए उन्होंने तीमारदारों के आरोप पर शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए मॉर्चरी में रखवा दिया, हालांकि बाद में तीमारदार शव मांगते रहे। डॉक्टर और स्टाफ नर्सों ने बताया कि पहले ही महिला की हालत गंभीर थी। केस बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया था।
महिला की गंभीर हालत के बारे में पहले से बता दिया गया था। उसकी मौत गलत इंजेक्शन से नहीं हुई है, इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस को भी सूचना दे दी है।
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- डॉ. केएस गुप्ता, एडीएसआईसी।
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सिरौली के कटारिया ठकरान में रहने वाले हवलदार सिंह की 45 वर्षीय पत्नी मीना देवी को सांस की दिक्कत थी। सोमवार दोपहर पौने एक बजे उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। यहां भर्ती होेते ही डॉ. वीके धस्माना को बुलाया गया। बताया गया कि डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए पहले ही तीमारदारों को जानकारी दे दी थी। इसके बाद इमरजेंसी में तैनात टीएनएम एजेंसी की संविदा नर्स उमा रानी ने मरीज को इंजेक्शन लगाया तो उनकी हालत बिगड़ गई। कुछ देर बात मीना देवी ने दम तोड़ दिया। मां की मौत ने बेटी सुमन को तोड़कर रख दिया। वह आपा खो बैठीं और चिल्लाने लगीं। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने नर्स से मारपीट की। कर्मचारियों को धक्का भी दिया। कर्मचारियों ने लड़की को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और नर्स उमारानी का मेडिकल कराया गया। स्टाफ नर्स और तमाम कर्मचारी भी इमरजेंसी पहुंच गए उन्होंने तीमारदारों के आरोप पर शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए मॉर्चरी में रखवा दिया, हालांकि बाद में तीमारदार शव मांगते रहे। डॉक्टर और स्टाफ नर्सों ने बताया कि पहले ही महिला की हालत गंभीर थी। केस बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया था।
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महिला की गंभीर हालत के बारे में पहले से बता दिया गया था। उसकी मौत गलत इंजेक्शन से नहीं हुई है, इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस को भी सूचना दे दी है।
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- डॉ. केएस गुप्ता, एडीएसआईसी।