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प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन तीन माह और बने रहेंगे कुलपति
बरेली।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:57 AM IST
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Professor Mushahid Hussain three The Vice Chancellor
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति के चयन को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों पर गुुरुवार को विराम लग गया। मौजूदा कुलपति प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन ही अगले तीन माह तक विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर बने रहेंगे। गुरुवार को राज्यपाल राम नाईक ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया। अब अगले तीन माह या फिर नए कुलपति की नियुक्ति या अगले आदेशों तक प्रोफेसर मुशाहिद ही कुलपति रहेंगे।
प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन का कार्यकाल 17 दिसंबर 2016 को समाप्त हो गया था। इसके बाद राज्यपाल ने तीन माह के लिए इनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। विधानसभा चुनाव के चलते नए कुलपति की चयन प्रक्रिया में वक्त लग गया। हालांकि नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। करीब साढ़े तीन सौ आवेदनों में से अंतिम पांच पर चयन समिति अपनी मुहर लगा चुकी है। अब राज्यपाल स्तर से इन पांच नामों में से एक पर मुहर लगनी है। कुलपति का सेवा विस्तार का समय शुक्रवार को पूरा हो रहा है। कई दिन से कयास लगाए जा रहे थे कि मौजूदा कुलपति का कार्यकाल बढ़ाया जाना मुश्किल है, विश्वविद्यालय को अब नया कुलपति मिलेगा। इन अटकलों के बीच गुुरुवार को राज्यपाल ने मौजूदा कुलपति का कार्यकाल तीन माह बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से नियमित कुलपति का चयन नहीं हो सका है, इसमें कुछ वक्त लगने की संभावना है। दूसरी तरफ यह माना जा रहा है कि नई सरकार का गठन अभी नहीं हुआ है, इसके चलते कुलपति चयन पर निर्णय नहीं हो सका। किसी को कुलपति का कार्यभार सौंपने की बजाए मौजूदा कुलपति को ही प्राथमिकता दी गई। उनको साफ छवि और बेहतर कार्य का फायदा मिला है।
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प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन का कार्यकाल 17 दिसंबर 2016 को समाप्त हो गया था। इसके बाद राज्यपाल ने तीन माह के लिए इनका कार्यकाल बढ़ा दिया था। विधानसभा चुनाव के चलते नए कुलपति की चयन प्रक्रिया में वक्त लग गया। हालांकि नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। करीब साढ़े तीन सौ आवेदनों में से अंतिम पांच पर चयन समिति अपनी मुहर लगा चुकी है। अब राज्यपाल स्तर से इन पांच नामों में से एक पर मुहर लगनी है। कुलपति का सेवा विस्तार का समय शुक्रवार को पूरा हो रहा है। कई दिन से कयास लगाए जा रहे थे कि मौजूदा कुलपति का कार्यकाल बढ़ाया जाना मुश्किल है, विश्वविद्यालय को अब नया कुलपति मिलेगा। इन अटकलों के बीच गुुरुवार को राज्यपाल ने मौजूदा कुलपति का कार्यकाल तीन माह बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से नियमित कुलपति का चयन नहीं हो सका है, इसमें कुछ वक्त लगने की संभावना है। दूसरी तरफ यह माना जा रहा है कि नई सरकार का गठन अभी नहीं हुआ है, इसके चलते कुलपति चयन पर निर्णय नहीं हो सका। किसी को कुलपति का कार्यभार सौंपने की बजाए मौजूदा कुलपति को ही प्राथमिकता दी गई। उनको साफ छवि और बेहतर कार्य का फायदा मिला है।
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