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शास्त्रीनगर में चार दवा की दुकानों पर छापा, हड़कंप
बरेली।
Updated Wed, 17 May 2017 01:28 AM IST
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शास्त्रीनगर में चार दवा की दुकानों पर छापा, हड़कंप
- फोटो : शास्त्रीनगर में चार दवा की दुकानों पर छापा, हड़कंप
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कमिश्नर पीवी जगनमोहन के आदेश पर सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल गुलशन सेठी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने शास्त्रीनगर बाजार में दवा की चार दुकानों पर अचानक छापा मार दिया। इस दौरान एक मेडिकल स्टोर के ऊपर बने स्टोर में रखी साढ़े तीन लाख रुपये की दवा सीज कर दी। मेडिकल स्टोर के स्वामी टीम को बिल नहीं दिखा पाए। चारों दुकानों से कुल दस दवाओं के नमूने लिए गए।
मंगलवार की सुबह करीब साढ़े बजे सहायक आयुक्त औषधि ड्रग इंस्पेक्टर प्रमिला वर्मा और नवनीत कुमार को साथ लेकर शास्त्रीनगर स्थित दवा बाजार पहुंच गए। टीम सबसे पहले भारत ट्रेडर्स के नाम से दवा का कारोबार करने वाले विनोद नागपाल के यहां पहुंची। इस मेडिकल स्टोर के ऊपर गोदाम बना है, उसमें ताला लगा था। दुकान का निरीक्षण करने के बाद टीम ने मेडिकल स्टोर के मालिक विनोद नागपाल से स्टोर खुलवा दिखाने की कोशिश की। इस पर उनका कहना था कि स्टोर उनका नहीं है। काफी देर कानाफूसी होने के बाद मीडिया कर्मियों को इधर-उधर कराकर स्टोर खुलवाया गया। भारत ट्रेडर्स के यहां से नींद की पांच गोलियों के नमूने लेने के बाद साढ़े तीन लाख रुपये की दवा सीज कर दी गई। इसके बाद टीम ने दया मेडिकल स्टोर से दो और शिव मेडिकोज से दो और कन्हैया मेडिकल से एक दवा का नमूना लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि भारत ट्रेडर्स के मालिक सीज की गई दवा का बिल नहीं दिखा पाए। यह दवा नींद की है। नशे के लिए कुछ लोग इसे ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं। दवा की दुकानों पर छापामारी की कार्रवाई जारी रहेगी।
नींद की दवा को नशा बना लेते हैं
ड्रग इंस्पेक्टर प्रमिला वर्मा ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने लिए गए हैं, उनमें से ज्यादातर नींद की दवाएं हैं। इन दवाओं को कुछ रिक्शा चालक आदि थकान मिटाने के लिए ज्यादा मात्रा में खाकर नशे के लिए इस्तेमाल कर लेते हैं। एविल और बीटाडिन का भी नमूना लिया है। नारकोटिक्स एक्ट के तहत नशे के लिए नशे की दवा बेचना अपराध है।
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मंगलवार की सुबह करीब साढ़े बजे सहायक आयुक्त औषधि ड्रग इंस्पेक्टर प्रमिला वर्मा और नवनीत कुमार को साथ लेकर शास्त्रीनगर स्थित दवा बाजार पहुंच गए। टीम सबसे पहले भारत ट्रेडर्स के नाम से दवा का कारोबार करने वाले विनोद नागपाल के यहां पहुंची। इस मेडिकल स्टोर के ऊपर गोदाम बना है, उसमें ताला लगा था। दुकान का निरीक्षण करने के बाद टीम ने मेडिकल स्टोर के मालिक विनोद नागपाल से स्टोर खुलवा दिखाने की कोशिश की। इस पर उनका कहना था कि स्टोर उनका नहीं है। काफी देर कानाफूसी होने के बाद मीडिया कर्मियों को इधर-उधर कराकर स्टोर खुलवाया गया। भारत ट्रेडर्स के यहां से नींद की पांच गोलियों के नमूने लेने के बाद साढ़े तीन लाख रुपये की दवा सीज कर दी गई। इसके बाद टीम ने दया मेडिकल स्टोर से दो और शिव मेडिकोज से दो और कन्हैया मेडिकल से एक दवा का नमूना लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि भारत ट्रेडर्स के मालिक सीज की गई दवा का बिल नहीं दिखा पाए। यह दवा नींद की है। नशे के लिए कुछ लोग इसे ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं। दवा की दुकानों पर छापामारी की कार्रवाई जारी रहेगी।
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नींद की दवा को नशा बना लेते हैं
ड्रग इंस्पेक्टर प्रमिला वर्मा ने बताया कि जिन दवाओं के नमूने लिए गए हैं, उनमें से ज्यादातर नींद की दवाएं हैं। इन दवाओं को कुछ रिक्शा चालक आदि थकान मिटाने के लिए ज्यादा मात्रा में खाकर नशे के लिए इस्तेमाल कर लेते हैं। एविल और बीटाडिन का भी नमूना लिया है। नारकोटिक्स एक्ट के तहत नशे के लिए नशे की दवा बेचना अपराध है।
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