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अब कैश का इंश्योरेंस कार्ड बनाने के नाम पर ठगी
बरेली।
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:36 AM IST
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कभी पासवर्ड पूछकर तो कभी आधार कार्ड बनाने के नाम पर तो कभी धन दोगुना करने का लालच देकर ठगी की खबरें सुर्खियां बनती रही हैं लेकिन अब ठगी का एक और तरीका सामने आया है। ट्रेन में कैश चोरी होने का भय दिखाकर भोलेभाले यात्रियों को उस कैश का इंश्योरेंस करने के नाम पर अब ठगा जा रहा है। जंक्शन पर सक्रिय ऐसे ही गिरोह ने बिहार के युवक को गिरोह के दो ठगों ने उसके पास मौजूद 17 हजार रुपये नकदी और मोबाइल ले लिया। ठग स्टेशन से गायब हो गए और युवक उन्हें खोजता ही रह गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत जीआरपी में की है।
बिहार के जनपद आरा के थाना चौरी के गांव अंधारी निवासी रनजीत चौधरी ने बताया कि वह रुद्रपुर (उत्तराखंड) की एक फैक्ट्री में काम करता है। वह शुक्रवार को घर जाने के लिए रुद्रपुर से बस से बरेली तक आया था। यहां से शाम पांच बजे श्रमजीवी ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठा था। उसके पास एक युवक आया और उसने भी पटना तक जाने की बात कहते हुए बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान यहां एक और युवक आ गया। यह युवक कहने लगा कि अगर उसने अपने पास मौजूद नकदी का बीमा कार्ड नहीं बनवाया तो स्टेशन पर पकड़े जाने पर 22 सौ रुपये और ट्रेन में पकड़े जाने पर 52 सौ रुपये जुर्माना पड़ेगा। कार्ड की फीस दस रुपये बताई गई। इस युवक ने यह भी कहा कि उसके पास जो नकदी थी, उसने उसका बीमा कार्ड बनवा लिया है। अगर ट्रेन में नकदी चोरी हो जाती है, तो उसका 90 प्रतिशत वापस भी मिल जाएगा। यह बात सुनकर रनजीत ने अपने पास मौजूद 17 हजार रुपये इन युवकों को दे दिए। युवकों ने उसका मोबाइल भी ले लिया और स्टेशन से गायब हो गए। रनजीत उन्हें तलाशता ही रह गया और वह उसकी नकदी और मोबाइल ठगकर गायब हो गए। युवक ने इस मामले की तहरीर जीआरपी को दी है।
17 अप्रैल को होनी है युवक की शादी
रनजीत ने बताया कि 17 अप्रैल को उसकी शादी है। शादी की तैयारी के सिलसिले में वह घर जा रहा था, लेकिन उसका पैसा ठगी होने पर उसके सारे अरमानों पर पानी फिर गया। अब वह शादी की तैयारी कैसे करेगा, यही चिंता सताए जा रही है।
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जीआरपी वालों ने की किराये की मदद
रनजीत के पास एक भी पैसा नहीं बचा था। सिर्फ पटना तक जाने का 225 रुपये का टिकट ही उसके पास था। वह यह भी बोला कि उसके बहनोई आदि रुद्रपुर में ही काम करते हैं, इसलिए अब वह रुद्रपुर फिर से वापस लौट जाएगा और वहां से कुछ इंतजाम करके फिर बिहार जाएगा, लेकिन उसके पास एक भी पैसा नहीं था। इस पर जीआरपी की महिला दरोगा समेत दो लोगों ने सौ सौ रुपये देकर उसकी मदद की।
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बिहार के जनपद आरा के थाना चौरी के गांव अंधारी निवासी रनजीत चौधरी ने बताया कि वह रुद्रपुर (उत्तराखंड) की एक फैक्ट्री में काम करता है। वह शुक्रवार को घर जाने के लिए रुद्रपुर से बस से बरेली तक आया था। यहां से शाम पांच बजे श्रमजीवी ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर बैठा था। उसके पास एक युवक आया और उसने भी पटना तक जाने की बात कहते हुए बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान यहां एक और युवक आ गया। यह युवक कहने लगा कि अगर उसने अपने पास मौजूद नकदी का बीमा कार्ड नहीं बनवाया तो स्टेशन पर पकड़े जाने पर 22 सौ रुपये और ट्रेन में पकड़े जाने पर 52 सौ रुपये जुर्माना पड़ेगा। कार्ड की फीस दस रुपये बताई गई। इस युवक ने यह भी कहा कि उसके पास जो नकदी थी, उसने उसका बीमा कार्ड बनवा लिया है। अगर ट्रेन में नकदी चोरी हो जाती है, तो उसका 90 प्रतिशत वापस भी मिल जाएगा। यह बात सुनकर रनजीत ने अपने पास मौजूद 17 हजार रुपये इन युवकों को दे दिए। युवकों ने उसका मोबाइल भी ले लिया और स्टेशन से गायब हो गए। रनजीत उन्हें तलाशता ही रह गया और वह उसकी नकदी और मोबाइल ठगकर गायब हो गए। युवक ने इस मामले की तहरीर जीआरपी को दी है।
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17 अप्रैल को होनी है युवक की शादी
रनजीत ने बताया कि 17 अप्रैल को उसकी शादी है। शादी की तैयारी के सिलसिले में वह घर जा रहा था, लेकिन उसका पैसा ठगी होने पर उसके सारे अरमानों पर पानी फिर गया। अब वह शादी की तैयारी कैसे करेगा, यही चिंता सताए जा रही है।
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जीआरपी वालों ने की किराये की मदद
रनजीत के पास एक भी पैसा नहीं बचा था। सिर्फ पटना तक जाने का 225 रुपये का टिकट ही उसके पास था। वह यह भी बोला कि उसके बहनोई आदि रुद्रपुर में ही काम करते हैं, इसलिए अब वह रुद्रपुर फिर से वापस लौट जाएगा और वहां से कुछ इंतजाम करके फिर बिहार जाएगा, लेकिन उसके पास एक भी पैसा नहीं था। इस पर जीआरपी की महिला दरोगा समेत दो लोगों ने सौ सौ रुपये देकर उसकी मदद की।