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जिस प्रेम के लिए बागी बनी उसी ने मार डाला
बरेली
Updated Wed, 18 Feb 2015 01:56 AM IST
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सिंचाई कर्मी की बेटी उपासना पड़ोस के ही रहने वाले अश्विनी कुमार से बेइंतहां मोहब्बत करती थी। अश्विनी के पिता राममूर्ति भी सिंचाई विभाग में नौकरी करते थे। उपासना अश्विनी से शादी की जिद पर अड़ी तो अंगनलाल ने शादी की तारीख 18 फरवरी 2014 तय कर दी थी। शादी की तैयारियां चल ही रहीं थीं कि अश्विनी छह फरवरी को ही उपासना को अपने घर ले गया। मजबूरी में पिता को उसी दिन उपासना की शादी अश्विनी के साथ करनी पड़ी थी। अंगनलाल ने बताया कि शादी में उन्होंने कार देनी थी, जो उन्हें 17 फरवरी को डिलीवर होनी थी। शादी पहले हो जाने पर वह उस दिन कार नहीं दे सका। इस पर अश्विनी, उसके पिता राममूर्ति, मां द्रोपदी, बहन संतोष उर्फ सीमा और बहनोई शेरसिंह, देवर संदीप ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। बाद में उन्होंने पांच लाख की रुपये की मांग रख दी। उपासना ने भी ससुरालियों का साथ दिया और उनके भड़काने पर पिता अंगनलाल पर बुरी नजर रखने का आरोप लगा डाला। हालांकि जांच में पुलिस ने मामला झूठा पाए जाने पर उसे बचा लिया।
अश्विनी के बहनोई शेर सिंह जयपुर में इग्नू में सहायक की नौकरी करते हैं और मानसरोवर में अपना ठिकाना बना रखा है। बहन-बहनोई अश्विनी-उपासना को जयपुर ले गए और मानसरोवर में कमरा दिला दिया। अंगनलाल के मुताबिक अश्विनी और उसकी बहन सीमा उपासना को तंग करके उसका आर्थिक शोषण करते रहे। वह घरेलू सामान भी उपासना को खरीदकर दे आया था। 7 फरवरी 2015 को अश्विनी का उसके पास फोन आया। वह प्रत्यक्ष रूप से उसे धमकाने लगे तो उसने बेटी को परेशान न करने की गुहार लगाई। 15 फरवरी को उनके पास फोन आया कि उपासना की हत्या कर दी गई है। इस पर वह जयपुर के थाना शिप्रापथ पहुंच गए। वहां आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है। अंगनलाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी अभियुक्तों को पकड़ने के लिए कोशिश की जा रही है।
अश्विनी के बहनोई शेर सिंह जयपुर में इग्नू में सहायक की नौकरी करते हैं और मानसरोवर में अपना ठिकाना बना रखा है। बहन-बहनोई अश्विनी-उपासना को जयपुर ले गए और मानसरोवर में कमरा दिला दिया। अंगनलाल के मुताबिक अश्विनी और उसकी बहन सीमा उपासना को तंग करके उसका आर्थिक शोषण करते रहे। वह घरेलू सामान भी उपासना को खरीदकर दे आया था। 7 फरवरी 2015 को अश्विनी का उसके पास फोन आया। वह प्रत्यक्ष रूप से उसे धमकाने लगे तो उसने बेटी को परेशान न करने की गुहार लगाई। 15 फरवरी को उनके पास फोन आया कि उपासना की हत्या कर दी गई है। इस पर वह जयपुर के थाना शिप्रापथ पहुंच गए। वहां आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखा दिया है। अंगनलाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी अभियुक्तों को पकड़ने के लिए कोशिश की जा रही है।
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