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आंवला सांसद मेनका गांधी की निधि से दो बार में दिए गए छह लाख,स्कूल गायब
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:30 PM IST
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- फोटो : ANI
आंवला की सांसद रह चुकी मेनका गांधी की सांसद निधि से दो बार में जिस स्कूल को तीन-तीन लाख रुपये कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए दिए गए, वह स्कूल मौके से ही गायब है। आरोप है कि प्रबंधक ने सांसद निधि से रकम लेते समय जमीन की गाटा संख्या 99 पर स्कूल होना दर्शाया था, वह जमीन बाद में बेच दी। अब इस गाटा नंबर जमीन पर लोगों के घर बन गए हैं। प्रबंधक ने दूसरी जमीन पर उसी नाम से इंटर कालेज खोल लिया, जबकि पैसा जूनियर हाईस्कूल के नाम पर दिया गया। फिलहाल, इस मामले की जांच शुरू हो गई है।
आंवला के ब्लाक रामनगर के गांव अंजनी में आंवला की सांसद मेनका गांधी की सांसद निधि से वर्ष 2009-10 में भूतल पर 3.60×4.00 मीटर और 2.43 मीटर चौड़ाई में दो ऑफिस, कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए तीन लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद इसी स्कूल को सांसद निधि से इसी काम के लिए तीन लाख रुपये वर्ष 2013-14 में भी दे दिए गए। निजी तौर पर चलाए जाने वाले एक प्राइवेट स्कूल को एक ही काम के दो बार सांसद निधि से छह लाख रुपये देने के लिए स्कूल प्रबंधक ने गाटा नंबर 99 में स्कूल होना दर्शाया। डीआरडीए बाबू और जेई ने स्कूल की जमीन का राजस्व रिकार्ड से मिलानकर मौके पर जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। सीडीओ मिली शिकायत में बताया गया कि प्रबंधक ने जिस स्कूल के कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए दो बार सांसद निधि से छह लाख रुपये दिए गए, उस गाटा नंबर 99 की जमीन पर वर्तमान में घर बने हुए हैं। स्कूल प्रबंधक ने वह जमीन आठ लोगों को बेच दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रबंधक ने सांसद निधि की रकम जिस जूनियर हाईस्कूल के नाम पर ली थी, वह स्कूल मौके पर गायब है। स्कूल को सांसद निधि की रकम देने की डील डीआरडीए के बाबू ने कराई थी। इस स्कूल पर कई सांसद और विधायक मेहरबान रहे और उन्होंने अपनी सांसद और विधायक निधि से कभी फर्नीचर तो कभी बिल्डिंग निर्माण के नाम पर रकम दी। डीआरडीए परियोजना निदेशक वीके यादव का कहना है कि वह स्कूल को सांसद निधि देने का रिकार्ड निकलवा रहे हैं। उसी आधार पर जांच शुरू की जाएगी।
स्कूल में सांसद निधि के दुरुपयोग का मामला आया था। उसकी जांच डीआरडीए परियोजना निदेशक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रबंधक पर कार्रवाई कर दुरुपयोग की जाने वाली रकम की रिकबरी कराई जाएगी। सत्येंद्र सिंह, सीडीओ
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आंवला के ब्लाक रामनगर के गांव अंजनी में आंवला की सांसद मेनका गांधी की सांसद निधि से वर्ष 2009-10 में भूतल पर 3.60×4.00 मीटर और 2.43 मीटर चौड़ाई में दो ऑफिस, कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए तीन लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद इसी स्कूल को सांसद निधि से इसी काम के लिए तीन लाख रुपये वर्ष 2013-14 में भी दे दिए गए। निजी तौर पर चलाए जाने वाले एक प्राइवेट स्कूल को एक ही काम के दो बार सांसद निधि से छह लाख रुपये देने के लिए स्कूल प्रबंधक ने गाटा नंबर 99 में स्कूल होना दर्शाया। डीआरडीए बाबू और जेई ने स्कूल की जमीन का राजस्व रिकार्ड से मिलानकर मौके पर जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। सीडीओ मिली शिकायत में बताया गया कि प्रबंधक ने जिस स्कूल के कक्ष और बरामदा निर्माण के लिए दो बार सांसद निधि से छह लाख रुपये दिए गए, उस गाटा नंबर 99 की जमीन पर वर्तमान में घर बने हुए हैं। स्कूल प्रबंधक ने वह जमीन आठ लोगों को बेच दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रबंधक ने सांसद निधि की रकम जिस जूनियर हाईस्कूल के नाम पर ली थी, वह स्कूल मौके पर गायब है। स्कूल को सांसद निधि की रकम देने की डील डीआरडीए के बाबू ने कराई थी। इस स्कूल पर कई सांसद और विधायक मेहरबान रहे और उन्होंने अपनी सांसद और विधायक निधि से कभी फर्नीचर तो कभी बिल्डिंग निर्माण के नाम पर रकम दी। डीआरडीए परियोजना निदेशक वीके यादव का कहना है कि वह स्कूल को सांसद निधि देने का रिकार्ड निकलवा रहे हैं। उसी आधार पर जांच शुरू की जाएगी।
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स्कूल में सांसद निधि के दुरुपयोग का मामला आया था। उसकी जांच डीआरडीए परियोजना निदेशक को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रबंधक पर कार्रवाई कर दुरुपयोग की जाने वाली रकम की रिकबरी कराई जाएगी। सत्येंद्र सिंह, सीडीओ
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