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फर्जी कंपनी खोलकर लाखों ठग ले गया
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:22 AM IST
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Millions took to open fraudulent company thugs
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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फर्जी कंपनी खोलकर मुंबई का ठग लाखों रु पये की ठगी कर ले गया। बेरोजगारों को नौकरी का सपने दिखाकर उसने 20-20 हजार रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए थे। एसी से लेकर सीसीटीवी तक सब उधार लेकर ऑफिस तैयार कराया गया। मंगलवार को भेद खुलने पर पीड़ितों ने थाने पहुंचकर आरोपी और उसके बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी।
दो महीने पहले खुद को नसीर बताने वाले व्यक्ति ने मालियों की पुलिया पर खान कॉम्पलैक्स के फर्स्ट फ्लोर पर एसजी गारमेंट के नाम से फर्जी कंपनी का ऑफिस खोला था। ऑफिस में एसी आदि सामान उसने इमेज इलेक्ट्रोनिक्स के यहां से खरीदे थे। इसके लिए नसीर ने चेक दिया। इसी तरह सीसीटीवी कैमरे भी ऑफिस में लग गए। ऑफिस का फर्नीचर भी उधारी का ही है। कंपनी में करीब बीस बेरोजगारों से नौकरी दिलाने के नाम पर 20-20 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर लिए गए। इनमें तीन लड़कियां भी शामिल थीं। नसीर के अलावा उनके बेटे शुएब, दानिश, वकार और सलमान का भी ऑफिस में आना-जाना रहता था। इनमें से दो भाई तो परमानेंट ऑफिस में ही बैठते थे। नसीर पीलीभीत बाईपास पर ट्यूलिप टावर में किराए के फ्लैट में रहते थे। उन्होंने स्टाफ को बता रखा था कि वह मुंबई के रहने वाले हैं। मंगलवार को ऑफिस बंद करके नसीर गायब हो गया। उसके घर में भी ताले पड़े हैं। सूचना पर ऑफिस के बाहर हंगामा खड़ा हो गया। मकान मालिक ने ऑफिस में ताला लगा दिया। ठगी के शिकार बेरोजगार युवकों ने मामले में मुकदमा लिखाने के लिए तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
इन लोगों से हुई ठगी
-राजवीर सिंह, प्रतीक यादव, पनवड़िया, अशोक गुप्ता, खुश कमुआ, महेंद्र पाल, महानगर, नबील, नौमान, मठ की चौकी, काजिम, कुतुबखाना, मोनू सिंह, नई बस्ती, सोनू सिंह मढ़ीनाथ, विकास नरसेना, बदायूं, मोहित गुप्ता, कटरा चांद खां, राजवीर सिंह, फतेहगंज पश्चिमी।
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आई-10 कार से चलता था ठग
ठग नसीर आई-10 कार से चलता था। वेतन मांगने पर कहता था कि उसके खाते में नोटबंदी की वजह से 26 करोड़ रुपये फंस गए हैं। उसने सीएम से बात कर ली है। जल्द ही एकाउंट अपडेट होने के बाद वेतन सबको मिलेगा।
दूध वाले के भी रुपये नहीं दिए
नसीर जिस मकान में किराए पर रहता था। उसके मालिक को किराया भी नहीं दिया है। दूध वाले के भी उस पर हजारों रुपये उधार रह गए हैं। सूचना मिलने पर दूधिया भी अपनी उधारी लेने पहुंच गया था। एसी आदि सामान लेने के बाद नसीर का चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद उसने एक सप्ताह पहले ही दूसरा चेक दिया था।
लड़कियों के जेवर भी गिरवी रखवा दिए
नसीर ने अपनी फर्जी कंपनी में नौकरी करने वाली लड़कियों के जेवर भी ठगी करके ले लिए और उन्होंने गिरवी रखवा दिया। अब बेरोजगार युवक अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं।
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दो महीने पहले खुद को नसीर बताने वाले व्यक्ति ने मालियों की पुलिया पर खान कॉम्पलैक्स के फर्स्ट फ्लोर पर एसजी गारमेंट के नाम से फर्जी कंपनी का ऑफिस खोला था। ऑफिस में एसी आदि सामान उसने इमेज इलेक्ट्रोनिक्स के यहां से खरीदे थे। इसके लिए नसीर ने चेक दिया। इसी तरह सीसीटीवी कैमरे भी ऑफिस में लग गए। ऑफिस का फर्नीचर भी उधारी का ही है। कंपनी में करीब बीस बेरोजगारों से नौकरी दिलाने के नाम पर 20-20 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के तौर पर लिए गए। इनमें तीन लड़कियां भी शामिल थीं। नसीर के अलावा उनके बेटे शुएब, दानिश, वकार और सलमान का भी ऑफिस में आना-जाना रहता था। इनमें से दो भाई तो परमानेंट ऑफिस में ही बैठते थे। नसीर पीलीभीत बाईपास पर ट्यूलिप टावर में किराए के फ्लैट में रहते थे। उन्होंने स्टाफ को बता रखा था कि वह मुंबई के रहने वाले हैं। मंगलवार को ऑफिस बंद करके नसीर गायब हो गया। उसके घर में भी ताले पड़े हैं। सूचना पर ऑफिस के बाहर हंगामा खड़ा हो गया। मकान मालिक ने ऑफिस में ताला लगा दिया। ठगी के शिकार बेरोजगार युवकों ने मामले में मुकदमा लिखाने के लिए तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मामले की छानबीन कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
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इन लोगों से हुई ठगी
-राजवीर सिंह, प्रतीक यादव, पनवड़िया, अशोक गुप्ता, खुश कमुआ, महेंद्र पाल, महानगर, नबील, नौमान, मठ की चौकी, काजिम, कुतुबखाना, मोनू सिंह, नई बस्ती, सोनू सिंह मढ़ीनाथ, विकास नरसेना, बदायूं, मोहित गुप्ता, कटरा चांद खां, राजवीर सिंह, फतेहगंज पश्चिमी।
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आई-10 कार से चलता था ठग
ठग नसीर आई-10 कार से चलता था। वेतन मांगने पर कहता था कि उसके खाते में नोटबंदी की वजह से 26 करोड़ रुपये फंस गए हैं। उसने सीएम से बात कर ली है। जल्द ही एकाउंट अपडेट होने के बाद वेतन सबको मिलेगा।
दूध वाले के भी रुपये नहीं दिए
नसीर जिस मकान में किराए पर रहता था। उसके मालिक को किराया भी नहीं दिया है। दूध वाले के भी उस पर हजारों रुपये उधार रह गए हैं। सूचना मिलने पर दूधिया भी अपनी उधारी लेने पहुंच गया था। एसी आदि सामान लेने के बाद नसीर का चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद उसने एक सप्ताह पहले ही दूसरा चेक दिया था।
लड़कियों के जेवर भी गिरवी रखवा दिए
नसीर ने अपनी फर्जी कंपनी में नौकरी करने वाली लड़कियों के जेवर भी ठगी करके ले लिए और उन्होंने गिरवी रखवा दिया। अब बेरोजगार युवक अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं।