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मियां-बीवी साथ रहने लगे थे अब हलाला होगा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sun, 25 Dec 2016 01:05 AM IST
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Mian-wife began to live together now will Hlala
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ऑटो ड्राइवर हसन और उसकीपत्नी अंजुम का झगड़ा तो थाने में ही निपट गया था। हसन ने अंजुम के घर तीन बार तलाक कह कर जो रिश्ता तोड़ा था वह अंजुम के यह कहने पर फिर जुड़ गया था कि उसने तो तलाक सुना ही नहीं। दोनों फिर से अपने बच्चों के साथ अपने घर चले गए थे लेकिन गांव वालों ने हुक्का पानी बंद करने की धमकी देकर ऐसा दबाव बनाया कि अंजुम को फिर ससुराल छोड़ कर मायके जाना पड़ा। अब एक और दुखद पहलू यह सामने आया है कि पति शरियन हलाला होने के बाद अंजुम से निकाह करने को तैयार है लेकिन अंजुम के पिता इस बात पर अड़े हैं कि वह लड़की की फजीहत कराने वाले को अपनी बेटी फिर से नहीं सौंपेंगे। ऐसे में हसन को अपने दो नन्हें बच्चों को जिम्मेदारी खुद लेनी होगी और मां को उनसे बिछड़ना पड़ेगा।
बृहस्पतिवार को थाने से समझौता करके पति के साथ इज्जत नगर के छोटी बिहार गांव में अपने घर पहुंची अंजुम को पड़ोसियों ने हुक्का पानी बंद करने की धमकी दी तो सहमी अंजुम को घर वापस लौट जाना पड़ा। उलेमा ने पति हसन के बताने के मुताबिक तलाक मानकर हलाला होने के बाद ही अंजुम से दोबारा निकाह में लेने का रास्ता बताया है, लेकिन इसके लिए अंजुम के परिवार वाले राजी नहीं है।
बिहार कला के नसीर अहमद की बेटी अंजुम को हसन से साथ रहने के लिए शरीयत के मुताबिक हलाल से गुजरना होगा। अंजुम अभी भी हसन के साथ रहने को राजी है, लेकिन परिवार और समाज उसके आड़े आ रहा है। अंजुम का दो साल का बेटा और सात माह की बेटी है। ससुराल और मायका पास-पास ही है। अंजुम के पिता नसीर अहमद बेटी के तलाक के बाद पति के साथ जाने से पहले ही खफा थे। इसके बाद लोगों ने पास की ही मस्जिद में मसला लेकर पहुंच गए। हसन भी उनके साथ था। मौलाना को पूरी बात बताई गई। यह भी बताया गया कि हसन के तलाक देते समय अंजुम घर बाहर मोहल्ले की लड़कियों के साथ बैठी थी। मौलाना का तर्क था लड़कियों ने तलाक कहने की आवाज सुन ली होगी, इसलिए तलाक माना जाएगा।
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-मैं अंजुम से दोबारा निकाह करने को राजी हूं, लेकिन शरीयत के मुताबिक तलाक हो चुका है। मोहल्ले वालों ने बिना हलाला के निकाह किए बगैर साथ रखने पर हुक्का पानी बंद करने की धमकी दे दी थी। ऐसे मैं जिम्मेदार लोग जो फैसला करेंगे, उसी को मानूंगा- हसन
-अंजुम का तलाक हो चुका है। बच्चों की वजह से थाने में समझौता करके वह हसन के साथ चली गई थी। बाद में उसे पता लगा कि शरीयत के मुताबिक हसन के निकाह में नहीं रही हो तो वह मायके आ गई। अब इद्दत के बाद ही आगे की बात होगी- नसीर अहमद
यह है मामला
-20 दिसंबर को पति नेे सात माह की मासूम बेटी की पिटाई करने का आरोप लगाकर अंजुम को मारपीट कर घर से निकाल दिया। बुधवार को हसन ने ससुर के मकान के पास जाकर तलाक, तलाक, तलाक कहकर अंजुम से नाता तोड़ आया। अंजुम के पिता ने बेटी को तलाक देने की बात सुनी तो उन्होंने गुस्से में दामाद हसन के सिर में उसके घर के सामने ही घेरकर डंडा मार दिया। हसन ने शाम को ससुर के खिलाफ मुकदमा लिखाने को तहरीर दे दी। बृहस्पतिवार को पुलिस ससुर और दामाद दोनों को पकड़कर लाई तो असलियत सामने आई। पुलिस को लगा कि हसन तो अंजुम के पिता से ज्यादा गुनहगार है। नसीर का गुस्सा जायज था। अंजुम की हवालात से निकलवाने के बाद हसन से बात कराई तो वह उसके साथ ससुराल जाने को राजी हो गई। कहने लगी कि उसने तीन बार तलाक सुना ही नहीं था।
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बृहस्पतिवार को थाने से समझौता करके पति के साथ इज्जत नगर के छोटी बिहार गांव में अपने घर पहुंची अंजुम को पड़ोसियों ने हुक्का पानी बंद करने की धमकी दी तो सहमी अंजुम को घर वापस लौट जाना पड़ा। उलेमा ने पति हसन के बताने के मुताबिक तलाक मानकर हलाला होने के बाद ही अंजुम से दोबारा निकाह में लेने का रास्ता बताया है, लेकिन इसके लिए अंजुम के परिवार वाले राजी नहीं है।
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बिहार कला के नसीर अहमद की बेटी अंजुम को हसन से साथ रहने के लिए शरीयत के मुताबिक हलाल से गुजरना होगा। अंजुम अभी भी हसन के साथ रहने को राजी है, लेकिन परिवार और समाज उसके आड़े आ रहा है। अंजुम का दो साल का बेटा और सात माह की बेटी है। ससुराल और मायका पास-पास ही है। अंजुम के पिता नसीर अहमद बेटी के तलाक के बाद पति के साथ जाने से पहले ही खफा थे। इसके बाद लोगों ने पास की ही मस्जिद में मसला लेकर पहुंच गए। हसन भी उनके साथ था। मौलाना को पूरी बात बताई गई। यह भी बताया गया कि हसन के तलाक देते समय अंजुम घर बाहर मोहल्ले की लड़कियों के साथ बैठी थी। मौलाना का तर्क था लड़कियों ने तलाक कहने की आवाज सुन ली होगी, इसलिए तलाक माना जाएगा।
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-मैं अंजुम से दोबारा निकाह करने को राजी हूं, लेकिन शरीयत के मुताबिक तलाक हो चुका है। मोहल्ले वालों ने बिना हलाला के निकाह किए बगैर साथ रखने पर हुक्का पानी बंद करने की धमकी दे दी थी। ऐसे मैं जिम्मेदार लोग जो फैसला करेंगे, उसी को मानूंगा- हसन
-अंजुम का तलाक हो चुका है। बच्चों की वजह से थाने में समझौता करके वह हसन के साथ चली गई थी। बाद में उसे पता लगा कि शरीयत के मुताबिक हसन के निकाह में नहीं रही हो तो वह मायके आ गई। अब इद्दत के बाद ही आगे की बात होगी- नसीर अहमद
यह है मामला
-20 दिसंबर को पति नेे सात माह की मासूम बेटी की पिटाई करने का आरोप लगाकर अंजुम को मारपीट कर घर से निकाल दिया। बुधवार को हसन ने ससुर के मकान के पास जाकर तलाक, तलाक, तलाक कहकर अंजुम से नाता तोड़ आया। अंजुम के पिता ने बेटी को तलाक देने की बात सुनी तो उन्होंने गुस्से में दामाद हसन के सिर में उसके घर के सामने ही घेरकर डंडा मार दिया। हसन ने शाम को ससुर के खिलाफ मुकदमा लिखाने को तहरीर दे दी। बृहस्पतिवार को पुलिस ससुर और दामाद दोनों को पकड़कर लाई तो असलियत सामने आई। पुलिस को लगा कि हसन तो अंजुम के पिता से ज्यादा गुनहगार है। नसीर का गुस्सा जायज था। अंजुम की हवालात से निकलवाने के बाद हसन से बात कराई तो वह उसके साथ ससुराल जाने को राजी हो गई। कहने लगी कि उसने तीन बार तलाक सुना ही नहीं था।