{"_id":"0d4bb20160fb911f9eac25dc6df0216c","slug":"lpg-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो जज साहब का सिलिंडर भी कर दिया ब्लैक!","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तो जज साहब का सिलिंडर भी कर दिया ब्लैक!
बरेली
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुकिंग कराने के बाद भी रसोई गैस की डिलीवरी नहीं करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जिला पूर्ति अधिकारी को गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत की है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुकिंग के करीब एक महीने बाद भी डिलीवरी न होने पर गैस एजेंसी पर भी संपर्क किया था और उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। उनकी शिकायत पर डीएसओ ने भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन (बीपीसी) के क्षेत्रीय प्रबंधक से तीन दिन के अंदर जांच और कार्रवाई कर रिपोर्ट तलब की है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने सात दिसंबर को राज गैस एजेंसी पर आनलाइन बुकिंग करायी। एसएमएस से जवाब भी मिल गया, लेकिन तीन जनवरी तक रसोई गैस की सप्लाई नहीं की गई। े एजेंसी से संपर्क किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर एसीजेएम ने डीएसओ से लिखित शिकायत कर दी। डीएसओ को लिखे पत्र में एसीजेएम ने एजेंसी की मनमानी और ब्लैक अपराध करना बताया और एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कर उसे निरस्त करने के लिए लिखा है। डीएसओ केएल तिवारी ने बीपीसी से त्वरित कार्रवाई कर अवगत करने को आदेश दिया है। कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल वर्मा ने स्थानीय अफसर हिमांशु स्वान से जांच रिपोर्ट तलब की है। देर शाम जांच करने पहुंचे हिमांशु ने एसीजेएम से मुलाकात कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में एजेंसी दोषी पाई गई है और कार्रवाई तय है।
दिसंबर में पांच हजार से अधिक सिलिंडर ब्लैक
दिसंबर माह में ज्यादातर एजेंसियों ने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की। आनलाइन बुकिंग होने पर भी कुछ एजेंसियों ने सब्सिडी युक्त सिलेंडर रास्ते में ही गोल कर दिए। अब प्रभावित लोगों से कहा जा रहा है जनवरी में बुकिंग कैंसिल हो गयी है। इसलिए फिर से बुकिंग कराएं। जिले भर ऐसे पांच हजार से ज्यादा मामले हैं। भुता ब्लाक कोहनी गांव के पप्पू खां ने अग्नि गैस ऐजेंसी के खिलाफ शिकायत की थी कि ऐजेंसी ने वर्ष 2014 में एक भी सिलिंडर नहीं दिया। इंटरनेट से निकाले गए ब्यौरे में उसके नाम 12 सिलिंडर की डिलीवरी दिखाई गई थी। मामले में डीएम ने डीएसओ को जांच के आदेश दिए थे। डीएम के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के अधिकारियों ने ऐजेंसी पर दबाव बनाया। बुधवार को डीएसओ कार्यालय में बैठक के बाद गुरुवार को शिकायतकर्ता ने अज्ञात परिस्थितियों में लिखकर दे दिया है कि समझौता हो गया। वहीं दो अन्य मामलों में डीएसओ के हस्तक्षेप के बाद आईओसी ने संबंधित ऐजेंसी से उपभोक्ताओं को सिलिंडर आपूर्ति करा दी।
विज्ञापन
बुकिंग कंफर्म होने पर भी सिलिंडर सप्लाई न होना गंभीर मामला है। बीपीसी कंपनी से जांच कराई जा रही है। कंपनी को मार्केटिंग गाइड लाइन के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की मनमानी से प्रभावित सभी उपभोक्ता मेरे कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
केएल तिवारी, डीएसओ
विज्ञापन
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने सात दिसंबर को राज गैस एजेंसी पर आनलाइन बुकिंग करायी। एसएमएस से जवाब भी मिल गया, लेकिन तीन जनवरी तक रसोई गैस की सप्लाई नहीं की गई। े एजेंसी से संपर्क किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर एसीजेएम ने डीएसओ से लिखित शिकायत कर दी। डीएसओ को लिखे पत्र में एसीजेएम ने एजेंसी की मनमानी और ब्लैक अपराध करना बताया और एजेंसी के खिलाफ एफआईआर कर उसे निरस्त करने के लिए लिखा है। डीएसओ केएल तिवारी ने बीपीसी से त्वरित कार्रवाई कर अवगत करने को आदेश दिया है। कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल वर्मा ने स्थानीय अफसर हिमांशु स्वान से जांच रिपोर्ट तलब की है। देर शाम जांच करने पहुंचे हिमांशु ने एसीजेएम से मुलाकात कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में एजेंसी दोषी पाई गई है और कार्रवाई तय है।
विज्ञापन
दिसंबर में पांच हजार से अधिक सिलिंडर ब्लैक
दिसंबर माह में ज्यादातर एजेंसियों ने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की। आनलाइन बुकिंग होने पर भी कुछ एजेंसियों ने सब्सिडी युक्त सिलेंडर रास्ते में ही गोल कर दिए। अब प्रभावित लोगों से कहा जा रहा है जनवरी में बुकिंग कैंसिल हो गयी है। इसलिए फिर से बुकिंग कराएं। जिले भर ऐसे पांच हजार से ज्यादा मामले हैं। भुता ब्लाक कोहनी गांव के पप्पू खां ने अग्नि गैस ऐजेंसी के खिलाफ शिकायत की थी कि ऐजेंसी ने वर्ष 2014 में एक भी सिलिंडर नहीं दिया। इंटरनेट से निकाले गए ब्यौरे में उसके नाम 12 सिलिंडर की डिलीवरी दिखाई गई थी। मामले में डीएम ने डीएसओ को जांच के आदेश दिए थे। डीएम के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के अधिकारियों ने ऐजेंसी पर दबाव बनाया। बुधवार को डीएसओ कार्यालय में बैठक के बाद गुरुवार को शिकायतकर्ता ने अज्ञात परिस्थितियों में लिखकर दे दिया है कि समझौता हो गया। वहीं दो अन्य मामलों में डीएसओ के हस्तक्षेप के बाद आईओसी ने संबंधित ऐजेंसी से उपभोक्ताओं को सिलिंडर आपूर्ति करा दी।
विज्ञापन
बुकिंग कंफर्म होने पर भी सिलिंडर सप्लाई न होना गंभीर मामला है। बीपीसी कंपनी से जांच कराई जा रही है। कंपनी को मार्केटिंग गाइड लाइन के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की मनमानी से प्रभावित सभी उपभोक्ता मेरे कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
केएल तिवारी, डीएसओ