फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Life imprisonment for mentor Mind

अपहरण के मास्टर माइंड को उम्रकैद 

Thu, 08 Jun 2017 12:58 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Thu, 08 Jun 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
पीलीभीत बाईपास स्थित फहम लॉन व फाईक एन्क्लेव के मालिक कालोनाइजर मोहम्मद आरिफ के बेटे फहम को अगवा करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले मास्टर माइंड मुशीर खां को अपर सत्र न्यायाधीश सतीश चंद्र त्रिवेदी की अदालत ने उम्र कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि फर्जी दस्तावेज बनाकर सिम जारी करके फहम को बुलाने के आरोप में इमरान को पांच साल की सजा और विभिन्न धाराओं में कुल 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन

एडीजीसी फौजदारी जावेद अली खां के अनुसार, वादी मोहम्मद आरिफ ने 18 सितंबर 2014 को थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 17 वर्षीय पुत्र फहम विशप कॉनराड स्कूल कैंट में कक्षा 12 में पढ़ता है। 17 सितंबर को कोचिंग पढ़ने गया था। शाम को फहम के मोबाइल से काल आईं और फोन करने वाले ने गालियां देनी शुरू कर दीं। उन्होंने गलत नंबर मानकर फोन काट दिया। उनकी पत्नी ने बताया कि कोई फहम के फोन से धमकी दे रहा है। फहम भी घर नहीं आया है। रात करीब सवा नौ बजे उनके बेटे के ही फोन से काल आयी, जिसमें बताया गया कि फहम उनके कब्जे में है। 50 लाख रुपये का इंतजाम करो। पुलिस या किसी को बताया तो फहम को मार डालेंगे। डरकर आरिफ पुलिस के पास नहीं गए। जब फिरौती की फिर से मांग करके उन्हें तुलसीनगर ग्राउंड पर बुलाया गया तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। तत्कालीन एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा (वर्तमान में आईपीएस) की अगुवाई में सादी वर्दी में पुलिस आरिफ को लेकर तुलसीनगर ग्राउंड पर पहुंची। यहां घेराबंदी करके पुलिस ने काकरटोला के मुशीर खां और उसी के मोहल्ले के एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार करके फहम को सकुशल बरामद कर लिया। 
विज्ञापन

विवेचना में यह तथ्य प्रकाश में आया कि काकरटोला के ही इमरान मोबाइल फोन बेचने का काम करता था। सिरौली क्षेत्र के व्यक्ति का फोटो, वोटर लिस्ट व फर्जी आईडी से सिम लेकर इमरान ने ही फहम को बुलाया था। किशोर का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। फहम के शरीर पर बांधने से पांच चोटें पायी गईं। इमरान को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 में पांच वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये, धारा 468 में पांच वर्ष की कैद व पांच हजार रुपये, धारा 471 में तीन वर्ष की कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गई है। मुशीर खां को तमंचा रखने का जुर्म सिद्ध होने पर तीन वर्ष की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसाफ की जीत हुई है
फहम को अगवा करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वालों को सजा इंसाफ की जीत है। अदालत का फैसला आने के बाद से फहम की दादी का खातून फात्मा, मां आशफा, पिता मोहम्मद आरिफ, भाई मोहम्मद फाईक, मोहम्मद फारिक के चेहरे पर मुस्कान छा गई। कालोनाइजर ने कहा कि खुदा का शुक्र रहा कि मेरे बेटे की जान बच गई और पुलिस की मदद से वह सकुशल बरामद हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed