फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Land grabers on rise in bareilly

सनसिटी, सनसिटी विस्तार और नार्थ सिटी में सक्रिय हैं भूमाफिया 

Wed, 07 Feb 2018 01:52 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Wed, 07 Feb 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
Land grabers on rise in bareilly
land
ढाई दशक पहले शहर के बिल्डर ने एयरफोर्स स्टेशन के सामने सिंचाई विभाग के अफसर और कर्मचारियों की मौन स्वीकृति से सात सौ बीघा जमीन पर तीन कालोनियां बसा डालीं। एयरफोर्स से भी एनओसी हासिल हो गई। हालांकि बाद में यह एनओसी निरस्त कर दी गई। बीडीए ने अपने नक्शे भी निरस्त कर दिए क्योंकि यहां ऊंचे मकान बनने से एयरफोर्स की सुरक्षा को खतरा बताया गया था। सनसिटी और नार्थ सिटी में सौ बीघा नहर की जमीन बची है। भूमाफिया एक-एक कर उस पर मकान और दुकानें बनाकर बेच रहे हैं। प्रशासन ने भी माना कि सिंचाई विभाग मौन स्वीकृति से अपनी ही जमीन पर कब्जा करा रहा है। इस पर वह शासन को पत्र लिखा जाएगा। 
विज्ञापन

सनसिटी और नार्थ सिटी में नहर की लगभग 100 बीघा जमीन खाली पड़ी है। यह मकानों के बीच में खाली प्लाट के रूप में बिल्डरों ने डेवलप कर रखी है। अधिकांश जमीन अभी भी प्लाट मालिक या किसानों के नाम है। रेरा में गैर पंजीकृत कूर्मांचल और सनसिटी के पांच बिल्डर प्लाट मालिकों से बात कर नहर विभाग की खाली जमीन पर अनाधिकृत प्लाट मालिकों से सांठ गांठ कर आधा दर्जन से ज्यादा मकान और दुकानों का निर्माण करा रहे हैं। बीडीए ने पिछले महीने में तीन अवैध निर्माण सील किए थे क्योंकि इनके मानचित्र स्वीकृत नहीं थे। लेकिन नहर विभाग ने अपनी जमीन पर अनाधिकृत निर्माण रोकने में कोई रुचि नहीं दिखाई। न ही नहर विभाग का कोई इंजीनियर अपनी जमीन पर अवैध निर्माण रोकने गया। चार अनाधिकृत मकानों में तो लिंटर पड़ चुका है। अन्य खाली प्लाटों में भी बिना नक्शा मंजूर कराए धड़ाधड़ निर्माण कार्य चल रहा है। बीडीए के सील करने के बाद गैर पंजीकृत बिल्डरों पर न तो पुलिस एफआईआर दर्ज करती है, न ही अवैध निर्माण रोकने की कोशिश। इसकी वजह यह भी  है कि नहर विभाग खुद ही अपनी जमीन के अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाता है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल  कुमार सेंगर का कहना है कि उनके  विभाग के  स्टाफ की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। जब वहां से खाली होंगे, तब अवैध निर्माण चेक कराया जाएगा।   
विज्ञापन

बता दें कि एयरफोर्स के सामने से कभी तीन नहरें निकलती थीं। इनमें एक नजर पीरबहोड़ा, पीलीभीत बाईपास, कुसुमनगर होते हुए बीसलपुर रोड तक आती थी। अन्य नहरें बड़ी बिहार, छोटी बिहार होते हुए डेलापीर और तीसरी नहर जोगी नवादा निकलती थी। अब यहां सनसिटी, सनसिटी विस्तार और नार्थ सिटी कालोनियां बन चुकी हैं। यह कालोनियां 1992 में बननी शुरू हुई थी। बिल्डरों ने एयरफोर्स के विंग कमांडर से किसी तरह एनओसी लेकर जमीन की खरीद बिक्री शुरू कर दी। जब नए कमांडर आए तो उन्होंने रोक लगाई और पूर्व की एनओसी निरस्त की। तब तक यहां बीडीए ने 250 से ज्यादा मकानों के नक्शे स्वीकृत कर दिए। एक पूर्व डीएम ने बिल्डरों से उपहारस्वरूप दी गई बेशकीमती करोड़ों की जमीन भी माफियाओं को बेच दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हमारा पूरा स्टाफ यूपी बोर्ड परीक्षा में लगा हुआ है। वहां से समय मिलते ही एई और जेई को मौके पर भेजकर दिखवाएंगे। नहर की जमीन पर कब्जा करने वालों को चिह्नित कराएंगे। अनिल कुमार सेंगर, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग

नहर की जमीन से कब्जा हटाने का काम संबंधित विभाग और प्रशासन का है। अगर प्रशासन हमसे कोई सहयोग मांगेगा तो फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस इस मामले में अकेले कार्रवाई नहीं कर सकती। रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी 


नहर की जमीन पर कब्जा हो रहा है तो उसे रोकने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। अगर विभागीय अफसर अपनी जमीन पर कब्जा नहीं रोकते हैं तो इसका मतलब है कि कब्जा कराने में उनकी मौन स्वीकृति  है। ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।  ओपी वर्मा, एडीएम सिटी 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed