फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Kent Police Inspector smiled at those horns

कैंट थाना फूंकने वालों पर इंस्पेक्टर मेहरबान

Tue, 31 May 2016 12:43 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला
ब्ययूराो, अमर उजाला Updated Tue, 31 May 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
Kent Police Inspector smiled at those horns
जुआरियों की मौत पर उपद्रव कर कैंट थाने में आग लगाने वालों पर जांच कर रहे इंस्पेक्टर सुधीरपाल धामा मेहरबान हो गए। यही वजह रही कि एसपी सिटी की मौजूदगी में बवाल के दौरान खींची गईं तस्वीरों से चिन्हित किए गए 35 उपद्रवियों में से इंस्पेक्टर ने सिर्फ दस के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया और कई के नाम निकाल कर इनकी एवज में दस नए नाम बढ़ा दिए। इसे संज्ञान में लेते हुए डीआईजी ने एसपी सिटी को तलब किया है। ग्यारह नवंबर 2015 को दीपावली के दिन थाना कैंट के संतमणि के पास जुआ खेल रहे जुआरियों को सिपाही प्रदीप तोमर और संदीप चौहान ने दौड़ा दिया था। पकड़े जाने के डर से भागे मोहल्ला आजाद निवासी अतीश और दिनेश नकटिया नदी में कूद गए थे। जिससे नदी में डूबकर उनकी मौत हो गई थी। इससे गुस्साई भीड़ ने जमकर उपद्रव किया था। कैंट थाना परिसर में आग लगा दी थी, जिससे यहां खड़े वाहन जलकर राख हो गए थे। पुलिस को हवाई फायरिंग कर उपद्रवियों को खदेड़ना पड़ा था। एसएसपी ने लापरवाही के आरोप में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही थाने में आग लगाने वाले 12 लोगों को नामजद करते हुए 300 लोगों के खिलाफ तत्कालीन इंस्पेक्टर कैंट सूर्यनाथ यादव ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने बवाल के दौरान खींची गईं तस्वीरों से एसपी सिटी की मौजूदगी में 35 लोगों को चिहिन्त किया था। इसमें भाजपा नेता और सट्टे के कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल थे। पुलिस ने मोहल्ला आजाद के गौतम, अंकित, कुनाल, भोला, वीरपाल और तोपखाने के विकास उर्फ डिस्को, तेज और सनी समेत दो लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना शहर कोतवाल सुधीरपाल धामा को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की गई। विवेचक ने कागजी खानापूरी करते हुए दस मुल्जिमों के नाम और बढ़ा दिए। इनकी एवज में कुछ नाम निकाल भी दिए गए। डीआईजी ने बताया कि थाना फूंकने की घटना गंभीर है। इस मामले की विवेचना में देरी नहीं होनी चाहिए थी। किस स्तर से ढिलाई हुई है। इसका कारण जानने को उन्होंने एसपी सिटी समीर सौरभ को तलब किया है। 0 ये था मामला दीपावली पर कैंट थाना क्षेत्र में जुआरी जुआ खेल रहे थे। सिपाही प्रदीप तोमर और संदीप चौहान ने जुआरियों को दौड़ा दिया था। इससे घबराए अतीश और दिनेश नकटिया नदी में कूद गए थे, जिससे दोनों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद बवाल के दौरान थाना परिसर में आग लगा दी थी। आग से परिसर में खड़े वाहन जल गए थे। इसको लेकर कई दिन तक तनाव पूर्ण स्थिति रही थी।
जुआरियों की मौत पर उपद्रव कर कैंट थाने में आग लगाने वालों पर जांच कर रहे इंस्पेक्टर सुधीरपाल धामा मेहरबान हो गए। यही वजह रही कि एसपी सिटी की मौजूदगी में बवाल के दौरान खींची गईं तस्वीरों से चिन्हित किए गए 35 उपद्रवियों में से इंस्पेक्टर ने सिर्फ दस के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया और कई के नाम निकाल कर इनकी एवज में दस नए नाम बढ़ा दिए। इसे संज्ञान में लेते हुए डीआईजी ने एसपी सिटी को तलब किया है। 
विज्ञापन

ग्यारह नवंबर 2015 को दीपावली के दिन थाना कैंट के संतमणि के पास जुआ खेल रहे जुआरियों को सिपाही प्रदीप तोमर और संदीप चौहान ने दौड़ा दिया था। पकड़े जाने के डर से भागे मोहल्ला आजाद निवासी अतीश और दिनेश नकटिया नदी में कूद गए थे। जिससे नदी में डूबकर उनकी मौत हो गई थी। इससे गुस्साई भीड़ ने जमकर उपद्रव किया था। कैंट थाना परिसर में आग लगा दी थी, जिससे यहां खड़े वाहन जलकर राख हो गए थे। पुलिस को हवाई फायरिंग कर उपद्रवियों को खदेड़ना पड़ा था। एसएसपी ने लापरवाही के आरोप में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही थाने में आग लगाने वाले 12 लोगों को नामजद करते हुए 300 लोगों के खिलाफ तत्कालीन इंस्पेक्टर कैंट सूर्यनाथ यादव ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने बवाल के दौरान खींची गईं तस्वीरों से एसपी सिटी की मौजूदगी में 35 लोगों को चिहिन्त किया था। इसमें भाजपा नेता और सट्टे के कारोबार से जुड़े लोगों के नाम भी शामिल थे। पुलिस ने मोहल्ला आजाद के गौतम, अंकित, कुनाल, भोला, वीरपाल और तोपखाने के विकास उर्फ डिस्को, तेज और सनी समेत दो लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना शहर कोतवाल सुधीरपाल धामा को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान बाकी आरोपियों को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की गई। विवेचक ने कागजी खानापूरी करते हुए दस मुल्जिमों के नाम और बढ़ा दिए। इनकी एवज में कुछ नाम निकाल भी दिए गए। डीआईजी ने बताया कि थाना फूंकने की घटना गंभीर है। इस मामले की विवेचना में देरी नहीं होनी चाहिए थी। किस स्तर से ढिलाई हुई है। इसका कारण जानने को उन्होंने एसपी सिटी समीर सौरभ को तलब किया है। 
विज्ञापन

0
ये था मामला
दीपावली पर कैंट थाना क्षेत्र में जुआरी जुआ खेल रहे थे। सिपाही प्रदीप तोमर और संदीप चौहान ने जुआरियों को दौड़ा दिया था। इससे घबराए अतीश और दिनेश नकटिया नदी में कूद गए थे, जिससे दोनों की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद बवाल के दौरान थाना परिसर में आग लगा दी थी। आग से परिसर में खड़े वाहन जल गए थे। इसको लेकर कई दिन तक तनाव पूर्ण स्थिति रही थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed