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दरोगा और सिपाही वसूली करते पकड़े गए
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:03 AM IST
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100 डायल के वाहनों ने गश्त की शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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हाईवे पर वाहनों से वसूली का खेल चल रहा है। शाहजहांपुर से बरेली से मीरगंज थाने तक की चौकियों पर दरोगा और सिपाही की तैनाती के लिए इसीलिए सिफारिशों का दौर चलता रहता है। बुधवार को डीआईजी आशुतोष कुमार ने शाहजहांपुर से लौटते समय एक दरोगा और सिपाही को द्वारिकेश चीनी मिल के पास वाहनों से वसूली करते रंगेहाथ पकड़ लिया। दोनों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मंगलवार को शाहजहांपुर में बवाल होने की सूचना पर डीआईजी देर रात वहां फोर्स लेकर गए थे। रात को वहीं कैंप करने के बाद डीआईजी बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे बरेली लौट रहे थे। उनकी गाड़ी का हूटर बज रहा था। इसकी परवाह किए बिना फतेहगंज पूर्वी के दरोगा वेदराम गंगवार और सिपाही पुष्पेंद्र सिंह द्वारिकेश चीनी मिल के सामने वसूली क रने में व्यस्त थे। अचानक डीआईजी की गाड़ी उनकी जिप्सी के पास आकर रुकी तो पसीना छूट गया। दोनों माफी मांगकर किसी तरह बख्शने की गुहार करने लगे। इस पर डीआईजी ने दोनों को फटकार कर भगा दिया। डीआईजी ने बताया कि दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों दो महीने पुलिस लाइंस में गहन प्रशिक्षण लेंगे। सीओ फरीदपुर विभागीय जांच करेंगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा हाईवे की चौकियों पर तैनात दरोगा-सिपाहियों की समीक्षा होगी।
इन दागियों को किसने बहाल कर दिया
सिरौली थाना क्षेत्र की बडागांव चौकी में पशु तस्कर महीपाल के साथ दारू पार्टी की वीडियो वायरल होने पर उप निरीक्षक जगत सिंह यादव और सिपाही चंद्रपाल को एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने निलंबित कर दिया था। यह दोनों की वर्दी पहने बड़ागांव चौकी के आसपास चलने वाली यूपी100 की गाड़ी पर घूम रहे हैं। जबकि एसएसपी उनकी बहाली से साफ इनकार कर रहे हैं। इसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि वह किसके आदेश पर वर्दी पहने घूम रहे हैं।
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पुलिस चौकी में दारू पार्टी की सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल में चौकी इंचार्ज दरोगा जगत सिंह यादव, अशोक कुमार यादव, सिपाही प्रवीण गौतम और पशु तस्कर शराब पीते नजर आ रहे हैं। 30 अक्तूबर को यह खबर अखबाराें की सुर्खियां बनी तो एसएसपी नेसंज्ञान लेकर मामले की जांच एसपी देहात यमुना प्रसाद कराई। जिसमें दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज के साथ सिपाही चंद्रपाल को निलंबित कर दिया। बाद में जांच सही होने पर चंद्रपाल को बहाल करके दोषी तीनों पुलिस कर्मियों को 10 नवंबर को लाइन बुला लिया। इसके बाद ठीक 15 दिन बाद 25 नवंबर को तीनों पुलिस कर्मी फिर से सिरौली इलाके में चलने वाली यूपी 100 की गाड़ी में घूम रहे हैं। सभी वर्दी पहने हैं। एसपी देहात से पूछा तो कहने लगे कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, जबकि एसएसपी ने भी किसी की बहाली होने से इनकार कर दिया।
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मंगलवार को शाहजहांपुर में बवाल होने की सूचना पर डीआईजी देर रात वहां फोर्स लेकर गए थे। रात को वहीं कैंप करने के बाद डीआईजी बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे बरेली लौट रहे थे। उनकी गाड़ी का हूटर बज रहा था। इसकी परवाह किए बिना फतेहगंज पूर्वी के दरोगा वेदराम गंगवार और सिपाही पुष्पेंद्र सिंह द्वारिकेश चीनी मिल के सामने वसूली क रने में व्यस्त थे। अचानक डीआईजी की गाड़ी उनकी जिप्सी के पास आकर रुकी तो पसीना छूट गया। दोनों माफी मांगकर किसी तरह बख्शने की गुहार करने लगे। इस पर डीआईजी ने दोनों को फटकार कर भगा दिया। डीआईजी ने बताया कि दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों दो महीने पुलिस लाइंस में गहन प्रशिक्षण लेंगे। सीओ फरीदपुर विभागीय जांच करेंगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा हाईवे की चौकियों पर तैनात दरोगा-सिपाहियों की समीक्षा होगी।
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इन दागियों को किसने बहाल कर दिया
सिरौली थाना क्षेत्र की बडागांव चौकी में पशु तस्कर महीपाल के साथ दारू पार्टी की वीडियो वायरल होने पर उप निरीक्षक जगत सिंह यादव और सिपाही चंद्रपाल को एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने निलंबित कर दिया था। यह दोनों की वर्दी पहने बड़ागांव चौकी के आसपास चलने वाली यूपी100 की गाड़ी पर घूम रहे हैं। जबकि एसएसपी उनकी बहाली से साफ इनकार कर रहे हैं। इसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि वह किसके आदेश पर वर्दी पहने घूम रहे हैं।
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पुलिस चौकी में दारू पार्टी की सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल में चौकी इंचार्ज दरोगा जगत सिंह यादव, अशोक कुमार यादव, सिपाही प्रवीण गौतम और पशु तस्कर शराब पीते नजर आ रहे हैं। 30 अक्तूबर को यह खबर अखबाराें की सुर्खियां बनी तो एसएसपी नेसंज्ञान लेकर मामले की जांच एसपी देहात यमुना प्रसाद कराई। जिसमें दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज के साथ सिपाही चंद्रपाल को निलंबित कर दिया। बाद में जांच सही होने पर चंद्रपाल को बहाल करके दोषी तीनों पुलिस कर्मियों को 10 नवंबर को लाइन बुला लिया। इसके बाद ठीक 15 दिन बाद 25 नवंबर को तीनों पुलिस कर्मी फिर से सिरौली इलाके में चलने वाली यूपी 100 की गाड़ी में घूम रहे हैं। सभी वर्दी पहने हैं। एसपी देहात से पूछा तो कहने लगे कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है, जबकि एसएसपी ने भी किसी की बहाली होने से इनकार कर दिया।