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यूपी में सेना की 2916 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा
बरेली
Updated Sat, 03 Jan 2015 11:10 PM IST
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बरेली समेत उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में भारतीय रक्षा मंत्रालय का 2.37 फीसदी भूभाग अभी तक राजस्व खाते में रक्षा संपदा के नाम नहीं चढ़ पाया है। नतीजा यह कि इन जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है। सेना की जमीन पर लोग खेती कर रहे हैं, कई जगह पक्का निर्माण भी कर लिया गया है। इस प्रकरण पर गंभीर संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने ऐसे भूभाग को राजस्व खाते में रक्षा विभाग के नाम पर चढ़ाने को कहा है।
रक्षा विभाग की ऐसी जमीनें सूबे में बरेली के अलावा लखनऊ, ललितपुर, गोरखपुर, चित्रकूट, मुरादाबाद, कानपुर, मेरठ, झांसी, सहारनपुर और गौतमबुद्ध नगर में हैं। राज्य सरकार को भेजे पत्र में रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक रविकांत चोपड़ा ने लिखा है कि इन जिलों में रक्षा विभाग की कुल करीब 123309.966 एकड़ भूमि है। इनमें से 2916.77 का नामांतरण रक्षा विभाग के नाम होना शेष रह गया है। बरेली के नवाबगंज और फतेहगंज पूर्वी स्थित रक्षा विभाग की ऐसी कुल करीब 24.15 एकड़ जमीन है। यह भूभाग सेना के कैंपिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता है। इस पर भी स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा है। सेना के कई बार प्रयास के बाद भी यह अतिक्रमण कायम है। राज्य के उप भूमि व्यवस्था आयुक्त ओपी आर्य ने सभी 11 जिलों के डीएम को ऐसे भूभाग का 15 दिनों में राजस्व खाते में रक्षा संपदा के नाम करने को लिखा है।
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रक्षा विभाग की ऐसी जमीनें सूबे में बरेली के अलावा लखनऊ, ललितपुर, गोरखपुर, चित्रकूट, मुरादाबाद, कानपुर, मेरठ, झांसी, सहारनपुर और गौतमबुद्ध नगर में हैं। राज्य सरकार को भेजे पत्र में रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक रविकांत चोपड़ा ने लिखा है कि इन जिलों में रक्षा विभाग की कुल करीब 123309.966 एकड़ भूमि है। इनमें से 2916.77 का नामांतरण रक्षा विभाग के नाम होना शेष रह गया है। बरेली के नवाबगंज और फतेहगंज पूर्वी स्थित रक्षा विभाग की ऐसी कुल करीब 24.15 एकड़ जमीन है। यह भूभाग सेना के कैंपिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता है। इस पर भी स्थानीय लोगों का अवैध कब्जा है। सेना के कई बार प्रयास के बाद भी यह अतिक्रमण कायम है। राज्य के उप भूमि व्यवस्था आयुक्त ओपी आर्य ने सभी 11 जिलों के डीएम को ऐसे भूभाग का 15 दिनों में राजस्व खाते में रक्षा संपदा के नाम करने को लिखा है।
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