{"_id":"573b7d1b4f1c1ba171ac732e","slug":"he-drove-a-thief-had-walked-into-the-house-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोर-चोर कहकर दौड़ाया, घर में घुसे तो लगाई आग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चोर-चोर कहकर दौड़ाया, घर में घुसे तो लगाई आग
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Wed, 18 May 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
दो युवक आए तो थे मेहमानी में लेकिन भीड़ ने उनको चोर-चोर कहकर दौड़ा लिया। घबराकर दोनों युवक एक घर में घुस गए। भीड़ ने घर में आग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को घर से बाहर निकाला। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। पुलिस दोनों पक्षों का समझौता कराने में लगी हुई थी।
कस्बे के मोहल्ला परा निवासी राजेश के घर गांव पैगापुर का जसवीर मेहमानी में आया था। मोहल्ले में हाल ही में कई घरों में चोरी हो चुकी है। मोहल्ले वाले चोरी का शक जसवीर पर जता रहे थे। मंगलवार को पड़ोस के ही एक मंदिर में भंडारा चल रहा था। रात दस बजे राजेश और उसका मेहमान जसवीर भंडारा खाने पहुंच गये। वहां पहले से मौजूद भीड़ ने दोनों को चोर-चोर कहकर दौड़ा लिया और दोनों को जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश की। दोनों बचने के लिये वहां से भाग निकले। अपने घर आकर राजेश ने दरवाजा बंद कर लिया। भीड़ ने गुस्से में राजेश के घर में आग लगा दी। फोन पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और किवाड़ खुलवा कर दोनों को घर से बाहर निकाल लिया। मोहल्ले वालों का कहना था कि पिटाई से बचने के लिये दोनों घर में घुस गये थे। फिर उल्टा दबाव बनाने के लिये छप्पर में खुद ही आग लगा ली। लोगों का कहना था कि चोरी की रिपोर्ट पुलिस पहले ही दर्ज कर लेती तो जसवीर को पकड़ने की नौबत ही नहीं आती। राजेश और जसवीर ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि मोहल्ले वालों उनको जलाकर मारना चाहते थे। वह बमुश्किल बच पाए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। पुलिस दोनों पक्षों से बात कर समझौता कराने की कोशिश कर रही थी।
विज्ञापन
कस्बे के मोहल्ला परा निवासी राजेश के घर गांव पैगापुर का जसवीर मेहमानी में आया था। मोहल्ले में हाल ही में कई घरों में चोरी हो चुकी है। मोहल्ले वाले चोरी का शक जसवीर पर जता रहे थे। मंगलवार को पड़ोस के ही एक मंदिर में भंडारा चल रहा था। रात दस बजे राजेश और उसका मेहमान जसवीर भंडारा खाने पहुंच गये। वहां पहले से मौजूद भीड़ ने दोनों को चोर-चोर कहकर दौड़ा लिया और दोनों को जबरदस्ती पकड़ने की कोशिश की। दोनों बचने के लिये वहां से भाग निकले। अपने घर आकर राजेश ने दरवाजा बंद कर लिया। भीड़ ने गुस्से में राजेश के घर में आग लगा दी। फोन पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और किवाड़ खुलवा कर दोनों को घर से बाहर निकाल लिया। मोहल्ले वालों का कहना था कि पिटाई से बचने के लिये दोनों घर में घुस गये थे। फिर उल्टा दबाव बनाने के लिये छप्पर में खुद ही आग लगा ली। लोगों का कहना था कि चोरी की रिपोर्ट पुलिस पहले ही दर्ज कर लेती तो जसवीर को पकड़ने की नौबत ही नहीं आती। राजेश और जसवीर ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि मोहल्ले वालों उनको जलाकर मारना चाहते थे। वह बमुश्किल बच पाए। दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। पुलिस दोनों पक्षों से बात कर समझौता कराने की कोशिश कर रही थी।
विज्ञापन