फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Gujarat transporter, partner including eight will be FIR

गुजरात के ट्रांसपोर्टर, पार्टनर समेत आठ पर होगी एफआईआर 

Fri, 05 May 2017 01:21 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Fri, 05 May 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
Gujarat transporter, partner including eight will be FIR
Gujarat transporter, partner including eight will be FIR - फोटो : बरेली, अमर उजाला
आंवला के आईओसी डिपो से त्रिशूल एयरबेस के विमानों को आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के चोरी होने के बाद पूर्ति निरीक्षक की रिपोर्ट में गुजरात के ट्रांसपोर्टर, पार्टनर सहित ट्रांसपोर्ट फर्म पर भी शिकंजा कसा गया है। वायु सेवा के विमानों में भरे जाने वाले ईंधन एटीएफ की चोरी के संवेदनशील प्रकरण में चालक और सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात के ट्रांसपोर्ट मालिक के बचने की आशंकाओं के बीच एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सभी को आरोपी बनाने के निर्देश दिए थे। पूर्ति निरीक्षक ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में सभी के नाम शामिल किए हैं। डीएम के अनुमोदन के बाद आंवला थाने में धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज होगा। 
विज्ञापन

 
पूर्ति निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि टैंकर गुजरात की ट्रांसपोर्ट कंपनी मातेश्वरी फर्म के थे। ट्रक से मिले दस्तावेज से गुजरात की ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक भरत पाटिल और उनके साझेदार रंजन के नाम सामने आए थे। पुलिस पूरे मामले में ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों की भी संलिप्तता मान रही है। यही वजह है कि रिपोर्ट में ट्रांसपोर्ट कंपनी समेत फर्म के मालिक और साझेदार का नाम शामिल किया है। इनके अतिरिक्त टैंकर के चालक शिव बहादुर और सहयोगी शीशपाल, नगरिया सतन के तेल माफिया विनीत, अजीत, छुन्नू और डब्लू के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। 
विज्ञापन


तेल माफिया की गिरफ्तारी को दबिशें 
आईओसी डिपो के गेट से महज 100 मीटर दूर विनीत के खोखा के पास टैंकर से सेना का ईंधन चोरी करते हुए दो को पकड़ा गया था। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि तेल माफिया भागने में कामयाब रहे थे। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।    
विज्ञापन
विज्ञापन


डीजल मे मिलाकर होती है बिक्री 
तेल माफिया चोरी का एटीएफ खरीदकर उसमें डीजल मिलाकर बेचते हैं। पुलिस के अनुसार एटीएफ का रंग सफेद होता है। पेट्रोल का रंग लाल होता है। पेट्रोल में मिलाने से इसमें चिकनाहट आ जाती है। जबकि एक जैसा रंग होने की वजह से डीजल में इसे मिलाने पर पहचान नहीं हो पाती है। 


तेल चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि तेल चोरी के तार गुजरात तक जुड़े हों। फर्म के मालिक समेत सभी आरोपियों के खिलाफ जांच होगी। 
-जोगेंद्र कुमार, एसएसपी 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed