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हां गबन हुआ है मगर अभी फुर्सत नहीं
बरेली
Updated Sat, 03 Jan 2015 11:08 PM IST
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गरीब बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही वृद्धावस्था पेंशन ले रहे 129 रईसों को चिन्हित करने के बाद समाज कल्याण विभाग ने चुप्पी साध ली है। कई सालों से पेंशन ले रहे ये लोग सरकार के लाखों रुपये का गबन कर चुके हैं। समाज कल्याण विभाग भी मान रहा है कि सरकारी धन का गबन हुआ है लेकिन 15 दिन बाद भी उसने न उनसे रिकवरी की कार्रवाई शुरू की है, न उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। ऐसे में अब विभागीय अफसरों पर ही अंगुलियां उठने लगी हैं।
पेंशन योजनाओं के सत्यापन के दौरान पिछले महीने समाज कल्याण विभाग को जिले में 129 लाभार्थी ऐसे मिले जो वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित आय के दायरे में नहीं आते। अफसरों ने सत्यापन कराया तो इन लाभार्थियों के पास अच्छी-खासी चल और अचल संपत्ति पाई गई। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इन्हें अपात्र मानते हुए इन सभी की पेंशन तो रोक दी लेकिन सालों से पेंशन लेकर सरकारी धन का गबन करने के मामले में और कोई कार्रवाई नहीं की। इन सारे लाभार्थियों ने सरकारी धन हड़पने के लिए अपनी आय कम दर्शाई थी। इनके खिलाफ एफआईआर कराने के मामले में लगातार टालमटोल की जा रही है।
इंसेट...
यह है पेंशन की पात्रता
समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 60 साल से अधिक उम्र के उन बुजुर्गों के लिए है जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से ग्रामीण क्षेत्र में 19884 और शहरी क्षेत्र में 25546 रुपये से कम है।
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यह हुआ खुलासा
सत्यापन में पाया गया कि कई गांवों में रसूखदार और जमींदारों ने भी वास्तविक आय छुपाकर पेंशन बनवा ली थी और वह कई सालों से इसमें हर महीने पांच सौ रुपये हड़पकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे थे।
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वर्जन...
अभी समाजवादी पेंशन योजना में व्यस्त होने की वजह से अपात्र मिले लाभार्थियों को रिकवरी नोटिस नहीं भेज पाए हैं। इनसे रिकवरी की धनराशि का आकलन करने के बाद एफआईआर के बाबत डीएम से परमीशन मांगेंगे, अगर वह निर्देश देते हैं तो एफआईआर भी कराएंगे।
-एके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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पेंशन योजनाओं के सत्यापन के दौरान पिछले महीने समाज कल्याण विभाग को जिले में 129 लाभार्थी ऐसे मिले जो वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित आय के दायरे में नहीं आते। अफसरों ने सत्यापन कराया तो इन लाभार्थियों के पास अच्छी-खासी चल और अचल संपत्ति पाई गई। इसके बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी ने इन्हें अपात्र मानते हुए इन सभी की पेंशन तो रोक दी लेकिन सालों से पेंशन लेकर सरकारी धन का गबन करने के मामले में और कोई कार्रवाई नहीं की। इन सारे लाभार्थियों ने सरकारी धन हड़पने के लिए अपनी आय कम दर्शाई थी। इनके खिलाफ एफआईआर कराने के मामले में लगातार टालमटोल की जा रही है।
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यह है पेंशन की पात्रता
समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 60 साल से अधिक उम्र के उन बुजुर्गों के लिए है जिनकी वार्षिक आय सभी स्रोतों से ग्रामीण क्षेत्र में 19884 और शहरी क्षेत्र में 25546 रुपये से कम है।
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यह हुआ खुलासा
सत्यापन में पाया गया कि कई गांवों में रसूखदार और जमींदारों ने भी वास्तविक आय छुपाकर पेंशन बनवा ली थी और वह कई सालों से इसमें हर महीने पांच सौ रुपये हड़पकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे थे।
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वर्जन...
अभी समाजवादी पेंशन योजना में व्यस्त होने की वजह से अपात्र मिले लाभार्थियों को रिकवरी नोटिस नहीं भेज पाए हैं। इनसे रिकवरी की धनराशि का आकलन करने के बाद एफआईआर के बाबत डीएम से परमीशन मांगेंगे, अगर वह निर्देश देते हैं तो एफआईआर भी कराएंगे।
-एके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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