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चोर का सरपरस्त किला थाने का सिपाही!
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:19 AM IST
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थाना प्रेमनगर के शास्त्रीनगर कॉलोनी में चोरी के माल समेत पकड़े गए एक बदमाश ने अपना सरगना बता कर जिस व्यक्ति को मौके पर बुलाया वह किला थाने का सिपाही निकला। अपने दो और साथियों के साथ पहुंचा यह सिपाही अपना मुखबिर बता कर चोर की पैरवी करने लगा। पार्षद गौरव सक्सेना और मोहल्ले वालों की सिपाहियों से काफी देर नोंकझोंक हुई। चौकी अशरफ खां छावनी इंचार्ज के समझाने पर सिपाही पीछे हटे और चोर अंदर हो सका। मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखाने को तहरीर दे दी गई है।
शास्त्रीनगर कॉलोनी के दवा विक्रेता सर्वेश सक्सेना शाम करीब साढ़े छह बजे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल गए हुए थे। एक घंटे बाद घर लौटे । उन्होंने ताला खोलकर घर में जाने की कोशिश की तो दरवाजा ही नहीं खुला। अंदर से दरवाजा बंद देखकर उन्होंने पड़ोसी की तरफ से घर में उतरकर किसी तरह अंदर के दरवाजा खोलकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का ताला टूटा पड़ा था। जेवर भी गायब थे। शोर-शराबा होने पर आसपास के नागरिक जमा हो गए। घटना की सूचना पर पार्षद गौरव सक्सेना भी मौके पर पहुंच गए। इधर-उधर तलाश करने पर पड़ोस के प्लाट की झाड़ियों में स्वालेनगर का नदीम पकड़ा गया। उसके पास से जेवर भी मिल गए। नदीम ने बताया कि उसका साथी हुसैनबाग का गुड्डू ही फेरी करने के बहाने चोरों का गैंग चलाता है। इधर नदीम के फोन पर बार-बार कॉल आ रही थी। कहने लगा गुड्डू का फोन आ रहा है। इस पर चौकी इंचार्ज अशरफ खां छावनी आशीष कुमार और पार्षद गौरव सक्सेना ने मोहल्ले वालों की मदद से दूसरे चोर गुड्डू को पकड़ने की प्लानिंग करके नदीम के फोन पर बात कराई। नदीम ने फोन करने वाले को मिनी बाईपास विपिन अस्पताल के पास पहुंचने को कहा। इधर से सभी लोगों ने पहले ही वहां पहुंचकर घेराबंदी कर ली। पार्षद चौकी इंचार्ज के साथ नदीम को लेकर विपिन अस्पताल के पास पहुंचे तो मालूम हुआ कि चोर जिसके फोन पर बात कर रहा था वह तो किला थाने का सिपाही है। उसके साथ दो सिपाही और भी थे।
चोरी ऊपर से सीनाजोरी
नदीम को पुलिस हिरासत में देखकर सिपाहियों का पारा चढ़ गया। पार्षद का कहना था कि उसे चोरी के माल समेत पकड़ा है पर वे मानने को तैयार नहीं थे। सर्वेश ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी है। पुलिस और चोरों का गठजोड़ देखकर पार्षद ही नहीं मोहल्ले वाले भी हैरान थे। सिपाही तर्क दे रहा था कि नदीम तो हमें चोरों का गैंग पकड़वाने वाला था।
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शास्त्रीनगर कॉलोनी के दवा विक्रेता सर्वेश सक्सेना शाम करीब साढ़े छह बजे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल गए हुए थे। एक घंटे बाद घर लौटे । उन्होंने ताला खोलकर घर में जाने की कोशिश की तो दरवाजा ही नहीं खुला। अंदर से दरवाजा बंद देखकर उन्होंने पड़ोसी की तरफ से घर में उतरकर किसी तरह अंदर के दरवाजा खोलकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का ताला टूटा पड़ा था। जेवर भी गायब थे। शोर-शराबा होने पर आसपास के नागरिक जमा हो गए। घटना की सूचना पर पार्षद गौरव सक्सेना भी मौके पर पहुंच गए। इधर-उधर तलाश करने पर पड़ोस के प्लाट की झाड़ियों में स्वालेनगर का नदीम पकड़ा गया। उसके पास से जेवर भी मिल गए। नदीम ने बताया कि उसका साथी हुसैनबाग का गुड्डू ही फेरी करने के बहाने चोरों का गैंग चलाता है। इधर नदीम के फोन पर बार-बार कॉल आ रही थी। कहने लगा गुड्डू का फोन आ रहा है। इस पर चौकी इंचार्ज अशरफ खां छावनी आशीष कुमार और पार्षद गौरव सक्सेना ने मोहल्ले वालों की मदद से दूसरे चोर गुड्डू को पकड़ने की प्लानिंग करके नदीम के फोन पर बात कराई। नदीम ने फोन करने वाले को मिनी बाईपास विपिन अस्पताल के पास पहुंचने को कहा। इधर से सभी लोगों ने पहले ही वहां पहुंचकर घेराबंदी कर ली। पार्षद चौकी इंचार्ज के साथ नदीम को लेकर विपिन अस्पताल के पास पहुंचे तो मालूम हुआ कि चोर जिसके फोन पर बात कर रहा था वह तो किला थाने का सिपाही है। उसके साथ दो सिपाही और भी थे।
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चोरी ऊपर से सीनाजोरी
नदीम को पुलिस हिरासत में देखकर सिपाहियों का पारा चढ़ गया। पार्षद का कहना था कि उसे चोरी के माल समेत पकड़ा है पर वे मानने को तैयार नहीं थे। सर्वेश ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी है। पुलिस और चोरों का गठजोड़ देखकर पार्षद ही नहीं मोहल्ले वाले भी हैरान थे। सिपाही तर्क दे रहा था कि नदीम तो हमें चोरों का गैंग पकड़वाने वाला था।
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