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बरेली में डबल मर्डर, दौड़ाकर गोलियों से भून डाला
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 24 Mar 2016 12:57 AM IST
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किला क्षेत्र के मलूकपुर में हुए दोहरे हत्याकांड की तैयारी पहले से ही थी। हत्यारों को पता था कि बदायूं के साहूकारा निवासी मुकुल रस्तोगी हर होली को छोटी बमनपुरी स्थित ससुराल आता है। इसीलिए उन्होंने उसकी हत्या की प्लानिंग पहले से ही तैयार कर ली थी। बुधवार को मुकुल बदायूं से आया और सुबह साढे़ दस बजे रंग खेलने के लिए राम बारात में चला गया। उसके साथ उसका चचेरा भाई संदीप और विशाल भी रंग खेलने घर से निकले। दोपहर के समय उनका पीयूष उर्फ डैनी आदि से आमना-सामना हुआ। पीयूष ने अपने साथियों की मदद से मुकुल और उसके भाई की पिटाई की। उस समय तो मामला जैसे तैसे निपट गया। इसके बाद मुकुल, संदीप बैंडबाजे वाली गली में चबूतरे पर बैठ गए और विशाल घर चला गया। तभी पीयूष अपने साथियों के साथ आ गया और संदीप व मुकुल पर फायरिंग शुरू कर दी। संदीप की बैंडबाजे वाली गली में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि मुकुल बचने के लिए मलूकपुर बजरिया वाली गली में भागा तो उसे भी दौड़ाकर गोली मार दी गई। गोली मारने के बाद हमलावर फरार हो गए। मुकुल और संदीप सड़क पर तड़पते रहे। संदीप की तो मौके पर मौत हो गई, जबकि मुकुल ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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पत्नी कहती रही ले चलो प्राइवेट अस्पताल
मुकुल के साथ उसकी पत्नी कविता भी छोटी होली मनाने के लिए अपने मायके आई थी। मुकुल को गोली लगने की जानकारी पर कविता और उसके परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मुकुल अंतिम सांसे गिन रहा था। उसे देखकर कविता यही कहती रह गई कि मुकुल को प्राइवेट अस्पताल ले चलो, शायद उसकी जान बच जाए लेकिन मुकुल दम तोड़ चुका था। यह बात कविता को जब पता चली तो उसके होश उड़ गए।
खून से सन गए अस्पताल पहुंचाने वालों के कपड़े
मुकुल और संदीप के शरीर से बेहद खून बह रहा था। उन्हें सड़क से उठाकर सिपाही नरेंद्र ने लोग की मदद से आनन फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। खून से सिपाही और कई लोगों के कपड़े भी सन गए।
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गली से लेकर अस्पताल तक मची रही अफरातफरी
मलूकपुर बजरिया में अचानक हुए दोहरे हत्याकांड की जिसने खबर सुनी वह घर से निकल पड़ा। मलूकपुर बजरिया और बैंडबाजे वाली गली में लोगों की भीड़ लग गई। काफी लोग अस्पताल तक पहुंच गए। जिससे अफरातफरी का माहौल रहा। फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
पल-पल की जानकारी लेते रहे डीजीपी
आईजी बोले, हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
बरेली। किला के मलूकपुर में दो स्वर्णकारों की सरेराह हत्या होने की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों में हड़कंप मच गया। डीजीपी जावीद अहमद ने फोन पर आईजी विजय सिंह मीना से पूरे मामले की जानकारी ली और बरेली की संवेदनशीलता को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुकुल और संदीप की हत्या होने के बाद से अफवाहों का दौर शुरू हो गया। एक बार भीड़ के बीच से यह बात भी आई कि पुराने शहर के लड़के मार गए, लेकिन बाद में उन्हीं में से कुछ समझाने वालों ने ऐसे लोगों को शांत कर दिया। थोड़ी ही देर घटना के पीछे की बातें भी सामने आने लगी। एक-एक करके हत्या की बातें साफ हुईं तो अफसरों ने भी राहत की सांस ली। आईजी डीजीपी को बताने के बाद मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मुकुल से भाई विशाल से बात करने के बाद डीजीपी को घटना की हकीकत बताई।
डबल मर्डर की सुनते ही अफसर दौड़े
आईजी, डीआईजी और एसएसपी ने विशाल से की अलग-अलग पूछताछ
बरेली। रामबारात के दिन दो भाईयों के खून से होली खेले जाने की खबर मिलते ही अफसर किला थाने की मलूकपुर चौकी की तरफ दौड़ गए। सबसे पहले एसपी सिटी समीर सौरभ मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही शवों को सिपाही बाइक और स्कूटर से जिला अस्पताल ला चुके थे। मुकुल का आधा शव नाली में पड़ा था। संदीप अपने चचेरे भाई विशाल के घर की तरफ जाने वाली गली में खून से लथपथ पड़ा अंतिम सांसे ले रहा था। करीब पौन घंटे बाद पुलिस को घटना की जानकारी हो पाई। एसएसपी आरके भारद्वाज ने मलूकपुर चौकी पहुंचकर विशाल से बात की। एसएसपी के बाद आईजी विजय सिंह मीना और आखिर में डीआईजी आशुतोष कुमार पहुंचे। दोनों की आला अफसरों ने विशाल से पूछताछ करके हत्यारोपियों के नाम पता कर लिए। एसपी सिटी की अगुवाई में टीम बनाकर आरोपियों के घरों दबिश दी जा रही है।
हाई सिक्योरिटी के बीच से कातिल भाग गए
-बुधवार को मलूकपुर इलाके बमनपुरी से रामबारात निकलती है। बृहस्पतिवार को यहीं से नरसिंह भगवान की यात्रा निकलनी है। यह इलाके शहर का सबसे ज्यादा संवेदनशील कहलाता है। यहां उसी हिसाब से फोर्स लगाई गई है। किला के हर रास्ते पर फोर्स लगी थी। ऐसे में सरेराह दो लोगों का कत्ल करने के बाद कातिल फरार हो गए। पुलिस को दोहरे हत्याकांड का पता लगने में ही करीब पौन घंटे का समय लग गया। गोली चलने के बाद एक व्यक्ति ने चौकी के पास जिन पुलिस कर्मियाें की ड्यूटी लगी थी, उनसे बताया भी था, लेकिन उन्हें जाने की बात कहकर टरका दिया। संदीप को समय से इलाज मिल जाता तो उसकी जान भी बच सकती थी।
मेरे पति को छोड़ दो
-दोहरे हत्याकांड में नाम आने के बाद पुलिस दबाव बनाने के लिए पियूष उर्फ डेनी के भाई विवेक कुमार को उठा लाई थी। विवेक की पत्नी डीआईजी की मौजूदगी में मलूकपुर पुलिस चौकी पहुंच गईं। उनका क हना था कि मेरे पति का हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें छोड़ दो। वह तो अभी लौटकर आए हैं। उन्होंने रेलवे के रिजर्वेशन के टिकट भी डीआईजी को दिखाने की कोशिश की। डीआईजी ने महिला को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भेज दिया।
साहब मेहमान को मार दिया
मलूकपुर पुलिस चौकी में नशे में एक हुरियारा एसपी सिटी से भिड़ गया। इससे पहले वह आईजी से कहने लगा कि साहब मुकुल रस्तोगी तो बदायूं से रामबारात देखने के लिए आए थे। संदीप भी उन्हीं का चचेरा भाई है। संदीप के साथ मेहमान को भी सरेराह मार दिया गया। बृहस्पतिवार को यहां के भगवान नरसिंह यात्रा निकलनी है। यहां दो हत्याएं हो गईं। किस तरह हम लोग त्यौहार मनाएंगे।
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पत्नी कहती रही ले चलो प्राइवेट अस्पताल
मुकुल के साथ उसकी पत्नी कविता भी छोटी होली मनाने के लिए अपने मायके आई थी। मुकुल को गोली लगने की जानकारी पर कविता और उसके परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मुकुल अंतिम सांसे गिन रहा था। उसे देखकर कविता यही कहती रह गई कि मुकुल को प्राइवेट अस्पताल ले चलो, शायद उसकी जान बच जाए लेकिन मुकुल दम तोड़ चुका था। यह बात कविता को जब पता चली तो उसके होश उड़ गए।
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खून से सन गए अस्पताल पहुंचाने वालों के कपड़े
मुकुल और संदीप के शरीर से बेहद खून बह रहा था। उन्हें सड़क से उठाकर सिपाही नरेंद्र ने लोग की मदद से आनन फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। खून से सिपाही और कई लोगों के कपड़े भी सन गए।
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गली से लेकर अस्पताल तक मची रही अफरातफरी
मलूकपुर बजरिया में अचानक हुए दोहरे हत्याकांड की जिसने खबर सुनी वह घर से निकल पड़ा। मलूकपुर बजरिया और बैंडबाजे वाली गली में लोगों की भीड़ लग गई। काफी लोग अस्पताल तक पहुंच गए। जिससे अफरातफरी का माहौल रहा। फील्ड यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
पल-पल की जानकारी लेते रहे डीजीपी
आईजी बोले, हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
बरेली। किला के मलूकपुर में दो स्वर्णकारों की सरेराह हत्या होने की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों में हड़कंप मच गया। डीजीपी जावीद अहमद ने फोन पर आईजी विजय सिंह मीना से पूरे मामले की जानकारी ली और बरेली की संवेदनशीलता को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुकुल और संदीप की हत्या होने के बाद से अफवाहों का दौर शुरू हो गया। एक बार भीड़ के बीच से यह बात भी आई कि पुराने शहर के लड़के मार गए, लेकिन बाद में उन्हीं में से कुछ समझाने वालों ने ऐसे लोगों को शांत कर दिया। थोड़ी ही देर घटना के पीछे की बातें भी सामने आने लगी। एक-एक करके हत्या की बातें साफ हुईं तो अफसरों ने भी राहत की सांस ली। आईजी डीजीपी को बताने के बाद मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने मुकुल से भाई विशाल से बात करने के बाद डीजीपी को घटना की हकीकत बताई।
डबल मर्डर की सुनते ही अफसर दौड़े
आईजी, डीआईजी और एसएसपी ने विशाल से की अलग-अलग पूछताछ
बरेली। रामबारात के दिन दो भाईयों के खून से होली खेले जाने की खबर मिलते ही अफसर किला थाने की मलूकपुर चौकी की तरफ दौड़ गए। सबसे पहले एसपी सिटी समीर सौरभ मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही शवों को सिपाही बाइक और स्कूटर से जिला अस्पताल ला चुके थे। मुकुल का आधा शव नाली में पड़ा था। संदीप अपने चचेरे भाई विशाल के घर की तरफ जाने वाली गली में खून से लथपथ पड़ा अंतिम सांसे ले रहा था। करीब पौन घंटे बाद पुलिस को घटना की जानकारी हो पाई। एसएसपी आरके भारद्वाज ने मलूकपुर चौकी पहुंचकर विशाल से बात की। एसएसपी के बाद आईजी विजय सिंह मीना और आखिर में डीआईजी आशुतोष कुमार पहुंचे। दोनों की आला अफसरों ने विशाल से पूछताछ करके हत्यारोपियों के नाम पता कर लिए। एसपी सिटी की अगुवाई में टीम बनाकर आरोपियों के घरों दबिश दी जा रही है।
हाई सिक्योरिटी के बीच से कातिल भाग गए
-बुधवार को मलूकपुर इलाके बमनपुरी से रामबारात निकलती है। बृहस्पतिवार को यहीं से नरसिंह भगवान की यात्रा निकलनी है। यह इलाके शहर का सबसे ज्यादा संवेदनशील कहलाता है। यहां उसी हिसाब से फोर्स लगाई गई है। किला के हर रास्ते पर फोर्स लगी थी। ऐसे में सरेराह दो लोगों का कत्ल करने के बाद कातिल फरार हो गए। पुलिस को दोहरे हत्याकांड का पता लगने में ही करीब पौन घंटे का समय लग गया। गोली चलने के बाद एक व्यक्ति ने चौकी के पास जिन पुलिस कर्मियाें की ड्यूटी लगी थी, उनसे बताया भी था, लेकिन उन्हें जाने की बात कहकर टरका दिया। संदीप को समय से इलाज मिल जाता तो उसकी जान भी बच सकती थी।
मेरे पति को छोड़ दो
-दोहरे हत्याकांड में नाम आने के बाद पुलिस दबाव बनाने के लिए पियूष उर्फ डेनी के भाई विवेक कुमार को उठा लाई थी। विवेक की पत्नी डीआईजी की मौजूदगी में मलूकपुर पुलिस चौकी पहुंच गईं। उनका क हना था कि मेरे पति का हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें छोड़ दो। वह तो अभी लौटकर आए हैं। उन्होंने रेलवे के रिजर्वेशन के टिकट भी डीआईजी को दिखाने की कोशिश की। डीआईजी ने महिला को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भेज दिया।
साहब मेहमान को मार दिया
मलूकपुर पुलिस चौकी में नशे में एक हुरियारा एसपी सिटी से भिड़ गया। इससे पहले वह आईजी से कहने लगा कि साहब मुकुल रस्तोगी तो बदायूं से रामबारात देखने के लिए आए थे। संदीप भी उन्हीं का चचेरा भाई है। संदीप के साथ मेहमान को भी सरेराह मार दिया गया। बृहस्पतिवार को यहां के भगवान नरसिंह यात्रा निकलनी है। यहां दो हत्याएं हो गईं। किस तरह हम लोग त्यौहार मनाएंगे।