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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   DCM took over the Well of Death

डीसीएम में भर ले गए मौत का कुंआ

Sat, 16 Apr 2016 01:30 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Sat, 16 Apr 2016 01:30 AM IST
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गुरुवार रात मौत का कुंआ बना रहे मिस्त्री और चौकीदार को बदमाशों ने बंधक बनाकर तमंचे की बट से पीटा और डीसीएम में 50 कुंतल लोहे का सामान भरकर भाग निकले। सूचना पर पुलिस ने डीसीएम को मय सामान के बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि करीब आठ बदमाश भाग निकले। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
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कस्बा सेंथल केे मोहल्ला हाकिम टोला निवासी यूसुफ अली मेलों में मौत का कुंआ लगाता है। इन दिनों सेंथल स्टेशन के पास मौत का कुंआ बनाने का काम चल रहा है। बीती रात मिस्त्री शमीम अहमद और चौकीदार छोटे निवासी टांडा सादात  कुंआ बनाने का काम कर रहे थे। यहां करीब एक बजे नीली डीसीएम आई, जिससे छह लोग उतरे। इनमें से दो लोगों ने इनके पास आकर कनपटी पर तमंचा तान दिया। तमंचों की बट से शमीम और छोटे की पिटाई करने के बाद अंगोछे से दोनों के हाथ बांध दिए। फिर बदमाशों ने यहां रखी लोहे की रॉड समेत लोहे का करीब 50 कुंतल सामान डीसीएम में लादा और जादौंपुर की तरफ भाग निकले। 
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बदमाशों के जाने के बाद शमीम और छोटा ने चीखपुकार मचाई तो राहगीरों ने इनके बंधन खोले। घटना की सूचना तत्काल कुंआ मालिक यूसुफ को दी। यूसुफ ने सपा नेता के जरिये सीओ नवाबगंज को सूचना दी। तब नवाबगंज पुलिस ने डीसीएम को घेर लिया। खुद को घिरता देख बाकी बदमाश गाड़ी से कूदकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा करके इनमें से एक को पकड़ लिया। बाकी पांच भागने में सफल हो गये। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मौत के कुंआ के मालिक यूसुफ की तहरीर पर करीब नौ अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फरार बदमाशों की तलाश की जा रही है। 
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उत्तराखंड का है गिरोह, एक बदमाश बरेली का
हाफिजगंज। शुक्रवार को एसओ धर्मेंद्र कुमार नवाबगंज जाकर पकड़े गए बदमाश को थाने ले आए। देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी। यह बदमाश उत्तराखंड के किच्छा थाना अंतर्गत गांव सैंजना निवासी नदीम अहमद पुत्र वहीद था। उसने बताया कि वारदात में कुल नौ बदमाश थे। इनमें आरिफ, अनवार, अमीर अहमद, निसार, आसिफ, तस्सवर उसी के गांव के हैं। हुसैन शाह उसके पड़ोसी गांव छिनकी का है। जबकि सद्दाम पुत्र मुनव्वर बरेली के थाना कैंट के गांव चनेहटा का है। पुलिस ने इनकी तलाश तेज कर दी है। सभी बदमाश 25 से 30 वर्ष की उम्र के हैं। 


हाफिजगंज पुुलिस फ्लाप, नवाबगंज ने बाजी मारी
नवाबगंज। पूरे घटनाक्रम में हाफिजगंज पुलिस फ्लाप साबित हुई। समाजसेवी मेहराब अहमद ने बताया कि यूसुफ ने उन्हें रात में घटना की जानकारी दी। उन्होंने पहले चौकी सेंथल पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद 100 नंबर डायल किया पर घंटी जाने के बावजूद काल रिसीव नहीं की गई। थक हारकर उन्होंने सीओ नवाबगंज को फोन किया। सीओ नरेश कुमार ने उनकी बात सुनकर घेराबंदी कराई। तब नवाबगंज कोतवाल आरके सिंह ने मुझैना संतोष गांव के पास डीसीएम को घेर लिया। हिम्मत दिखाकर नवाबगंज पुलिस ने डीसीएम पकड़ ली। अगर सीओ से बात नहीं होती तो बदमाश गाड़ी लेकर भाग ही जाते।
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