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डेयरी मालिक के बेटे ने कुकर्म के बाद की थी बच्चे की हत्या
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:39 AM IST
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बालक मुनीश की हत्या कुसुमनगर कालोनी स्थित मौर्य डेयरी के मालिक और पीडब्ल्यूडी कर्मी के बेटे ने कुकर्म के बाद की थी। उसने पहले शव को डेयरी के पीछे कमरे में छिपाकर रखा था और रात होने पर ले जाकर प्लाट की झाड़ियों में फेंक दिया। बारादरी पुलिस ने घटना का खुलासा कर डेयरी मालिक के बेटे को दबोच लिया।
हरुनगला निवासी अशोक कुमार कश्यप का 12 वर्षीय बेटा मुनीश साइकिल पर फेरी लगाकर चीनी के गुल्ले (बुढ़िया के बाल) बेचता था। 13 अगस्त की सुबह वह साइकिल पर घर से निकला था, जिसके बाद से लापता था। मुनीश को कुसुमनगर में जहां से अगवा किया गया था वहीं 20 अगस्त को एक खाली प्लाट में झाड़ियों के बीच उसकी सड़ी लाश पड़ी मिली थी। पुलिस के खिलाफ गुस्साई पब्लिक ने रविवार को रोड जाम किया तो मामला ऊपर तक पहुंचा गया। फिर एसपी सिटी समीर सौरभ खुद मामले की छानबीन में जुटे। उन्होंने एएसपी आकाश तोमर, बारादरी इंस्पेक्टर कमरुल हसन और रुहेलखंड चौकी प्रभारी रवि शंकर यादव की मदद से 12 घंटे में घटना का खुलासा कर दिया।
यह हुआ था उस दिन
सोमवार को पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि 13 अगस्त को दिन में ढाई बजे मुनीश कुसुमनगर में मौर्या डेयरी के सामने खड़ा था। उसका मोबाइल किसी युवक ने ले लिया था। उसने यह बात डेयरी मालिक व पीडब्ल्यूडी कर्मी श्रीपाल मौर्य के बेटे पवन मौर्य को बताई। वह मोबाइल दिलाने का झांसा देकर मुनीश को डेरी के अंदर ले गया और कुकर्म किया। तब उससे मुनीश ने कहा कि मोबाइल नहीं दिलाया तो वह घटना के बारे में सबको बता देगा। इस बदनामी के डर से पवन ने उसी के गमछे से मुनीश का गला दबा दिया और शव को डेयरी के पीछे दूसरे कमरे में छिपाकर कट्टों से ढक दिया। फिर वह अपने घर चला गया। रात को आठ-नौ बजे के बीच लौटा तो मुनीश की लाश प्लास्टिक के कट्टे में बंद करके प्लाट में झाड़ियों के बीच फेंक दिया। पुलिस ने पवन मौर्य को गिरफ्तारी के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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हरुनगला निवासी अशोक कुमार कश्यप का 12 वर्षीय बेटा मुनीश साइकिल पर फेरी लगाकर चीनी के गुल्ले (बुढ़िया के बाल) बेचता था। 13 अगस्त की सुबह वह साइकिल पर घर से निकला था, जिसके बाद से लापता था। मुनीश को कुसुमनगर में जहां से अगवा किया गया था वहीं 20 अगस्त को एक खाली प्लाट में झाड़ियों के बीच उसकी सड़ी लाश पड़ी मिली थी। पुलिस के खिलाफ गुस्साई पब्लिक ने रविवार को रोड जाम किया तो मामला ऊपर तक पहुंचा गया। फिर एसपी सिटी समीर सौरभ खुद मामले की छानबीन में जुटे। उन्होंने एएसपी आकाश तोमर, बारादरी इंस्पेक्टर कमरुल हसन और रुहेलखंड चौकी प्रभारी रवि शंकर यादव की मदद से 12 घंटे में घटना का खुलासा कर दिया।
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यह हुआ था उस दिन
सोमवार को पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि 13 अगस्त को दिन में ढाई बजे मुनीश कुसुमनगर में मौर्या डेयरी के सामने खड़ा था। उसका मोबाइल किसी युवक ने ले लिया था। उसने यह बात डेयरी मालिक व पीडब्ल्यूडी कर्मी श्रीपाल मौर्य के बेटे पवन मौर्य को बताई। वह मोबाइल दिलाने का झांसा देकर मुनीश को डेरी के अंदर ले गया और कुकर्म किया। तब उससे मुनीश ने कहा कि मोबाइल नहीं दिलाया तो वह घटना के बारे में सबको बता देगा। इस बदनामी के डर से पवन ने उसी के गमछे से मुनीश का गला दबा दिया और शव को डेयरी के पीछे दूसरे कमरे में छिपाकर कट्टों से ढक दिया। फिर वह अपने घर चला गया। रात को आठ-नौ बजे के बीच लौटा तो मुनीश की लाश प्लास्टिक के कट्टे में बंद करके प्लाट में झाड़ियों के बीच फेंक दिया। पुलिस ने पवन मौर्य को गिरफ्तारी के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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