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चोरों का ऐसा गैंग, जिसमें डॉक्टर और नर्स भी

Wed, 24 Jun 2015 02:03 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 24 Jun 2015 02:03 AM IST
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 बारादरी पुलिस ने चोरों के एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है, जिसमें महेंद्र गायत्री अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और नर्स समेत नौ लोग शामिल हैं। शीशगढ़ में सर्राफ की दुकान का शटर काटकर और महानगर में घर के ताले तोड़कर इसी गैंग ने चोरी की थी। पुलिस ने गैंग के सदस्यों की निशानदेही पर तीन एलसीडी, एक लैपटॉप और जेवर समेत करीब छह लाख रुपये का माल और मारुति कार बरामद की है।    

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पुलिस के मुताबिक थाना शीशगढ़ के टांडा छंगा निवासी सर्वेश सक्सेना, इसी थाने के कल्याणपुर गांव कासखावत हुसैन, थाना इज्जतनगर के धौरा माफी का अंकित पटेल, इसी थाने के पहाड़गंज निवासी प्रेमपाल खागी चोरी के मुख्य आरोपी हैं। मंगलवार को शाम चार बजे कार से वह घटना करने के इरादे से निकले थे। कार को धौरेरा माफी का राहुल चला रहा था। पीलीभीत रोड पर बजरंग ढाबे के पास उनकी कार रोक कर पुलिस ने पूछताछ की तो वह हड़बड़ा गए। तलाशी लेने पर कार में सवार चारों लोगों से एक-एक चाकू बरामद किया। कार में लोहे की रॉड, रिंच, पेचकस निकान का कैमरा, एक जोड़ी शोकबंद, एक मांग की पट्टी, दो मांग टीका, तीन नथ, एक जोड़ी झुमके, एक टीप छह हार, एक जोड़ी बुंदे चांदी के गोल्डन पॉलिश वाले आदि मिल गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर चारों ने बताया कि उन्होंने यह सामान शीशगढ़ के टांडा छंगा में 21 जून को कृष्णा रस्तोगी की सर्राफ की दुकान काटकर चोरी किया है। कैमरा और चांदी का पेटीबंद महानगर कॉलोनी में 19 जून की रात को सुधीर सक्सेना के घर से चोरी किया था। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा और सीओ तृतीय असित श्रीवास्तव ने बताया कि अभियुक्तों की निशानदेही पर किला इलाके के कटघर स्थित जोगेंद्र सिंह के घर में पुलिस टीम ने छापा मारा दिया। यहां टीम ने किराए पर रहने वाली नर्स कुमारी मिथलेश निवासी ग्राम आसपुर, थाना फैजगंज बेहटा, जिला बदायूं और रामपुर जिले के थाना मिलक के ग्राम मिर्रा गांव का डॉक्टर मोहम्मद अकरम मिल गया। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को चोरी का लैपटॉप, दो साड़ी एक बोतल क्लोरोफार्म मिली। क्लोरोफार्म चोरी की वारदातों में इस्तेमाल के लिए ही खरीदा गया था। इसी तरह अभियुक्तों के साथ दबिश देकर पुलिस ने जतिन अरोड़ा, निवासी डी-1 दशमेश नगर, माधोबाड़ी के घर से एक एलसीडी, एक कंप्यूटर का मानीटर बरामद किया। इसके बाद पुलिस अभियुक्तों को लेकर थाना सीबीगंज के परसाखेड़ा में रहने वाले लालू उर्फ रहीमुद्ीन के घर पहुंच गई। लालू के घर से भी पुलिस ने चोरी की एक एलसीडी बरामद की है। एसपी सिटी ने बताया कि मिथलेश और डॉक्टर अकरम दोनों की महेंद्र गायत्री अस्पताल में नौकरी करते हैं। मिथलेश इससे पहले एक मार्केटिंग कंपनी में नौकरी करके होजरी का सामान बेचती थी। कॉलोनियों में घूमने के दौरान वह घरों की रेकी करने का काम करती थी। उन्होंने बताया कि गैंग के सदस्यों के बारे में पूरी जानकारी कराने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई कराई जाएगी।
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चोरों का सरगना बनना चाहती थी मिथलेश
-बदायूं की मिथेलश बरेली कॉलेज से एमए कर रही है। गैंग के सरगना सर्वेश उससे शादी करना चाहता था। उसने महानगर से चोरी की साड़ियों में से दो मिथलेश को गिफ्ट में दी थीं। मिथलेश से सर्वेश ने क्लोरोफार्म दिलाने को कहा तो उसने डॉक्टर अकरम से मदद मांग ली। अकरम को यह लालच दिया कि दो हजार के क्लोरोफार्म के वह चोरों से बीस हजार रुपये दिलाएगी। मिथलेश के अकरम से भी करीबी रिश्ते थे। इसलिए सीवान,बिहार से बीयूएमएस करके गायत्री अस्पताल में ईएमओ की नौकरी करने वाला अकरम भी लालच में फंस गया। पुलिस के मुताबिक मिथलेश गैंग की सरगना बनने का सपना देख रही थी। सर्वेश से उसने कहा था कि आगे चोरी की घटनाओं में वह खुद भी रहेगी।
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दुष्कर्म के आरोप में जेल जा चुके हैं आरोपी
-वर्ष 2010 में सर्वेश एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के आरोप में जेल गया था। इसके अलावा वह चोरी के मामले में भी जेल गया था। आरोपी शखावत चार माह पहले गैंगरेप और लूट के मामले में जेल से जमानत पर छूटा था। इसके अलावा जतिन अरोड़ा को भी कई बार पुलिस ने चेन स्नैचिंग में उठाया है। अंकित पटेल के पास से 18 जून 2014 को एके-47 का कारतूस बरामद हुआ था।

इस टीम को मिली कामयाबी
इंस्पेक्टर बारादरी मोहम्मद कासिम, एसएसआई शाहिद चौहान, दरोगा सुभाष यादव, हरकेश सिंह, सिपाही मुकेश गिरि, रूम सिंह को चोरी का गैंग पकड़ने में कामयाबी मिली है। एसपी सिटी ने टीम को इनाम दिलाने की घोषणा की है।  

इस तरह गैंग तक पहुंची पुलिस
पुलिस की तो अपनी कहानी होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि पुलिस टीम चोरों के गैंग तक इस तरह पहुंची है। हुआ यह कि पुलिस को सूचना मिली कि एक लड़की क्लोरोफार्म खरीदकर ले गई है। वह किला इलाके में रहती है। पुलिस ने सूचना पर छापामारी की तो शोर मच गया कि सेक्स रैकेट पकड़ा गया है। पुलिस के आला अधिकारियों से भी इस संबंध में सवाल-जबाव किए गए। लेकिन सभी ने चुप्पी साध ली। लेकिन जब लड़की ने अपने सभी साथियों के नाम बता दिए। पुलिस ने एक-एक करके सभी को पकड़कर माल बरामद कर लिया।



-हमने एक सप्ताह पहले ही अकरम को अस्पताल से निकाल दिया था। मिथलेश तो एक-दो दिन ही उनके यहां नौकरी करने आई थी। इन दोनों से हमारा कोई मतलब नहीं है- डॉक्टर महेंद्र गंगवार, एमडी, महेंद्र गायत्री अस्पताल
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