आईजी ने कहा, फिर भी नहीं लिखाया मुकदमा
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बरेली कॉलेज की शिक्षक डॉ. क्षमा द्विवेदी से अभद्र व्यवहार और धमकी देकर सरकारी काम में बाधा डालने के के प्रकरण में पुलिस अफसरों ने राजनीतिक दबाव के आगे पूरी तरह सरेंडर कर दिया। आरोपी छात्र नेता हृदेश यादव की गिरफ्तारी न करने से हुई फजीहत के मद्देनजर आईजी विजय सिंह मीना ने एसपी सिटी को हंगामा करने वालों पर मुकदमा लिखाने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि फुटेज देखकर कार्रवाई कराइए लेकिन दबाव के आगे आला अफसर के आदेश की अनदेखी कर दी गई। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को बरेली कॉलेज में जो हुआ वह छात्र नेता हृदेश की गिरफ्तारी का रिएक्शन था। पुलिस के साथ भी बदसलूकी हुई लेकिन कोई भी कार्रवाई हालात देखकर की जाती है। प्राचार्य सोमेश यादव के कहने पर ही ह्देश यादव के खिलाफ शिक्षिका के साथ बदसलूकी करने का मामला दर्ज हुआ था और फिर उन्हीं के कहने पर उसे छोड़ दिया गया। अब हृदेश के खिलाफ शिक्षिका की ओर से लिखाए गए मुकदमे में अदालत में चार्जशीट दाखिल करा दी जाएगी।
यहां बता दें कि किसी भी मुकदमे में चार्जशीट दाखिल करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। सवाल उठ रहा है कि अगर एक छात्र नेता की गिरफ्तारी करने के मामले में पुलिस का यह हाल है तो दंगे-फसाद जैसे हालात में उसकी हालत क्या होगी। बता दें कि इससे पहले भी हृदेश ने दो भाइयों के बीच हुए झगड़े के बाद थाना बारादरी पहुंचकर हंगामा करते हुए पुलिस अफसरों पर गलत टिप्पणी की थी, तब भी पुलिस उस पर कोई कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साध गई।