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रेप पीड़िता ने फांसी लगा ली
बरेली
Updated Sun, 10 May 2015 01:54 AM IST
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लोहारनगला गांव में 16 साल की जिस लड़की ने छह महीने पहले अपहरण और दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, शनिवार को उसने फांसी पर लटक कर जान दे दी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में लड़की के पिता ने शपथ पत्र देकर केस बंद करा दिया था। बताया जा रहा है कि लड़की आरोपियों से सुलह कर लेने से नाराज थी। समाज के तानों की डर से वह घर से बाहर भी नहीं निकल रही थी। हालांकि घर वालों ने पड़ोसी के मोबाइल को लेकर हुए विवाद में जान देने की बात कही है मगर गांव वाले इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। घर वालों ने पुलिस को सूचना दिए बिना उसका दाह संस्कार कर दिया।
लड़की को छह अक्तूबर, 2014 को गांव के ही कारचोबी ठेकेदार आसिफ पुत्र जाकिर, इसराइल पुत्र इस्माइल ले गए थे। पिता की तहरीर पर फतेहगंज पश्चिमी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। तीन दिन बाद शाही पुलिस ने लड़की को शाही कस्बे के पास रम्पुरा तिराहे से बरामद किया था। लोगों के गुस्से के बाद पुलिस ने बरामदगी के दो दिन बाद लड़की को मेडिकल के लिए भेजा था। कोर्ट में 164 के बयान में लड़की ने दोनों आरोपियों पर अपहरण और लोहारनगला के प्रधान के पति प्रेम किशोर गंगवार पर दुराचार का इल्जाम लगाया था। हालांकि पुलिस मेडिकल में दुराचार की पुष्टि न होने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि बाद में लड़की ने शपथ पत्र देकर कह दिया था कि वह अपनी इच्छा से रिश्तेदारी में चली गई थी। उसके साथ कोई घटना ही नहीं हुई है। इस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस को बंद कर दिया था। उधर, लड़की की मां का कहना है कि वह दवा लेने सोरहा और पति परसाखेड़ा काम पर गए थे। लड़की गांव के छोटे के घर से उसके बेटे सनी का मोबाइल फोन उठा लाई थी। सनी गुस्से में घर से मोबाइल छीनकर ले गया। इसी बात से नाराज होकर उसने फांसी पर लटक कर जान दी है। सूचना पर कार्यवाहक एसओ अवधेश कुमार और एसआई आरएस सिद्धू शाम को गांव पहुंचे। एसओ अखिलेश यादव ने बताया कि रविवार को मामले की विस्तृत जांच करेंगे। लड़की की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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लड़की को छह अक्तूबर, 2014 को गांव के ही कारचोबी ठेकेदार आसिफ पुत्र जाकिर, इसराइल पुत्र इस्माइल ले गए थे। पिता की तहरीर पर फतेहगंज पश्चिमी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। तीन दिन बाद शाही पुलिस ने लड़की को शाही कस्बे के पास रम्पुरा तिराहे से बरामद किया था। लोगों के गुस्से के बाद पुलिस ने बरामदगी के दो दिन बाद लड़की को मेडिकल के लिए भेजा था। कोर्ट में 164 के बयान में लड़की ने दोनों आरोपियों पर अपहरण और लोहारनगला के प्रधान के पति प्रेम किशोर गंगवार पर दुराचार का इल्जाम लगाया था। हालांकि पुलिस मेडिकल में दुराचार की पुष्टि न होने का दावा कर रही है। पुलिस का कहना है कि बाद में लड़की ने शपथ पत्र देकर कह दिया था कि वह अपनी इच्छा से रिश्तेदारी में चली गई थी। उसके साथ कोई घटना ही नहीं हुई है। इस पर फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस को बंद कर दिया था। उधर, लड़की की मां का कहना है कि वह दवा लेने सोरहा और पति परसाखेड़ा काम पर गए थे। लड़की गांव के छोटे के घर से उसके बेटे सनी का मोबाइल फोन उठा लाई थी। सनी गुस्से में घर से मोबाइल छीनकर ले गया। इसी बात से नाराज होकर उसने फांसी पर लटक कर जान दी है। सूचना पर कार्यवाहक एसओ अवधेश कुमार और एसआई आरएस सिद्धू शाम को गांव पहुंचे। एसओ अखिलेश यादव ने बताया कि रविवार को मामले की विस्तृत जांच करेंगे। लड़की की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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